करीना कपूर खान और पृथ्वीराज सुकुमारन की क्राइम थ्रिलर फिल्म ‘दायरा’ ने 18 सितंबर को सिनेमाघरों में दस्तक दी। फिल्म की कहानी, कलाकारों और निर्देशन को लेकर रिलीज से पहले काफी चर्चा थी। हालांकि, सिनेमाघरों में पहुंचने के बाद फिल्म को बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद के मुताबिक शुरुआत नहीं मिल पाई। शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, फिल्म ने पहले दिन करीब 90 लाख रुपये का नेट कलेक्शन किया है।
फिल्म की रिलीज के साथ ही इसे दर्शकों की मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली। कुछ दर्शकों ने कहानी को गंभीर, भावनात्मक और बांधे रखने वाली बताया, जबकि कुछ लोगों को इसकी रफ्तार धीमी लगी। इसके बावजूद फिल्म में मौजूद मजबूत कलाकारों और गंभीर विषय के कारण दर्शकों की दिलचस्पी बनी हुई है। अब फिल्म के प्रदर्शन में आगे आने वाले दिनों का कारोबार अहम भूमिका निभाएगा।
पहले दिन करीब 90 लाख रुपये की कमाई
शुरुआती बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट के अनुसार, ‘दायरा’ ने भारत में पहले दिन लगभग 90 लाख रुपये का नेट कलेक्शन किया। फिल्म का भारत में ग्रॉस कलेक्शन करीब 1.08 करोड़ रुपये बताया जा रहा है। रिलीज के पहले दिन फिल्म के शो में करीब 12 प्रतिशत ऑक्यूपेंसी दर्ज की गई। फिल्म को देशभर में 2,000 से ज्यादा शो मिले थे, लेकिन दर्शकों की संख्या अपेक्षाकृत कम रही।
फिल्म की ओपनिंग अभिनेत्री की पिछली चर्चित फिल्मों में से एक से भी कम बताई जा रही है। इससे पहले रिलीज हुई उनकी फिल्म ने अपने पहले दिन करीब 1.15 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया था। ऐसे में ‘दायरा’ की शुरुआती कमाई उस आंकड़े से नीचे रही है। हालांकि, वीकेंड पर दर्शकों की संख्या बढ़ने से फिल्म के कारोबार में बदलाव आने की उम्मीद की जा सकती है।
दूसरी फिल्म से भी मिली टक्कर
‘दायरा’ के साथ ही सिनेमाघरों में एक और फिल्म ने दस्तक दी है। इस फिल्म को करीना कपूर खान के परिवार से जुड़े अभिनेता ने लिखा, निर्देशित और प्रोड्यूस किया है। साथ ही वह खुद फिल्म में मुख्य भूमिका में नजर आ रहे हैं। रिलीज के साथ दोनों फिल्मों के बीच दर्शकों का ध्यान खींचने की होड़ देखने को मिल रही है।
क्या है ‘दायरा’ की कहानी?
‘दायरा’ की कहानी एक युवा महिला के साथ हुए रेप और हत्या की घटना के बाद शुरू होती है। मामले की जांच के दौरान पुलिस एक एनकाउंटर में चार आरोपियों को मार गिराती है। इसके बाद इस एनकाउंटर की जांच की जिम्मेदारी एक वरिष्ठ महिला पुलिस अधिकारी को सौंपी जाती है।
जांच आगे बढ़ने के साथ कहानी पुलिस कार्रवाई, न्याय व्यवस्था और जवाबदेही जैसे गंभीर मुद्दों को सामने लाती है। फिल्म में दो पुलिस अधिकारियों की सोच का अंतर भी दिखाया गया है। एक अधिकारी कानूनी प्रक्रिया और नियमों का सख्ती से पालन करने में विश्वास रखता है, जबकि दूसरा मानता है कि न्यायिक प्रक्रिया में होने वाली देरी के कारण कई पीड़ितों को समय पर न्याय नहीं मिल पाता।
फिल्म इसी सोच के टकराव के जरिए यह सवाल उठाती है कि न्याय हासिल करने की प्रक्रिया में कानून और नैतिकता के बीच संतुलन किस तरह कायम किया जा सकता है। अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में दर्शकों की प्रतिक्रिया फिल्म के बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन को कितना प्रभावित करती है।

