17 Oct 2026, Sat

‘सभी फ्रंट पर जंग खत्म हुए बिना मध्य-पूर्व में नहीं रुकेगा युद्ध’, ईरान ने अमेरिका को वॉर्निंग

लेबनान में इजरायली सैन्य कार्रवाई रोकने की मांग, ईरान ने अमेरिका और इजरायल पर समझौते के उल्लंघन का लगाया आरोप

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित करने के लिए सभी मोर्चों पर युद्ध रोकना जरूरी है। ईरान के उपविदेश मंत्री सईद खतीबजादेह ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसी एक क्षेत्र में भी सैन्य संघर्ष जारी रहता है, तो पूरे क्षेत्र में शांति बहाल करना मुश्किल होगा। उनके बयान से संकेत मिलता है कि ईरान क्षेत्रीय संघर्षों को अलग-अलग घटनाओं के बजाय एक-दूसरे से जुड़ा हुआ मानता है।

सभी मोर्चों पर युद्ध रोकने की मांग

सईद खतीबजादेह के अनुसार, मिडिल ईस्ट में शांति के लिए केवल किसी एक देश या क्षेत्र में संघर्षविराम पर्याप्त नहीं होगा। उनका कहना है कि जब तक सभी मोर्चों पर लड़ाई नहीं रुकती, तब तक युद्ध समाप्त होने का दावा नहीं किया जा सकता।

ईरान ने विशेष रूप से लेबनान में जारी संघर्ष को लेकर चिंता जताई है। खतीबजादेह ने कहा कि इजरायल को लेबनान और लेवेंट क्षेत्र में अपनी सैन्य कार्रवाई रोकनी चाहिए। उनके मुताबिक, इन क्षेत्रों में होने वाली घटनाएं आपस में जुड़ी हुई हैं और एक जगह जारी संघर्ष का असर दूसरे इलाकों की सुरक्षा पर भी पड़ सकता है।

लेबनान में कूटनीतिक प्रयास तेज

ईरान के उपविदेश मंत्री हाल ही में लेबनान की राजधानी बेरूत पहुंचे थे, जहां उन्होंने स्थानीय नेताओं और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बातचीत की। इस दौरान उनकी मुलाकात संसद अध्यक्ष नबीह बेरी, प्रधानमंत्री नवाफ सलाम और विदेश मंत्रालय के प्रतिनिधियों से हुई।

खतीबजादेह ने इन बैठकों को सकारात्मक बताया और कहा कि बातचीत का उद्देश्य संबंधित पक्षों के बीच दूरी कम करना तथा तनाव घटाने के रास्ते तलाशना था। ईरान का दावा है कि लेबनान में संघर्ष समाप्त कराने के प्रयास उसकी क्षेत्रीय कूटनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।

उनके बयान के अनुसार, ईरान और अमेरिका के बीच हुई बातचीत में भी लेबनान का मुद्दा प्रमुखता से शामिल था। ईरान का कहना है कि वह लेबनान के खिलाफ जारी सैन्य कार्रवाई को रोकने के लिए प्रयासरत है।

समझौते के उल्लंघन का आरोप

खतीबजादेह ने अमेरिका और इजरायल पर ईरान तथा लेबनान के खिलाफ हमलों के जरिए इस्लामाबाद में हुए समझौता ज्ञापन का उल्लंघन करने का आरोप लगाया। उनके मुताबिक, संबंधित समझौते में क्षेत्रीय संघर्षों को समाप्त करने का मुद्दा शामिल था।

हालांकि, इन आरोपों और समझौते की शर्तों को लेकर संबंधित पक्षों के अलग-अलग दावे हो सकते हैं। ऐसे में स्थिति का आकलन करने के लिए सभी पक्षों के आधिकारिक बयानों और स्वतंत्र रूप से सत्यापित जानकारी को देखना महत्वपूर्ण है।

मिडिल ईस्ट में शांति की राह चुनौतीपूर्ण

क्षेत्र में जारी तनाव के कारण कूटनीतिक प्रयासों की अहमियत बढ़ गई है। ईरान की मांग है कि संघर्षविराम किसी एक मोर्चे तक सीमित न रहे, बल्कि सभी प्रभावित क्षेत्रों में लागू हो।

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या अमेरिका, इजरायल, ईरान और क्षेत्र के अन्य संबंधित पक्ष किसी व्यापक समाधान पर सहमत हो पाएंगे। यदि बातचीत के जरिए सभी मोर्चों पर तनाव कम करने की दिशा में प्रगति होती है, तो इससे क्षेत्र में स्थिरता की उम्मीद बढ़ सकती है। फिलहाल, मिडिल ईस्ट की स्थिति और संबंधित देशों के अगले कदमों पर दुनिया की नजर बनी हुई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *