11 Feb 2026, Wed

Bangladesh Elections: बांग्लादेश के चुनाव में आसान नहीं BNP की राह, समझें क्या है तारिक रहमान की स्थिति

ढाका: बांग्लादेश में 12 फरवरी को होने वाले आम चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इस बार चुनाव का माहौल काफी अलग है क्योंकि प्रधानमंत्री शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग पर बैन है। इस स्थिति ने बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के लिए नई संभावनाओं के दरवाजे खोल दिए हैं। पार्टी के अध्यक्ष तारिक रहमान की रणनीति और चुनावी नेतृत्व इस बार पूरे चुनावी परिदृश्य को प्रभावित कर सकता है।

BNP की स्थिति और चुनौती

BNP की स्थापना पूर्व राष्ट्रपति जियाउर रहमान ने की थी। यह पार्टी दशकों तक बांग्लादेश की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रही है। हाल के वर्षों में पार्टी को कई राजनीतिक दबाव, कानूनी मुद्दे और संगठनात्मक कमजोरियों का सामना करना पड़ा। पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के निधन और स्वास्थ्य समस्याओं के बाद पार्टी नेतृत्व तारिक रहमान के हाथ में आ गया है। चुनाव न केवल पार्टी की सत्ता की संभावनाओं के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि तारिक रहमान के सियासी भविष्य का भी निर्धारण करेगा।

तारिक रहमान का सियासी सफर

तारिक रहमान, पूर्व राष्ट्रपति जियाउर रहमान और पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के पुत्र हैं। लंबे समय तक BNP की रणनीतिक योजना और संगठनात्मक सुधार में उन्होंने अहम भूमिका निभाई है। युवा नेतृत्व को आगे लाने और जमीनी स्तर पर नेटवर्क मजबूत करने में उनकी भूमिका सराहनीय रही है। हालांकि, उनके करियर पर भ्रष्टाचार और कानूनी मामलों के आरोप भी रहे हैं। BNP समर्थक इन आरोपों को राजनीतिक प्रतिशोध मानते हैं और इसे चुनावी प्रचार में उपयोग कर रहे हैं।

चुनावी रणनीति और जनता का समर्थन

तारिक रहमान ने चुनावी सभाओं में खुद को लोकतंत्र समर्थक नेता के रूप में पेश किया है। उन्होंने बार-बार कहा है कि BNP का लक्ष्य केवल सत्ता हासिल करना नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था और कानून के शासन की बहाली है। उनके भाषणों में स्वतंत्र चुनाव आयोग, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और कानून के शासन पर जोर दिखाई देता है। इसके अलावा, युवा और नए वोटर्स उनके भाषणों और रैलियों में सक्रिय रूप से शामिल हो रहे हैं, जो पार्टी के लिए नई ऊर्जा का संकेत है।

अंतरराष्ट्रीय नजर और चुनाव की चुनौती

बांग्लादेश में चुनाव पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भी नजर है। पश्चिमी देश और मानवाधिकार संगठन निष्पक्ष चुनाव की चिंता व्यक्त कर चुके हैं। BNP ने इस स्थिति को अपने पक्ष में भुनाने की कोशिश की है। वहीं, अंतरिम सरकार ने बार-बार कहा कि चुनाव संविधान के अनुसार संपन्न होंगे।

BNP का भविष्य और सियासी परिदृश्य

तारिक रहमान के लिए सबसे बड़ी चुनौती पार्टी को एकजुट रखना और जमीनी स्तर पर पकड़ मजबूत करना है। वे BNP में नई ऊर्जा का स्रोत बन सकते हैं, लेकिन कानूनी परेशानियां और देश में कट्टरपंथी ताकतों का दबाव उन्हें मुश्किल में डाल सकते हैं। रहमान ने हाल ही में कहा कि अगर उनकी पार्टी सत्ता में आती है, तो वे बांग्लादेश फर्स्ट नीति अपनाएंगे और विदेश नीति में आपसी विश्वास और सम्मान पर जोर देंगे।

बांग्लादेश के चुनाव और तारिक रहमान की भूमिका इस बार देश की लोकतांत्रिक राजनीति और राजनीतिक दिशा के लिए निर्णायक साबित होने जा रही है।

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