16 Oct 2026, Fri

वीरेंद्र सहवाग के बेटे आर्यवीर ने तूफानी अंदाज में ठोके 173 रन, पारी में लगाए 27 चौके-छक्के

भारतीय क्रिकेट के दिग्गज बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग के बेटे आर्यवीर सहवाग ने अपनी शानदार बल्लेबाजी से क्रिकेट जगत का ध्यान खींचा है। अंडर-19 वीनू मांकड़ ट्रॉफी में दिल्ली की ओर से खेलते हुए आर्यवीर ने चंडीगढ़ के खिलाफ मुकाबले में 173 रनों की बेहतरीन पारी खेली। उन्होंने महज 143 गेंदों का सामना करते हुए आक्रामक अंदाज में रन बनाए और अपनी टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।

आर्यवीर इस टूर्नामेंट में दिल्ली अंडर-19 टीम की कप्तानी भी कर रहे हैं। ऐसे में उनकी इस पारी को टीम के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बल्लेबाजी के दौरान उन्होंने मैदान के चारों ओर आकर्षक शॉट लगाए और विरोधी गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा।

143 गेंदों में बनाए 173 रन

चंडीगढ़ अंडर-19 टीम के खिलाफ मुकाबले में आर्यवीर सहवाग ने शुरुआत से ही सकारात्मक अंदाज अपनाया। उन्होंने गेंदों को सही तरीके से समझते हुए मौके के अनुसार आक्रामक शॉट खेले। उनकी पारी में 19 चौके और 8 छक्के शामिल रहे। इस तरह उन्होंने बाउंड्री के जरिए ही 124 रन बना दिए।

आर्यवीर की बल्लेबाजी में शानदार टाइमिंग और तेजी से रन बनाने की क्षमता देखने को मिली। 173 रनों की इस पारी ने दिल्ली की बल्लेबाजी को मजबूती दी। उनका स्ट्राइक रेट 120 से अधिक रहा, जो उनकी आक्रामक बल्लेबाजी को दर्शाता है।

पहले विकेट के लिए हुई 98 रनों की साझेदारी

दिल्ली की पारी की शुरुआत अच्छी रही। आर्यवीर सहवाग और आर्यन बग्गा ने पहले विकेट के लिए 98 रन जोड़े। आर्यन बग्गा ने 39 गेंदों में 47 रन बनाकर टीम को तेज शुरुआत दिलाई। इस साझेदारी ने दिल्ली को शुरुआती ओवरों में मजबूत स्थिति में पहुंचाया।

पहला विकेट गिरने के बाद दिल्ली के अन्य बल्लेबाज बड़ी पारियां खेलने में सफल नहीं रहे। श्रीहन आहूजा ने 3 रन, अभिराज गगन सिंह ने 18 रन और उदय चावला ने 7 रन बनाए। यथार्थ सिंह चौहान बिना खाता खोले रन आउट हो गए।

पारी के अंतिम हिस्से में शांतनु यादव ने नाबाद 27 रन बनाए, जबकि औम ने नाबाद 8 रनों का योगदान दिया। इन पारियों की मदद से दिल्ली ने निर्धारित 50 ओवर में 6 विकेट के नुकसान पर 289 रन बनाए।

चंडीगढ़ के गेंदबाजों ने की विकेट लेने की कोशिश

चंडीगढ़ की ओर से रुपेश यादव सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने 10 ओवर में 42 रन देकर दो विकेट हासिल किए। उनके खाते में दो मेडन ओवर भी रहे। अन्य गेंदबाजों ने भी दिल्ली के बल्लेबाजों को रोकने की कोशिश की, लेकिन आर्यवीर की बड़ी पारी के कारण टीम को पर्याप्त रन बनाने में सफलता मिली।

युवा खिलाड़ी के प्रदर्शन पर टिकी निगाहें

आर्यवीर सहवाग की यह पारी उनके लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। क्रिकेट में किसी भी युवा खिलाड़ी के लिए इस स्तर पर बड़ी पारी खेलना आत्मविश्वास बढ़ाने वाला होता है। हालांकि, आगे भी निरंतर प्रदर्शन करना उनके लिए अहम रहेगा।

दिल्ली अंडर-19 टीम की कप्तानी करते हुए आर्यवीर पर व्यक्तिगत प्रदर्शन के साथ-साथ टीम को आगे ले जाने की जिम्मेदारी भी है। चंडीगढ़ के खिलाफ उनकी 173 रनों की पारी ने उनकी बल्लेबाजी क्षमता की झलक दिखाई है। अब क्रिकेट प्रशंसकों की निगाहें उनके आगामी मुकाबलों और भविष्य के प्रदर्शन पर रहेंगी।

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