6 Oct 2026, Tue

‘ज्ञानेश जी नहीं, गणेश जी कर रहे हैं बीजेपी की मदद’, संबित पात्रा ने विपक्ष पर साधा निशाना

नई दिल्ली: चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्षी गठबंधन के सांसदों के प्रस्तावित विरोध मार्च से पहले भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और सांसद संबित पात्रा ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान विपक्ष की ओर से चुनाव आयोग और चुनावी प्रक्रिया को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर प्रतिक्रिया दी।

संबित पात्रा ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की मदद किसी अधिकारी या व्यक्ति द्वारा नहीं, बल्कि भगवान गणेश की कृपा से हो रही है। उन्होंने कहा कि देश में बुद्धि, विद्या, ज्ञान और विवेक के देवता भगवान गणेश हैं और जनता के पास भी अपने निर्णय लेने के लिए पर्याप्त विवेक है।

जनता जानती है किसे वोट देना है

संबित पात्रा ने कहा कि देश की जनता समझदार है और वह अच्छी तरह जानती है कि उसे किसे अपना वोट देना है। उन्होंने विपक्षी दलों पर परिवारवाद, भ्रष्टाचार और आतंकवादियों के प्रति कथित नरमी जैसे मुद्दों को लेकर निशाना साधा।

उन्होंने कहा कि जनता उन लोगों को वोट नहीं देना चाहती जो देश के हितों के खिलाफ खड़े होते हैं। उन्होंने अपने संबोधन में ऐसे नेताओं पर भी सवाल उठाए, जिनके बारे में उनका आरोप है कि वे देश की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर पर्याप्त रूप से आवाज नहीं उठाते।

उन्होंने कहा कि जनता ऐसे नेतृत्व का समर्थन करेगी जो देश को मजबूत बनाने और राष्ट्रीय हितों की रक्षा करने की बात करता है। इसी क्रम में उन्होंने देश को न झुकने देने की बात करने वाले नेतृत्व का समर्थन करने की अपील की।

फॉर्म-6 और चुनावी प्रक्रिया पर उठे सवाल

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान फॉर्म-6 से जुड़े विवाद का भी मुद्दा उठाया गया। संबित पात्रा ने कहा कि चुनाव आयोग की ओर से स्पष्ट किया गया है कि फॉर्म-6 में कोई मूल बदलाव नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR की प्रक्रिया के लिए फॉर्म-6 के साथ एक अतिरिक्त घोषणा-पत्र जोड़ा गया है।

उन्होंने विपक्ष पर इस मुद्दे को लेकर जनता के बीच भ्रम पैदा करने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि चुनावी प्रक्रिया से जुड़े किसी भी बदलाव या प्रावधान को लेकर तथ्यात्मक जानकारी सामने रखी जानी चाहिए, ताकि लोगों के बीच गलतफहमी न फैले।

चुनाव आयोग को लेकर लगातार हो रहे हमलों पर सवाल

संबित पात्रा ने आरोप लगाया कि पिछले कुछ समय से चुनाव आयोग पर लगातार राजनीतिक हमले किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी देश की सेना, न्यायपालिका, रक्षा क्षेत्र से जुड़ी संस्थाओं, हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों को लेकर सवाल उठाए जाते रहे हैं।

उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि संवैधानिक और राष्ट्रीय संस्थाओं पर लगातार सवाल उठाने से लोकतांत्रिक संस्थाओं को लेकर लोगों के बीच अविश्वास पैदा हो सकता है।

उन्होंने आशंका जताई कि विपक्ष आगामी विरोध प्रदर्शन के दौरान भी माहौल को राजनीतिक रूप से गर्म करने और अराजकता पैदा करने की कोशिश कर सकता है।

विपक्षी दलों की ओर से चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और चुनावी प्रक्रिया को लेकर लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं। ऐसे में दोनों पक्षों के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासी टकराव और बढ़ने की संभावना है।

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