4 Feb 2026, Wed

Budget 2026: रेलवे में क्या हो सकता है खास? नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेन सहित इन पर रह सकता है फोकस

Budget 2026: रेलवे पर सरकार का बड़ा दांव, ₹2.8 लाख करोड़ तक जा सकता है बजट, सीनियर सिटीजन छूट पर सबकी नजर

नई दिल्ली:
केंद्र सरकार का आगामी यूनियन बजट 2026–27 भारतीय रेलवे के लिए एक बार फिर अहम साबित हो सकता है। पिछले कुछ वर्षों से रेलवे को लगातार रिकॉर्ड आवंटन मिल रहा है और इस बार भी कैपिटल एक्सपेंडिचर में स्थिरता या हल्की बढ़ोतरी की पूरी संभावना है। विशेषज्ञों के अनुसार, बजट 2026 में रेलवे के लिए कुल प्रावधान ₹2.65 लाख करोड़ से बढ़कर ₹2.8 लाख करोड़ तक पहुंच सकता है, जो पिछले वित्त वर्ष की तुलना में करीब 8% की वृद्धि दर्शाता है।

सरकार का फोकस रेलवे को आधुनिक, सुरक्षित, पर्यावरण-अनुकूल और यात्री-केंद्रित बनाने पर रहेगा, जो ‘विकसित भारत 2047’ के विजन के अनुरूप है।


सुरक्षा को मिलेगी सर्वोच्च प्राथमिकता

बजट 2026 में रेलवे सुरक्षा के लिए बड़े ऐलान की उम्मीद है।
स्वदेशी एंटी-कॉलिजन सिस्टम ‘कवच’ (Kavach 4.0–5.0) के विस्तार के लिए भारी फंडिंग की जा सकती है। व्यस्त और हाई-डेंसिटी रूट्स पर कवच के तेज़ रोलआउट से ट्रेन दुर्घटनाओं में बड़ी कमी आने की संभावना है। रेलवे मंत्रालय पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।


वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों पर रहेगा फोकस

लंबी दूरी की यात्राओं को आरामदायक और आधुनिक बनाने के लिए 20 नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों के ऐलान की उम्मीद जताई जा रही है।
24-कोच वाली ये एडवांस्ड ट्रेनें AC पैंट्री, ज्यादा बर्थ, बेहतर फायर सेफ्टी, CCTV निगरानी और कवच सिस्टम से लैस होंगी। माना जा रहा है कि आने वाले वर्षों में ये ट्रेनें राजधानी और शताब्दी एक्सप्रेस जैसी प्रीमियम ट्रेनों का विकल्प बन सकती हैं।


AI और स्मार्ट रेलवे की दिशा में कदम

बजट 2026 में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और स्मार्ट टेक्नोलॉजी पर भी खास ध्यान दिया जा सकता है।
स्टेशनों के रीडेवलपमेंट, सिग्नलिंग सिस्टम में AI का इस्तेमाल, स्मार्ट मॉनिटरिंग और ऑपरेशनल एफिशिएंसी बढ़ाने की योजनाएं बजट का अहम हिस्सा हो सकती हैं। इससे ट्रेनों की स्पीड, पंक्चुअलिटी और क्षमता में सुधार होगा।


सीनियर सिटीजन कंसेशन की बहाली पर नजर

कोविड-19 के बाद साल 2020 से बंद पड़ी सीनियर सिटीजन रेल कंसेशन की बहाली इस बजट की सबसे बड़ी उम्मीद मानी जा रही है।
मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों में बुजुर्गों को मिलने वाली 40–50% छूट फिर से शुरू करने की मांग लंबे समय से की जा रही है। अगर बजट 2026 में इसकी घोषणा होती है, तो इससे लाखों वरिष्ठ नागरिकों को बड़ी राहत मिलेगी।


ग्रीन रेलवे: हाइड्रोजन ट्रेनों को मिलेगा बढ़ावा

पर्यावरण संरक्षण की दिशा में ग्रीन हाइड्रोजन आधारित ट्रेनों को लेकर भी बजट में नीतिगत समर्थन और फंडिंग की उम्मीद है। पायलट प्रोजेक्ट्स को कमर्शियल स्तर पर ले जाने से भारतीय रेलवे नेट-ज़ीरो एमिशन लक्ष्य की ओर एक बड़ा कदम बढ़ा सकता है।


निष्कर्ष

कुल मिलाकर, बजट 2026 में रेलवे के लिए कैपिटल एक्सपेंडिचर की निरंतरता से वंदे भारत, कवच, AI और ग्रीन टेक्नोलॉजी जैसे प्रोजेक्ट्स को नई गति मिल सकती है। अब सबकी नजरें 1 फरवरी 2026 को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की बजट प्रस्तुति पर टिकी हैं।

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