नई दिल्ली: न्यूजीलैंड के पूर्व टेस्ट ओपनर जीत रावल ने 38 साल की उम्र में प्रोफेशनल क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया है। उन्होंने 2026-27 के घरेलू क्रिकेट सीजन की शुरुआत से पहले क्रिकेट को अलविदा कहने का फैसला लिया। भारतीय मूल के इस क्रिकेटर ने अपने करियर में न्यूजीलैंड के लिए टेस्ट क्रिकेट खेला और घरेलू क्रिकेट में भी शानदार प्रदर्शन किया। अब क्रिकेट से विदाई लेने के बाद वह एक ऑडिटिंग फर्म में चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) के तौर पर फुल टाइम काम करेंगे।
बचपन का सपना पूरा करने के बाद लिया फैसला
जीत रावल का जन्म गुजरात में हुआ था। बचपन से ही उनका सपना क्रिकेटर बनने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने देश का प्रतिनिधित्व करने का था। बाद में उनका परिवार न्यूजीलैंड के ऑकलैंड शहर में बस गया, जहां उन्होंने अपने क्रिकेट करियर को आगे बढ़ाया।
उन्होंने न्यूजीलैंड की अंडर-19 टीम में जगह बनाकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। साल 2008 में उन्होंने ऑकलैंड की ओर से अपना पहला फर्स्ट क्लास मुकाबला खेला। इसके बाद लगातार अच्छे प्रदर्शन के दम पर वह न्यूजीलैंड की राष्ट्रीय टीम तक पहुंचे।
संन्यास की घोषणा करते हुए रावल ने कहा कि न्यूजीलैंड के लिए खेलना उनके बचपन का सपना था। अपने करियर को पीछे मुड़कर देखने पर उन्हें गर्व और संतुष्टि महसूस होती है। उन्होंने यह भी बताया कि न्यूजीलैंड जाकर क्रिकेट में करियर बनाने का सपना उनके पिता का भी था। उनके परिवार ने बेहतर भविष्य की उम्मीद के साथ यह बड़ा कदम उठाया था।
2016 से 2020 के बीच खेले 24 टेस्ट मैच
जीत रावल ने साल 2016 में पाकिस्तान के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया था। उन्होंने 2016 से 2020 के बीच न्यूजीलैंड के लिए कुल 24 टेस्ट मुकाबले खेले। इस दौरान उन्होंने 39 पारियों में 30.07 के औसत से 1,143 रन बनाए।
टेस्ट क्रिकेट में उनके नाम एक शतक और सात अर्धशतक दर्ज हैं। बतौर सलामी बल्लेबाज उन्होंने कई मौकों पर टीम को अच्छी शुरुआत दिलाने की जिम्मेदारी निभाई। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उनका सफर ज्यादा लंबा नहीं रहा, लेकिन घरेलू क्रिकेट में उनका प्रदर्शन काफी प्रभावशाली रहा।
साल 2021 में न्यूजीलैंड ने पहली बार विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का खिताब जीता था। रावल भी उस ऐतिहासिक विजेता टीम का हिस्सा रहे, जो उनके करियर की खास उपलब्धियों में से एक है।
फर्स्ट क्लास क्रिकेट में बनाए 10 हजार से ज्यादा रन
जीत रावल का घरेलू क्रिकेट करियर उनकी सबसे बड़ी उपलब्धियों में गिना जाता है। उन्होंने 292 फर्स्ट क्लास पारियों में से 285 पारियों में सलामी बल्लेबाज के तौर पर बल्लेबाजी की। इस दौरान उन्होंने करीब 37 के औसत से कुल 10,127 रन बनाए, जिसमें 23 शतक शामिल हैं।
न्यूजीलैंड के प्रमुख घरेलू टूर्नामेंट प्लंकेट शील्ड में भी उनका प्रदर्शन शानदार रहा। उन्होंने इस प्रतियोगिता में 8,662 रन बनाए और अपनी निरंतरता से एक भरोसेमंद ओपनर के रूप में पहचान बनाई।
अब चार्टर्ड अकाउंटेंट के रूप में करेंगे काम
क्रिकेट से संन्यास के बाद जीत रावल अब अपने पेशेवर जीवन के दूसरे चरण की शुरुआत करने जा रहे हैं। वह एक ऑडिटिंग फर्म में चार्टर्ड अकाउंटेंट के रूप में पूर्णकालिक जिम्मेदारी संभालेंगे।
उनका यह फैसला दिखाता है कि क्रिकेट के लंबे सफर के बाद वह अब अपने दूसरे पेशे पर ध्यान देना चाहते हैं। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सीमित समय बिताने के बावजूद घरेलू क्रिकेट में उनके योगदान और उपलब्धियों को याद किया जाएगा। 38 साल की उम्र में क्रिकेट को अलविदा कहकर जीत रावल अब एक नई पारी शुरू करने के लिए तैयार हैं।

