30 Sep 2026, Wed

ED ने फिर माइनिंग एरिया में रेड मारी, अंडाल में बिजनेसमैन दिलीप तुरी के घर पहुंची सर्च टीम

पश्चिम बंगाल के अंडाल इलाके में बुधवार सुबह उस समय हलचल बढ़ गई, जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने कारोबारी और स्थानीय कांग्रेस नेता दिलीप तुरी के घर पर तलाशी अभियान शुरू किया। जांच एजेंसी की टीम कई वाहनों के साथ CL जामबाद इलाके में पहुंची। कार्रवाई के दौरान केंद्रीय सुरक्षा बलों के जवान भी मौके पर मौजूद रहे। सुबह-सुबह बड़ी संख्या में अधिकारियों और सुरक्षा बलों की मौजूदगी के कारण आसपास के इलाके में काफी गहमागहमी देखने को मिली।

सुबह-सुबह घर पहुंची जांच टीम

मिली जानकारी के मुताबिक, ED के अधिकारी बुधवार सुबह दिलीप तुरी के आवास पर पहुंचे और घर की तलाशी शुरू की। कार्रवाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के लिए CRPF के जवानों की तैनाती भी की गई थी। जांच टीम के पहुंचने के बाद इलाके में लोगों की आवाजाही और गतिविधियां बढ़ गईं। हालांकि, तलाशी अभियान के दौरान अधिकारियों ने क्या-क्या जांच की या कोई महत्वपूर्ण दस्तावेज अथवा अन्य सामग्री बरामद हुई या नहीं, इसकी जानकारी फिलहाल सार्वजनिक नहीं की गई है।

कारोबारी के साथ स्थानीय राजनीति से भी जुड़ाव

दिलीप तुरी कारोबारी गतिविधियों के साथ स्थानीय राजनीति से भी जुड़े बताए जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार, उनका संबंध कांग्रेस की स्थानीय राजनीति से है। इसके अलावा वह एक NGO से भी जुड़े हुए बताए जाते हैं। उनकी कारोबारी गतिविधियों में ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ECL) की अलग-अलग कोलियरियों और खदान क्षेत्रों में टेंडर के जरिए वाहनों और एम्बुलेंस से जुड़ी सेवाएं उपलब्ध कराने का काम शामिल बताया गया है।

स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, इन सेवाओं के लिए झारखंड से एम्बुलेंस और अन्य चार पहिया वाहन लाए जाने की बात भी सामने आई है। इसके बाद ECL के अलग-अलग क्षेत्रों में टेंडर के माध्यम से इन वाहनों को सेवा में लगाए जाने का दावा किया गया है।

छापेमारी की वजह पर स्थिति साफ नहीं

सबसे अहम बात यह है कि ED की इस कार्रवाई के पीछे का आधिकारिक कारण अभी स्पष्ट नहीं हुआ है। जांच एजेंसी की ओर से फिलहाल ऐसा कोई विस्तृत बयान सामने नहीं आया है, जिसमें यह बताया गया हो कि दिलीप तुरी के घर पर किस मामले से संबंधित तलाशी ली जा रही है।

इसी वजह से छापेमारी को लेकर अलग-अलग तरह की चर्चाएं चल रही हैं। हालांकि, जब तक जांच एजेंसी की ओर से आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आती, तब तक कार्रवाई के कारण को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।

माइनिंग इलाके में बढ़ी गतिविधि

अंडाल और आसपास का क्षेत्र कोयला खनन गतिविधियों के लिए जाना जाता है। ऐसे में जांच एजेंसी की टीम और केंद्रीय सुरक्षा बलों की मौजूदगी ने स्थानीय स्तर पर लोगों का ध्यान आकर्षित किया। कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था के बीच तलाशी अभियान जारी रखा।

फिलहाल सभी की नजर ED की आधिकारिक जानकारी पर है। तलाशी पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि जांच किस मामले से जुड़ी है और कार्रवाई के दौरान टीम को क्या जानकारी या सामग्री मिली है। तब तक छापेमारी से जुड़ी अन्य बातों की पुष्टि आधिकारिक स्तर पर होना बाकी है।

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