आज की तेज रफ्तार जिंदगी में काम का दबाव, लगातार स्क्रीन टाइम, खराब रूटीन और नींद की कमी के कारण तनाव महसूस करना आम हो गया है। लंबे समय तक तनाव बना रहने से व्यक्ति की मानसिक और शारीरिक सेहत पर असर पड़ सकता है। ऐसे में अपनी रोजमर्रा की जीवनशैली में कुछ आसान और स्वस्थ आदतों को शामिल करना मददगार हो सकता है।
एंजायटी यानी बेचैनी या अत्यधिक चिंता हर व्यक्ति में अलग तरह से महसूस हो सकती है। कुछ लोगों को बार-बार चिंता, बेचैनी या ध्यान लगाने में परेशानी हो सकती है। अगर ये लक्षण लगातार बने रहें या रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित होने लगे, तो विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है। इसके साथ ही कुछ सामान्य लाइफस्टाइल आदतें तनाव को मैनेज करने में मदद कर सकती हैं।
रोजाना करें एक्सरसाइज
शारीरिक गतिविधि को तनाव कम करने वाली अच्छी आदतों में शामिल किया जाता है। रोजाना करीब 20 से 30 मिनट तेज कदमों से चलना, साइकिल चलाना, तैराकी या योग जैसी गतिविधियां की जा सकती हैं।
जरूरी नहीं कि हर दिन बहुत कठिन वर्कआउट किया जाए। अपनी क्षमता और सुविधा के अनुसार नियमित रूप से सक्रिय रहना अधिक महत्वपूर्ण है। सुबह या शाम की हल्की वॉक भी डेली रूटीन का हिस्सा बनाई जा सकती है।
नींद को न करें नजरअंदाज
अच्छी नींद मानसिक स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है। देर रात तक मोबाइल या लैपटॉप इस्तेमाल करने और अनियमित सोने-जागने की आदत से नींद प्रभावित हो सकती है।
हर दिन लगभग एक ही समय पर सोने और उठने की कोशिश करें। सोने से पहले स्क्रीन टाइम कम करें और देर शाम कैफीन का सेवन सीमित रखें। वयस्कों के लिए आमतौर पर 7 से 9 घंटे की नींद पर्याप्त मानी जाती है, हालांकि जरूरत व्यक्ति के अनुसार अलग हो सकती है।
डीप ब्रीदिंग और मेडिटेशन करें
जब मन बहुत ज्यादा व्यस्त या तनावग्रस्त महसूस हो तो कुछ मिनट शांत बैठकर धीमी और गहरी सांस लेने की कोशिश की जा सकती है। रोजाना 5 से 10 मिनट मेडिटेशन या ब्रीदिंग एक्सरसाइज के लिए निकालना एक उपयोगी रूटीन बन सकता है।
आराम से बैठें, धीरे-धीरे सांस अंदर लें और फिर आराम से बाहर छोड़ें। इस दौरान अपना ध्यान सांसों पर केंद्रित करने की कोशिश करें।
सोशल मीडिया और स्क्रीन टाइम करें कम
लगातार फोन, सोशल मीडिया या नकारात्मक खबरों के संपर्क में रहने से मानसिक थकान बढ़ सकती है। इसलिए दिन में कुछ समय ऐसा रखें जब आप फोन और दूसरी स्क्रीन से दूरी बनाकर रहें।
इस समय किताब पढ़ना, परिवार के साथ बातचीत करना, संगीत सुनना या बाहर थोड़ी देर घूमना जैसे काम किए जा सकते हैं।
अपनी पसंद के काम के लिए समय निकालें
रोजमर्रा की जिम्मेदारियों के बीच अपनी पसंद के काम के लिए समय निकालना भी जरूरी है। पेंटिंग, गार्डनिंग, म्यूजिक, कुकिंग या कोई अन्य हॉबी मन को रिलैक्स करने में मदद कर सकती है।
अगर तनाव या एंजायटी लगातार बनी रहती है, नींद और कामकाज प्रभावित होता है या लक्षण बहुत ज्यादा महसूस होते हैं, तो केवल घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय डॉक्टर या मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लें। नियमित दिनचर्या और पेशेवर मदद, जरूरत पड़ने पर, मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर तरीके से संभालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

