फ्रांस में लगातार तीसरे सप्ताहांत विरोध-प्रदर्शन होने की आशंका के बीच सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। बढ़ती महंगाई और शिक्षण संस्थानों के लिए पर्याप्त फंडिंग की मांग को लेकर शुरू हुआ आंदोलन अब व्यापक रूप लेता दिखाई दे रहा है। संभावित हिंसा और सार्वजनिक व्यवस्था बिगड़ने की आशंका को देखते हुए देशभर में करीब 70 हजार पुलिसकर्मियों और सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है। राजधानी पेरिस सहित कई संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी रखी जा रही है।
हैलोवीन के मौके पर भी सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं। अधिकारियों को आशंका है कि रात के समय कुछ इलाकों में तनाव बढ़ सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रदर्शनकारियों की आवाजाही और मार्च के आयोजन पर कई प्रतिबंध लगाए गए हैं।
पेरिस में मार्च के लिए निर्धारित किया गया नया मार्ग
राजधानी पेरिस में प्रस्तावित मार्च का मार्ग बदलकर शहर के बाहरी हिस्से की ओर कर दिया गया है। पुलिस ने शहर के केंद्र से होकर गुजरने वाले कुछ यूनियनों और येलो वेस्ट आंदोलन से जुड़े प्रदर्शनकारियों के मार्च पर रोक लगाई है।
अब प्रदर्शनकारियों को पोर्ट डी बैग्नोलेट से पोर्ट डी चैरेंटन तक निर्धारित मार्ग पर ही मार्च करने की अनुमति होगी। प्रशासन का उद्देश्य शहर के प्रमुख इलाकों में भीड़ को नियंत्रित करना और किसी भी अप्रिय घटना की आशंका को कम करना है।
यूनियनों और छात्र संगठनों ने इन प्रतिबंधों को अदालत में चुनौती दी थी, लेकिन उन्हें राहत नहीं मिली। इसके बाद प्रशासन ने तय मार्ग और सुरक्षा संबंधी निर्देशों को लागू रखने का फैसला किया।
संवेदनशील इलाकों में आवाजाही पर प्रतिबंध
पेरिस के प्लेस डे ला रिपब्लिक और लेस हालेस जैसे इलाकों में भी सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। इन स्थानों पर पहले दंगा और लूटपाट की घटनाएं सामने आने के बाद प्रशासन विशेष सावधानी बरत रहा है।
दी गई जानकारी के अनुसार, इन दोनों क्षेत्रों में शनिवार और रविवार को रात 11 बजे से सुबह 6 बजे तक लोगों के प्रवेश पर प्रतिबंध रहेगा। सुरक्षा बलों को निर्देश दिए गए हैं कि वे संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बनाए रखें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई करें।
गृह मंत्री लॉरेंट नुनेज ने भी चेतावनी दी है कि हैलोवीन के दिन, विशेष रूप से अंधेरा होने के बाद, अशांति फैलने का खतरा अधिक हो सकता है।
जर्मनी में भी युवाओं के प्रदर्शन की तैयारी
फ्रांस के अलावा जर्मनी और स्पेन में भी विरोध-प्रदर्शनों को लेकर तैयारियां की जा रही हैं। जर्मनी में ‘जेन जेड रेगेल्ट’ नामक युवा समूह ने लगभग 30 शहरों में प्रदर्शन का आह्वान किया है।
इन प्रदर्शनों के जरिए शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, जलवायु संरक्षण और जीवनयापन की बढ़ती लागत जैसे मुद्दों को उठाया जाएगा। राजधानी बर्लिन में ब्रैंडेनबर्ग गेट के पास करीब 10 हजार लोगों के जुटने की उम्मीद जताई गई है।
स्पेन में भी सुरक्षा व्यवस्था सख्त
स्पेन के बार्सिलोना में भी प्रशासन सुरक्षा को लेकर सतर्क है। पिछले सप्ताह हुए दंगों के बाद लगभग 130 लोगों को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई थी। ऐसे में वहां संभावित प्रदर्शनों को देखते हुए अतिरिक्त सावधानी बरती जा रही है।
फ्रांस में महंगाई और शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर शुरू हुआ विरोध अब व्यापक आंदोलन का रूप लेता नजर आ रहा है। यूरोप के अलग-अलग देशों में भी युवाओं की भागीदारी बढ़ रही है। आने वाले दिनों में इन प्रदर्शनों का रुख क्या होगा, यह प्रशासन की कार्रवाई और प्रदर्शनकारियों की मांगों पर निर्भर करेगा। फिलहाल फ्रांस में शांति बनाए रखना और सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।

