17 Oct 2026, Sat

काजोल ने मां और बहन संग की दुर्गा पूजा की शुरुआत, 80 साल पुरानी परंपरा में शामिल हुआ पूरा परिवार, सामने आई झलकियां

मुंबई: देशभर में दुर्गा पूजा के उत्सव की शुरुआत के साथ ही मुंबई में मुखर्जी परिवार की दशकों पुरानी परंपरा एक बार फिर देखने को मिली। अभिनेत्री काजोल अपनी मां तनुजा और बहन तनीषा मुखर्जी के साथ नॉर्थ बॉम्बे सार्वजनिक दुर्गा पूजा के आयोजन में शामिल हुईं। तीनों ने मिलकर पूजा पंडाल का उद्घाटन किया और मां दुर्गा का आशीर्वाद लिया। इस वर्ष यह आयोजन अपना 80वां वर्ष मना रहा है। परिवार के सदस्यों की मौजूदगी ने उत्सव को खास बना दिया।

मां और बहन के साथ पूजा में शामिल हुईं काजोल

दुर्गा पंचमी के अवसर पर काजोल अपनी मां तनुजा और बहन तनीषा के साथ पूजा समारोह में पहुंचीं। इस दौरान परिवार के सदस्यों ने धार्मिक अनुष्ठानों में हिस्सा लिया और मां दुर्गा के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की। समारोह की कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर भी साझा की गईं, जिनमें परिवार का उत्साह और त्योहार के प्रति लगाव नजर आया।

काजोल ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों को याद किया। उन्होंने मां, बेटी, रक्षक और देवी के रूप में शक्ति के महत्व को रेखांकित करते हुए उत्सव की शुरुआत पर खुशी जाहिर की। उनकी पोस्ट में मां दुर्गा के प्रति श्रद्धा और भक्ति का भाव दिखाई दिया।

तनीषा मुखर्जी ने भी साझा कीं उत्सव की झलकियां

तनीषा मुखर्जी ने भी दुर्गा पूजा समारोह की तस्वीरें अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा कीं। उन्होंने इस त्योहार को साल के अपने पसंदीदा समय में से एक बताया और मां दुर्गा के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की।

इस अवसर पर परिवार के अन्य सदस्य भी पूजा में शामिल हुए। फिल्म निर्माता अयान मुखर्जी और अभिनेत्री शरबानी मुखर्जी समेत परिवार के कई लोगों की मौजूदगी ने आयोजन को पारिवारिक उत्सव का रूप दिया। हर साल की तरह इस बार भी परिवार के सदस्यों ने एक साथ मिलकर अपनी पुरानी परंपरा को आगे बढ़ाया।

1948 में हुई थी परंपरा की शुरुआत

नॉर्थ बॉम्बे सार्वजनिक दुर्गा पूजा की शुरुआत वर्ष 1948 में फिल्म निर्माता सशाधर मुखर्जी ने की थी। वह फिल्मालय स्टूडियो के संस्थापक भी थे। इस धार्मिक आयोजन की स्थापना में उनकी पत्नी सतीरानी मुखर्जी, जेएम भद्रा और 26 अन्य सदस्यों ने भी योगदान दिया था।

शुरुआत में पूजा का आयोजन मुंबई के सांताक्रूज स्थित श्री मंडल हॉल में किया गया था, जिसे पोद्दार स्कूल के नाम से भी जाना जाता था। समय के साथ इस उत्सव का विस्तार हुआ और आयोजन स्थल में भी बदलाव आया। बाद में पूजा जुहू स्थित ट्यूलिप स्टार होटल में आयोजित होने लगी। वर्तमान में इसका आयोजन जुहू क्षेत्र में एसएनडीटी महिला विश्वविद्यालय के पास किया जाता है।

आठ दशकों से कायम है पारिवारिक विरासत

नॉर्थ बॉम्बे सार्वजनिक दुर्गा पूजा अब केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि मुंबई की सांस्कृतिक पहचान का भी हिस्सा बन चुकी है। आठ दशक से जारी इस परंपरा में हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं। मुखर्जी परिवार की लगातार भागीदारी इस उत्सव को विशेष पहचान देती है।

इस वर्ष 80वें आयोजन के साथ एक बार फिर परिवार ने अपनी विरासत और मां दुर्गा के प्रति श्रद्धा को प्रदर्शित किया। पूजा, पारिवारिक एकजुटता और सांस्कृतिक परंपरा का यह संगम उत्सव के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *