क्रिकेट के मैदान पर आखिरी गेंद तक जीत की उम्मीद बनी रहती है और ऐसा ही रोमांच शारजाह में खेले गए मुकाबले में देखने को मिला। वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ लीजेंड्स में बांग्लादेश चैंपियंस ने शानदार प्रदर्शन करते हुए इंडिया चैंपियंस को तीन रन से हरा दिया। भारतीय टीम के सामने जीत के लिए 142 रनों का लक्ष्य था, लेकिन टीम निर्धारित 20 ओवर में आठ विकेट खोकर 138 रन ही बना सकी। इस करीबी हार के साथ भारतीय टीम को बड़ा झटका लगा, जबकि बांग्लादेश की टीम ने शानदार जीत दर्ज की।
टॉस जीतकर भारत ने चुनी गेंदबाजी
शारजाह क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में भारतीय टीम ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। बांग्लादेश की शुरुआत आक्रामक रही और टीम ने शुरुआती दो ओवर में ही 30 रन बना दिए। हालांकि, तीसरे ओवर की पहली गेंद पर इमरुल कायेस के आउट होने के बाद टीम की पारी लड़खड़ाने लगी।
लगातार अंतराल पर विकेट गिरने से बांग्लादेश के बल्लेबाज खुलकर खेलने में सफल नहीं हो सके। भारतीय गेंदबाजों ने दबाव बनाए रखा और विपक्षी टीम को बड़े स्कोर तक पहुंचने से रोकने की कोशिश की।
रॉनी तालुकदार ने खेली 40 रनों की पारी
बांग्लादेश की ओर से रॉनी तालुकदार ने बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए 25 गेंदों पर 40 रन बनाए। उन्होंने तेज गति से रन जुटाकर टीम को शुरुआती झटकों से उबारने का प्रयास किया। हालांकि, दूसरे छोर से उन्हें लगातार सहयोग नहीं मिला और नियमित अंतराल पर विकेट गिरते रहे।
कप्तान महमूदुल्लाह रियाद समेत कई अन्य बल्लेबाज बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे। इसके बाद नासिर हुसैन ने जिम्मेदारी संभाली और 21 गेंदों पर 24 रन बनाकर टीम को जरूरी योगदान दिया।
आराफात सनी ने भी उपयोगी पारी खेली। उन्होंने 38 गेंदों पर 37 रन बनाए और टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। इन पारियों की बदौलत बांग्लादेश चैंपियंस ने 20 ओवर में आठ विकेट के नुकसान पर 141 रन बनाए।
भारतीय गेंदबाजों ने भी दिखाया दम
भारत की ओर से पीयूष चावला सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने तीन विकेट हासिल कर बांग्लादेश की बल्लेबाजी पर अंकुश लगाने का प्रयास किया। पवन नेगी और ऋषि धवन ने भी दो-दो विकेट लेकर विपक्षी टीम को बड़ा स्कोर बनाने से रोका।
भारतीय गेंदबाजों के प्रदर्शन के कारण बांग्लादेश की टीम 150 रन का आंकड़ा पार नहीं कर सकी। ऐसे में भारतीय टीम को लक्ष्य हासिल करने का अच्छा मौका मिला था, लेकिन बल्लेबाजी में टीम अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाई।
तीन रन से हार गई भारतीय टीम
142 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंडिया चैंपियंस की टीम को जीत के लिए प्रति ओवर सात से कुछ अधिक रन बनाने थे। टी20 क्रिकेट के लिहाज से यह लक्ष्य हासिल किया जा सकता था, लेकिन बांग्लादेश के गेंदबाजों ने लगातार दबाव बनाए रखा।
भारतीय बल्लेबाज जरूरी साझेदारियां बनाने में नाकाम रहे और विकेट गिरने से टीम की मुश्किलें बढ़ती गईं। अंततः भारत निर्धारित 20 ओवर में आठ विकेट पर 138 रन ही बना सका और मुकाबला तीन रन से गंवा दिया।
बांग्लादेश की ओर से इनामुल हक जूनियर की स्पिन गेंदबाजी और अबू जायेद राही की अंतिम ओवरों में प्रभावशाली गेंदबाजी जीत की अहम वजह बनी। दोनों ने भारतीय बल्लेबाजों को खुलकर रन बनाने का मौका नहीं दिया।
इस मुकाबले में बांग्लादेश चैंपियंस ने साबित कर दिया कि छोटे लक्ष्य का बचाव भी अनुशासित गेंदबाजी और दबाव में बेहतर प्रदर्शन के दम पर किया जा सकता है। वहीं, भारतीय टीम को इस करीबी हार से सबक लेकर आगामी मुकाबलों में अपनी बल्लेबाजी और लक्ष्य का पीछा करने की रणनीति पर ध्यान देना होगा।

