2 Nov 2026, Mon

गुप्त कैमरे में कैद हुई पुलिस की करतूत, शिवसेना नेता को फंसाने के लिए ASI ने उसके गद्दे के नीचे रखी हेरोइन, फिर छापेमारी में किया गिरफ्तार

पंजाब के खन्ना से पुलिस विभाग को लेकर एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक शिवसेना नेता को नशे के मामले में फंसाने के लिए कथित तौर पर उनके घर में हेरोइन रखे जाने का आरोप लगा है। घर में लगे गुप्त कैमरे की रिकॉर्डिंग सामने आने के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित सहायक सब-इंस्पेक्टर (ASI) को निलंबित कर दिया है। साथ ही मामले की जांच के लिए विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया है। इस घटनाक्रम के बाद गिरफ्तार किए गए शिवसेना नेता महंत कश्मीर गिरी को भी रिहा कर दिया गया।

घर में हेरोइन मिलने के बाद हुई थी गिरफ्तारी

जानकारी के अनुसार, यह मामला खन्ना के खटीकां चौक के नजदीक रहने वाले शिवसेना नेता महंत कश्मीर गिरी से जुड़ा है। पुलिस ने उनके घर पर कार्रवाई के दौरान बिस्तर के गद्दे के नीचे से हेरोइन मिलने का दावा किया था। इसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।

हालांकि, बाद में घर में लगे गुप्त कैमरे की रिकॉर्डिंग सामने आने से पूरे मामले पर सवाल उठने लगे। आरोप है कि पुलिस की आधिकारिक टीम के पहुंचने से पहले सादे कपड़ों में एक ASI घर के अंदर दाखिल हुआ था। रिकॉर्डिंग में वह कमरे में जाते और बिस्तर के गद्दे के नीचे कुछ रखते हुए दिखाई देने की बात कही गई है।

CCTV फुटेज से मामले में आया नया मोड़

बताया जा रहा है कि संबंधित पुलिस टीम के पहुंचने से पहले की गतिविधियां कैमरे में रिकॉर्ड हो गई थीं। इसके कुछ समय बाद पुलिस अधिकारी और अन्य कर्मचारी उसी कमरे में पहुंचे, जहां से कथित तौर पर हेरोइन बरामद की गई। इसके बाद महंत कश्मीर गिरी को हिरासत में लेकर कार्रवाई की गई थी।

कैमरे की रिकॉर्डिंग सामने आने के बाद पुलिस कार्रवाई की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े हुए। यदि जांच में लगाए गए आरोप सही साबित होते हैं, तो यह पुलिस प्रक्रिया के दुरुपयोग और किसी व्यक्ति को झूठे मामले में फंसाने का गंभीर मामला होगा। हालांकि, आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

SSP ने लिया तत्काल एक्शन

मामले की गंभीरता को देखते हुए खन्ना की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. दर्पण आहलूवालिया ने संबंधित ASI सुखदेव सिंह को निलंबित कर दिया। इसके अलावा, पूरे घटनाक्रम की जांच के लिए एसपी रैंक के अधिकारी की अगुवाई में विशेष जांच टीम गठित की गई है।

जांच टीम मामले से जुड़े सभी तथ्यों, CCTV फुटेज और पुलिस कार्रवाई के क्रम की पड़ताल करेगी। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना होगा कि संबंधित पुलिस कर्मचारी की भूमिका क्या थी और बरामदगी की प्रक्रिया में किसी प्रकार की अनियमितता हुई या नहीं।

नशे के खिलाफ अभियान के बीच उठे सवाल

पंजाब में नशे के खिलाफ लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। ऐसे समय में पुलिस कर्मचारी पर लगे इस तरह के आरोपों ने कानून-व्यवस्था और जांच प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

फिलहाल, ASI का निलंबन और SIT का गठन मामले में शुरुआती कार्रवाई है। अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर है, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटनाक्रम के पीछे वास्तविक तथ्य क्या हैं और जिम्मेदार पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ आगे क्या कार्रवाई की जाएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *