कीव: रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध के दौरान एक बार फिर भीषण हमले की खबर सामने आई है। दक्षिणी यूक्रेन के एक गांव में सहायता वितरण केंद्र और आश्रय स्थल को निशाना बनाकर की गई बमबारी में 26 लोगों की मौत हो गई। इस हमले में कई अन्य लोगों के घायल होने और मलबे में दबे होने की आशंका है। स्थानीय प्रशासन के अनुसार, राहत एवं बचाव अभियान जारी है और मृतकों की संख्या बढ़ सकती है।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, जिस इमारत पर हमला हुआ, उसका इस्तेमाल जरूरतमंद लोगों को मानवीय सहायता पहुंचाने के लिए किया जा रहा था। यहां लोगों को जरूरी सामान उपलब्ध कराया जाता था। हमले में इमारत को भारी नुकसान पहुंचा और आसपास के क्षेत्र में भी तबाही देखने को मिली। इसके बाद बचाव दल मौके पर पहुंचा और मलबे में फंसे लोगों की तलाश शुरू की गई।
सहायता केंद्र को बनाया गया निशाना
यूक्रेन के अधिकारियों के अनुसार, दक्षिणी क्षेत्र के कोमिशुवाखा गांव में पहले उस स्कूल की इमारत पर हमला किया गया, जहां मानवीय सहायता का वितरण किया जा रहा था। इसके बाद पास स्थित एक आश्रय स्थल को भी निशाना बनाया गया। इन हमलों के कारण वहां मौजूद लोगों को संभलने का मौका नहीं मिला और कई लोग इसकी चपेट में आ गए।
यूक्रेन के राष्ट्रपति ने इस घटना की जानकारी साझा करते हुए रूस पर तनाव कम करने की दिशा में कदम नहीं उठाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मानवीय सहायता पहुंचाने वाली जगहों और लोगों की सुरक्षा के लिए इस्तेमाल होने वाले आश्रय स्थलों पर हमले बेहद गंभीर हैं। इस घटना ने युद्धग्रस्त क्षेत्रों में आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मलबे में दबे लोगों की तलाश जारी
हमले के बाद राहत एवं बचाव कर्मियों ने क्षतिग्रस्त इमारतों में फंसे लोगों को निकालने का अभियान शुरू किया। रात के समय बचावकर्मी टॉर्च की मदद से मलबे में जीवित लोगों की तलाश करते दिखाई दिए। स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, करीब 20 लोग लापता बताए जा रहे हैं।
बचाव अभियान के दौरान दोबारा ड्रोन हमले होने की जानकारी भी सामने आई है। एक स्थानीय सैन्य अधिकारी के अनुसार, सोमवार शाम को उस इलाके में रूसी ड्रोन ने फिर हमला किया, जहां पहले बमबारी हुई थी। इससे बचाव कार्य में बाधा आने की आशंका पैदा हो गई। हालांकि, दोबारा हुए हमलों से हुए नुकसान की पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
सीजफायर खत्म होने के बाद बढ़ा तनाव
यह हमला ऐसे समय में हुआ, जब दक्षिणी क्षेत्र में मानवीय सहायता पहुंचाने और लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए लागू सीमित युद्धविराम की अवधि समाप्त हो चुकी थी। इस व्यवस्था का उद्देश्य प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री पहुंचाने और नागरिकों को सुरक्षित स्थानों तक ले जाने की अनुमति देना था।
यूक्रेनी नेतृत्व ने आशंका जताई है कि आने वाले दिनों में हमलों की तीव्रता और बढ़ सकती है। युद्ध के कारण कई क्षेत्रों में नागरिकों को भोजन, चिकित्सा सुविधाओं और सुरक्षित आश्रय की कमी का सामना करना पड़ रहा है।
फिलहाल, घटनास्थल पर राहत एवं बचाव कार्य जारी है। अधिकारी लापता लोगों का पता लगाने और घायलों को चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने में जुटे हैं। इस हमले ने एक बार फिर युद्ध के बीच आम नागरिकों की सुरक्षा और मानवीय सहायता केंद्रों की संरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं बढ़ा दी हैं।

