AI को लेकर राम गोपाल यादव का बड़ा बयान, बोले- “बेरोजगारी बढ़ेगी, दिमाग का विकास रुक जाएगा”
नई दिल्ली। राजधानी में आयोजित AI इम्पैक्ट समिट के बीच आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर सियासी बहस तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सांसद Ram Gopal Yadav ने AI को मानव समाज के लिए खतरनाक बताते हुए कहा है कि इसके बढ़ते इस्तेमाल से न केवल बेरोजगारी बढ़ेगी, बल्कि इंसान के मस्तिष्क का विकास भी रुक जाएगा। उनका यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
नई दिल्ली में हुआ AI इम्पैक्ट समिट
भारत की राजधानी New Delhi में हाल ही में AI इम्पैक्ट समिट का आयोजन किया गया, जिसमें कई देशों के प्रतिनिधि, उद्योगपति और तकनीकी विशेषज्ञ शामिल हुए। भारत को AI के बड़े बाजारों में से एक माना जा रहा है और सरकार की डिजिटल नीतियों की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना भी हुई है।
इसी बीच राम गोपाल यादव का बयान इस बहस को एक अलग दिशा दे गया है।
“AI से मस्तिष्क निष्क्रिय हो जाएगा”
राम गोपाल यादव ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए लिखा कि AI के प्रयोग से दुनिया भर में बेरोजगारी बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि इससे भी अधिक खतरनाक बात यह है कि व्यक्ति के मस्तिष्क का विकास रुक जाएगा।
उन्होंने लिखा, “यह सर्वविदित है कि शरीर के जिस अंग का प्रयोग नहीं होता, वह निष्प्रभावी हो जाता है। आने वाली पीढ़ियां अपने दिमाग से एक चिट्ठी भी नहीं लिख सकेंगीं। शिक्षा का उद्देश्य मनुष्य के व्यक्तित्व के संपूर्ण विकास का होता है, लेकिन AI व्यक्ति को दिमागी विकलांगता की तरफ ले जाएगी।”
उन्होंने पश्चिमी देशों की अंधी नकल को आत्मघाती कदम बताते हुए सावधानी बरतने की अपील की।
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
सांसद के बयान के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। कुछ यूजर्स ने उनकी बात का समर्थन किया, तो कुछ ने AI को अवसर के रूप में देखने की सलाह दी।
प्रोफेसर सतीश पांडेय नामक यूजर ने लिखा कि AI हमारी तार्किक क्षमता को कुंद कर रही है। उन्होंने कहा कि लोग सवाल पूछते हैं और तुरंत जवाब मिलने के बाद आगे खोजबीन करना बंद कर देते हैं, जिससे आलोचनात्मक सोच प्रभावित होती है।
वहीं विकाश कुमार नाम के एक अन्य यूजर ने अलग राय रखते हुए लिखा कि असली खतरा तकनीक नहीं, बल्कि उसका गलत उपयोग है। उन्होंने कहा कि यदि नई पीढ़ी AI का प्रयोग प्रयोगशाला की तरह करेगी, तो उनकी सोच और भी जटिल और उन्नत हो सकती है।
AI: अवसर या चुनौती?
विशेषज्ञों का मानना है कि AI तकनीक स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, रक्षा और उद्योग जैसे कई क्षेत्रों में क्रांतिकारी बदलाव ला सकती है। हालांकि, रोजगार और कौशल विकास को लेकर चिंताएं भी सामने आ रही हैं।
राम गोपाल यादव का बयान ऐसे समय में आया है जब भारत में AI को बढ़ावा देने के लिए नीतिगत स्तर पर कई कदम उठाए जा रहे हैं। ऐसे में यह बहस आने वाले दिनों में और तेज होने की संभावना है कि AI मानव विकास के लिए वरदान है या चुनौती।

