दुनिया के दिग्गज निवेशक वॉरेन बफेट ने बर्कशायर हैथवे के चेयरमैन पद से इस्तीफा दे दिया है। इसके साथ ही कंपनी में उनके लंबे नेतृत्व का एक अहम अध्याय समाप्त हो गया। 96 वर्षीय बफेट अब चेयरमैन एमेरिटस की भूमिका निभाएंगे और कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में बने रहेंगे। यह बदलाव तत्काल प्रभाव से लागू हुआ है। कंपनी ने इसकी घोषणा 18 सितंबर को की।
बफेट करीब 56 वर्षों तक बर्कशायर हैथवे के चेयरमैन रहे। उन्होंने 1970 में यह जिम्मेदारी संभाली थी। इससे पहले 1965 में उन्होंने कंपनी में अपनी भूमिका शुरू की थी। दशकों के दौरान उन्होंने एक संघर्षरत टेक्सटाइल कंपनी को कई क्षेत्रों में कारोबार करने वाले बड़े कारोबारी समूह में बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
बेटे को मिली चेयरमैन की जिम्मेदारी
बफेट के पद छोड़ने के बाद उनके बेटे हॉवर्ड बफेट को कंपनी का नया नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन बनाया गया है। हॉवर्ड 1993 से बर्कशायर हैथवे के बोर्ड में डायरेक्टर हैं और कंपनी के साथ उनका तीन दशक से ज्यादा पुराना जुड़ाव है। नई भूमिका में उनका मुख्य ध्यान कंपनी की संस्कृति और मूल्यों को बनाए रखने पर रहेगा।
वहीं, कंपनी के रोजमर्रा के संचालन की जिम्मेदारी ग्रेग एबेल के पास रहेगी। वह जनवरी 2026 में मुख्य कार्यकारी अधिकारी की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। इस तरह कंपनी के नेतृत्व में भूमिकाएं स्पष्ट रूप से बांटी गई हैं। एबेल कारोबारी संचालन संभालेंगे, जबकि हॉवर्ड बफेट चेयरमैन के तौर पर कंपनी की संस्कृति और मूल्यों की देखरेख करेंगे।
शेयरधारकों को लिखा भावुक पत्र
चेयरमैन पद से हटने के बाद बफेट ने शेयरधारकों को एक पत्र भी लिखा। इसमें उन्होंने बर्कशायर के साथ अपने लंबे जुड़ाव का जिक्र किया और कहा कि छह दशक से अधिक समय तक कंपनी की सेवा करने के बाद भी उन्हें यह काम बेहद पसंद है। उन्होंने नए नेतृत्व को लेकर भरोसा जताते हुए कहा कि कंपनी आगे के दौर के लिए मजबूत स्थिति में है।
बफेट ने अपने पत्र में यह भी स्पष्ट किया कि वह कंपनी से पूरी तरह अलग नहीं हो रहे हैं। चेयरमैन एमेरिटस बनने के साथ वह बोर्ड के सदस्य बने रहेंगे और शेयरधारक के तौर पर भी कंपनी से जुड़े रहेंगे। हालांकि, अब कंपनी की कार्यकारी जिम्मेदारियां उनके पास नहीं होंगी।
निवेश की दुनिया में छोड़ी बड़ी छाप
बफेट ने लंबे समय तक निवेश की एक ऐसी शैली को आगे बढ़ाया, जिसमें कंपनियों के कारोबार, प्रबंधन और लंबी अवधि की संभावनाओं पर जोर दिया जाता रहा। उनके नेतृत्व में बर्कशायर हैथवे ने बीमा, रेलवे, ऊर्जा और उपभोक्ता कारोबार समेत कई क्षेत्रों में अपनी मौजूदगी बनाई।
बफेट की अधिकांश संपत्ति कंपनी के शेयरों से जुड़ी रही है। जुलाई 2026 में उनकी संपत्ति 140 अरब डॉलर से अधिक आंकी गई थी। इसके अलावा, उन्होंने वर्षों के दौरान अपनी संपत्ति का बड़ा हिस्सा परोपकारी कार्यों के लिए दान किया है। रिपोर्टों के अनुसार, 2006 के बाद से उनके दान का मूल्य अरबों डॉलर में रहा है।
चेयरमैन पद से बफेट की विदाई के साथ बर्कशायर हैथवे में नेतृत्व परिवर्तन का अगला चरण पूरा हो गया है। हालांकि वह बोर्ड में बने रहेंगे, लेकिन कंपनी की रोजमर्रा की कमान अब नए नेतृत्व के हाथों में होगी।

