6 Oct 2026, Tue

तेल अवीव जाने से पहले फ्लाईदुबई के विमान को मार गिराता इजरायल, रिपोर्ट का दावा- सऊदी अरब ने भी भेजे थे लड़ाकू विमान

नई दिल्ली: फ्लाईदुबई के एक यात्री विमान में कॉकपिट के अंदर हुई गंभीर घटना के बाद हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए थे। एक रिपोर्ट के मुताबिक, विमान के रास्ते में बदलाव नहीं होता और वह तेल अवीव की ओर बढ़ता रहता तो इजरायल की वायुसेना उसे रोकने के लिए लड़ाकू विमान भेजने की तैयारी में थी। स्थिति को देखते हुए आपातकालीन व्यवस्था सक्रिय कर दी गई थी।

यह घटना 30 सितंबर की बताई जा रही है। विमान दुबई से तेल अवीव के लिए उड़ान भर रहा था। इसी दौरान कॉकपिट में एक गंभीर हमला हुआ, जिसके बाद विमान में आपात स्थिति घोषित कर दी गई। घटना के दौरान को-पायलट पर कप्तान पर चाकू से हमला करने और विमान पर नियंत्रण हासिल करने की कोशिश करने का आरोप है।

कॉकपिट में हुआ गंभीर हमला

जानकारी के मुताबिक, उड़ान के दौरान को-पायलट ने कप्तान पर चाकू से हमला कर दिया। अचानक हुई इस घटना के बाद विमान के अंदर अफरा-तफरी की स्थिति पैदा हो गई। कप्तान ने स्थिति को संभालने की कोशिश की और विमान को सुरक्षित दिशा में ले जाने में सफलता हासिल की।

विमान में कुल 174 लोग सवार थे। गंभीर स्थिति के बावजूद विमान को सुरक्षित उतारने की कोशिश की गई और यात्रियों की जान बचाने में सफलता मिली।

इजरायली एयरस्पेस में बढ़ा अलर्ट

घटना के बाद विमान की ओर से आपात स्थिति की सूचना मिलने पर इजरायली अधिकारियों ने स्थिति को गंभीरता से लिया। बताया गया कि वायुसेना के कर्मचारियों ने रेडियो के माध्यम से विमान के कॉकपिट से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन तत्काल जवाब नहीं मिला।

इसके बाद एक निर्धारित आपातकालीन व्यवस्था सक्रिय की गई। कमांड सेंटर बनाया गया और इजरायली एयरस्पेस में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई। लड़ाकू विमानों को भी तैयार कर रवाना किया गया, ताकि जरूरत पड़ने पर विमान को रोका जा सके।

सऊदी अरब की ओर मुड़ गया विमान

स्थिति में उस समय बदलाव आया जब विमान ने अपना रास्ता बदलकर सऊदी अरब की दिशा पकड़ ली। अधिकारियों को पता चला कि विमान आपातकालीन लैंडिंग की तैयारी कर रहा है। इसके बाद इजरायली लड़ाकू विमानों को वापस बुला लिया गया।

रिपोर्ट के अनुसार, सऊदी अरब की ओर से भी सुरक्षा के मद्देनजर लड़ाकू विमान सक्रिय किए गए थे। इसका उद्देश्य विमान की स्थिति पर नजर रखना और जरूरत पड़ने पर किसी भी संभावित खतरे से निपटना था।

विमान को रोकने की थी तैयारी

बताया गया कि अगर विमान तेल अवीव की ओर बढ़ता रहता और कॉकपिट से कोई संपर्क स्थापित नहीं होता, तो इजरायली लड़ाकू विमान उसके करीब जाकर स्थिति का आकलन करने की कोशिश करते।

पायलटों का उद्देश्य यह पता लगाना होता कि विमान वास्तव में हाईजैक हुआ है या नहीं और कॉकपिट में मौजूद लोगों की स्थिति क्या है। अगर विमान पर किसी तरह के अपहरण की पुष्टि होती और हमलावर आदेशों का पालन नहीं करते, तो मामला इजरायल के शीर्ष सुरक्षा और राजनीतिक नेतृत्व तक पहुंच सकता था।

बड़ा हादसा टलने का दावा

रिपोर्ट में दावा किया गया कि अगर विमान तेल अवीव की ओर बढ़ता रहता और स्थिति नियंत्रण से बाहर हो जाती, तो उसे शहर तक पहुंचने से पहले रोकने की तैयारी थी। हालांकि, विमान के सऊदी अरब की ओर मुड़ने और आपातकालीन लैंडिंग की दिशा में आगे बढ़ने के बाद स्थिति और गंभीर होने से बच गई।

इस घटना ने विमान सुरक्षा और हवाई क्षेत्र की निगरानी को लेकर कई सवाल खड़े किए हैं। कॉकपिट में हुई हिंसक घटना के बावजूद विमान को सुरक्षित दिशा में मोड़ना और यात्रियों की जान बचाना इस पूरे मामले का सबसे अहम पहलू रहा।

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