8 Oct 2026, Thu

‘ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देंगे, चाहे कुछ भी हो जाए’, NDA के मंत्री की अभिजीत दीपके को दो टूक

नई दिल्ली: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर 10 अक्टूबर से प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को लेकर केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने अभिजीत दीपके को सलाह दी है। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आंदोलन करने की जरूरत नहीं है और विरोध प्रदर्शन के बावजूद वह अपने पद से इस्तीफा नहीं देंगे। आठवले ने दीपके से 10 अक्टूबर के आंदोलन को रद्द करने की अपील भी की है।

अभिजीत दीपके के नेतृत्व में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की ओर से दिल्ली में विरोध प्रदर्शन की तैयारी की जा रही है। प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग है। इसको लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है।

‘ज्ञानेश कुमार की कोई गलती नहीं’

रामदास आठवले ने कहा कि चुनाव आयोग की जिम्मेदारी मतदाता सूची को सही और अपडेट रखना है। उन्होंने कहा कि रोजगार और अन्य कारणों से लोग एक राज्य से दूसरे राज्य में जाते हैं, जिसके चलते मतदाता सूची में बदलाव की जरूरत पड़ती रहती है।

आठवले के मुताबिक, मतदाता सूची से अयोग्य नाम हटाना और सूची को दुरुस्त रखना चुनाव आयोग की प्रक्रिया का हिस्सा है। उन्होंने दावा किया कि इस मामले में ज्ञानेश कुमार की कोई गलती नहीं है। उनके अनुसार, मुख्य चुनाव आयुक्त पारदर्शी चुनाव कराने, मतदाता सूची की खामियों को दूर करने और पात्र लोगों के अधिकार सुनिश्चित करने की दिशा में काम कर रहे हैं।

10 अक्टूबर का प्रदर्शन रद्द करने की सलाह

केंद्रीय मंत्री ने अभिजीत दीपके को सुझाव दिया कि यदि वह विरोध प्रदर्शन करना चाहते हैं तो इसे शांतिपूर्ण तरीके से किया जा सकता है, लेकिन ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग नहीं की जानी चाहिए।

आठवले ने साफ कहा कि प्रदर्शन चाहे कितना भी बड़ा क्यों न हो, इससे ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की संभावना नहीं है। उन्होंने दीपके से 10 अक्टूबर को प्रस्तावित आंदोलन को रद्द करने की अपील की।

उन्होंने यह भी कहा कि दीपके महाराष्ट्र से आते हैं और दलित तथा बौद्ध समुदायों से जुड़े मुद्दों को उठाते रहे हैं। इससे पहले भी वह अलग-अलग मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन कर चुके हैं। हालांकि, आठवले का कहना है कि मौजूदा मामले में मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग उचित नहीं है।

प्रधानमंत्री पर टिप्पणी को लेकर भी चेतावनी

रामदास आठवले ने अभिजीत दीपके को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल नहीं करने की चेतावनी भी दी। उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन किसी भी नेता के खिलाफ असम्मानजनक भाषा का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।

आठवले ने कहा कि दीपके युवा और सक्रिय हैं, लेकिन उन्हें प्रधानमंत्री के बारे में बोलते समय सम्मानजनक भाषा का इस्तेमाल करना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रधानमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल जारी रहा, तो उनकी पार्टी की ओर से भी विरोध किया जा सकता है।

पहले भी दिया था पार्टी में शामिल होने का प्रस्ताव

रामदास आठवले इससे पहले अभिजीत दीपके को अपनी पार्टी में शामिल होने का प्रस्ताव भी दे चुके हैं। अब मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रस्तावित आंदोलन को लेकर दोनों के बीच राजनीतिक मतभेद सामने आ रहे हैं।

फिलहाल 10 अक्टूबर को होने वाले प्रदर्शन को लेकर स्थिति पर नजर बनी हुई है। एक तरफ दीपके की अगुवाई में मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग उठाई जा रही है, वहीं आठवले इस मांग को खारिज करते हुए आंदोलन वापस लेने की सलाह दे रहे हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में यह मुद्दा राजनीतिक स्तर पर और गरमाने की संभावना है।

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