4 Nov 2026, Wed

कोटक महिंद्रा बैंक खरीदेगा Deutsche Bank का रिटेल और प्राइवेट बैंकिंग कारोबार, CCI से मिली अधिग्रहण की मंजूरी

नई दिल्ली: भारत के बैंकिंग सेक्टर में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। कोटक महिंद्रा बैंक जर्मनी के प्रमुख बैंक ड्यूश बैंक (Deutsche Bank) के भारत में रिटेल बैंकिंग, प्राइवेट बैंकिंग और वेल्थ मैनेजमेंट कारोबार का अधिग्रहण करने जा रहा है। इस प्रस्तावित सौदे को भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) से मंजूरी मिल गई है। इस अधिग्रहण से कोटक महिंद्रा बैंक को अपने कारोबार का विस्तार करने और ग्राहकों के बीच अपनी पहुंच मजबूत बनाने में मदद मिल सकती है।

CCI की मंजूरी इस सौदे की प्रक्रिया में एक अहम कदम है। हालांकि, मंजूरी मिलने का मतलब यह नहीं है कि अधिग्रहण की सभी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं। सौदे के अंतिम रूप से पूरा होने के लिए अन्य लागू शर्तों और प्रक्रियाओं का पालन भी जरूरी होगा।

रिटेल और प्राइवेट बैंकिंग कारोबार होगा ट्रांसफर

भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग के अनुसार, कोटक महिंद्रा बैंक भारत में ड्यूश बैंक की शाखाओं के माध्यम से संचालित रिटेल बैंकिंग, प्राइवेट बैंकिंग और वेल्थ मैनेजमेंट कारोबार का अधिग्रहण करेगा। यह सौदा स्लंप सेल के आधार पर किया जाएगा।

स्लंप सेल का मतलब है कि किसी कारोबार को उसकी अलग-अलग संपत्तियों और देनदारियों का स्वतंत्र मूल्य तय किए बिना एक इकाई के रूप में ट्रांसफर किया जाता है। इस सौदे में संबंधित कारोबार को चालू व्यवसाय के रूप में आगे बढ़ाने की व्यवस्था शामिल है।

इस अधिग्रहण के बाद ड्यूश बैंक के संबंधित भारतीय कारोबार से जुड़े ग्राहक कोटक महिंद्रा बैंक के साथ जुड़ सकते हैं। हालांकि, ग्राहकों के खातों, सेवाओं और अन्य व्यवस्थाओं में बदलाव से जुड़ी विस्तृत जानकारी संबंधित बैंकों की आधिकारिक घोषणा पर निर्भर करेगी।

29,000 करोड़ रुपये के लोन होंगे शामिल

दोनों बैंकों ने जून में इस प्रस्तावित सौदे के लिए अंतिम समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। उस समय उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, ड्यूश बैंक के संबंधित कारोबार में करीब 29,000 करोड़ रुपये के लोन शामिल हैं।

इसके अलावा, लगभग 16,000 करोड़ रुपये की जमा राशि और करीब 10,500 करोड़ रुपये की एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) भी इस कारोबार का हिस्सा हैं। AUM का अर्थ उन निवेशों और संपत्तियों से है, जिनका प्रबंधन वित्तीय संस्थान अपने ग्राहकों की ओर से करते हैं।

इतने बड़े कारोबार के अधिग्रहण से कोटक महिंद्रा बैंक को अपने ग्राहक आधार, प्राइवेट बैंकिंग सेवाओं और वेल्थ मैनेजमेंट कारोबार को बढ़ाने का अवसर मिल सकता है।

निवेश सलाह और पोर्टफोलियो सेवाओं पर भी असर

इस सौदे में निवेश से जुड़ी सेवाओं के लिए रेफरल व्यवस्था भी शामिल है। इसके तहत ड्यूश इन्वेस्टमेंट्स इंडिया की इन्वेस्टमेंट एडवाइजरी और पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सेवाओं के ग्राहकों को कोटक महिंद्रा बैंक की संबंधित पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनियों के पास भेजा जाएगा।

इस व्यवस्था से दोनों समूहों के बीच ग्राहकों को सेवाएं उपलब्ध कराने का तरीका प्रभावित हो सकता है। संबंधित ग्राहकों के लिए किसी भी बदलाव की जानकारी आधिकारिक निर्देशों के माध्यम से स्पष्ट होगी।

दोनों बैंकिंग समूहों की मजबूत मौजूदगी

साल 1985 में स्थापित कोटक महिंद्रा ग्रुप भारत के प्रमुख वित्तीय सेवा समूहों में शामिल है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 31 मार्च 2026 तक समूह की कुल संपत्ति 10,03,353 करोड़ रुपये थी। वहीं, ड्यूश बैंक की मौजूदगी यूरोप के अलावा अमेरिका और एशिया-पैसिफिक क्षेत्र में भी है।

कुल मिलाकर, यह सौदा भारतीय बैंकिंग बाजार में कोटक महिंद्रा बैंक की स्थिति मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है। अब बाजार की नजर अधिग्रहण पूरा होने की प्रक्रिया और ग्राहकों के लिए घोषित होने वाले अगले कदमों पर रहेगी।


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