3 Nov 2026, Tue

12 करोड़ के फ्लैट में ‘हाउस अरेस्ट’? गुरुग्राम के ट्रंप टावर में बिल्डर पर लिफ्ट बंद करने का आरोप, परिवार 36वें फ्लोर पर फंसा रहा

गुरुग्राम: हरियाणा के गुरुग्राम में स्थित आलीशान ट्रंप टावर से जुड़ा एक विवाद सामने आया है। यहां रहने वाले एक फ्लैट मालिक वरुण सुहाग ने बिल्डर और सोसायटी प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि मेंटेनेंस और एग्रीमेंट से जुड़े विवाद के बाद उन्हें और उनके परिवार को ऐसी स्थिति का सामना करना पड़ा, जिसे उन्होंने हाउस अरेस्ट जैसा बताया। आरोप है कि 36वीं मंजिल पर स्थित उनके फ्लैट तक आने-जाने के लिए इस्तेमाल होने वाली लिफ्ट बंद कर दी गई, जिससे परिवार को करीब 45 मिनट तक परेशानी झेलनी पड़ी।

वरुण सुहाग के मुताबिक, पुलिस में शिकायत किए जाने के बाद लिफ्ट सेवा दोबारा शुरू हुई। हालांकि, इस मामले में बिल्डर और सोसायटी प्रबंधन का पक्ष सामने आना भी जरूरी है, ताकि विवाद की पूरी स्थिति स्पष्ट हो सके।

मेंटेनेंस और एग्रीमेंट को लेकर विवाद

जानकारी के अनुसार, यह मामला गुरुग्राम के सेक्टर-65 स्थित ट्रंप टावर का है। यहां फ्लैट के मेंटेनेंस और एग्रीमेंट से जुड़े मुद्दों को लेकर निवासी और बिल्डर के बीच विवाद होने का दावा किया गया है।

वरुण सुहाग का आरोप है कि विवाद के बाद उनके परिवार के लिए लिफ्ट की सुविधा बंद कर दी गई। उनका कहना है कि 36वीं मंजिल पर स्थित फ्लैट में रहने के कारण लिफ्ट के बिना बाहर निकलना और जरूरी काम करना मुश्किल हो गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि फ्लैट पर सामान और अन्य सेवाओं की डिलीवरी भी रोक दी गई।

इन आरोपों के सामने आने के बाद आवासीय सोसायटियों में निवासियों की सुविधाओं और बिल्डर प्रबंधन की जिम्मेदारी को लेकर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, लिफ्ट बंद किए जाने और डिलीवरी सेवाएं रोके जाने के पीछे की पूरी वजह की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।

परिवार में बुजुर्ग मां और एक साल का बच्चा भी

वरुण सुहाग ने सोशल मीडिया पर अपनी परेशानी साझा करते हुए बताया कि उनके परिवार में बुजुर्ग मां और एक साल का बच्चा भी है। उन्होंने चिंता जताई कि यदि परिवार के किसी सदस्य को अचानक चिकित्सा सहायता की जरूरत पड़ जाए, तो लिफ्ट बंद होने से स्थिति गंभीर हो सकती है।

उनका कहना है कि ऊंची मंजिल पर रहने वाले परिवार के लिए लिफ्ट केवल सुविधा नहीं, बल्कि रोजमर्रा की जरूरत है। खासकर बुजुर्गों, छोटे बच्चों और स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थितियों में इसकी उपलब्धता बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है।

वरुण ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो और सोसायटी प्रबंधन को भेजे गए व्हाट्सऐप संदेश का स्क्रीनशॉट भी साझा किया है। इन पोस्ट के जरिए उन्होंने अपनी शिकायत सार्वजनिक की और संबंधित प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।

करोड़ों रुपये के फ्लैट, फिर भी सुविधाओं पर विवाद

ट्रंप टावर को गुरुग्राम की महंगी आवासीय परियोजनाओं में गिना जाता है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, यहां तीन बेडरूम वाले फ्लैट की कीमत लगभग 12 करोड़ रुपये और चार बेडरूम वाले फ्लैट की कीमत करीब 18 करोड़ रुपये तक बताई जाती है।

ऐसे महंगे आवासीय परिसर में बुनियादी सुविधाओं को लेकर विवाद सामने आने से निवासियों के अधिकारों और प्रबंधन की जवाबदेही पर चर्चा तेज हो गई है। किसी भी आवासीय परिसर में मेंटेनेंस शुल्क या अनुबंध को लेकर मतभेद होने पर उसका समाधान उचित प्रक्रिया के जरिए किया जाना चाहिए। आवश्यक सेवाओं को लेकर विवाद की स्थिति में निवासियों की सुरक्षा और आपातकालीन पहुंच को भी ध्यान में रखना जरूरी है।

फिलहाल, वरुण सुहाग के आरोपों और शिकायत के आधार पर मामले की पूरी स्थिति स्पष्ट होना बाकी है। बिल्डर और सोसायटी प्रबंधन का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद ही विवाद की वजह और जिम्मेदारी को लेकर अधिक स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी।

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