अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI के तेजी से हो रहे विकास को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने AI के विकास को सीमित करने या इस पर सख्त रोक लगाने की मांगों को खारिज करते हुए कहा कि तकनीक की इस दौड़ में पीछे रहना अमेरिका के हित में नहीं है। ट्रंप का कहना है कि आने वाले समय में AI वैश्विक शक्ति का एक महत्वपूर्ण आधार बनेगा और जो देश इस क्षेत्र में सबसे आगे रहेगा, वही दुनिया में सबसे मजबूत स्थिति में होगा।
ट्रंप ने AI को लेकर सामने आ रही उन आशंकाओं को भी खारिज किया, जिनमें दावा किया जा रहा है कि भविष्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इंसानों पर हावी हो सकता है। उन्होंने रोबोट के शहरों में घुसने और इंसानों को खत्म करने जैसी आशंकाओं को भी बेबुनियाद बताया।
AI पर रोक लगाने के पक्ष में नहीं ट्रंप
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए AI के विकास को लेकर अपनी राय स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि AI पर अत्यधिक नियंत्रण या विकास को सीमित करने की कोशिशें गलत दिशा में ले जा सकती हैं। उनके मुताबिक, AI को लेकर लगातार खतरे की बातें करना नकारात्मक सोच का परिणाम है।
उन्होंने यह भी कहा कि AI के विकास को लेकर कुछ लोग ऐसी परिस्थितियों की कल्पना कर रहे हैं, जो शायद कभी सामने ही न आएं। ट्रंप का मानना है कि संभावित खतरों को लेकर सावधानी जरूरी है, लेकिन इसके नाम पर तकनीकी प्रगति को रोकना उचित नहीं होगा।
अमेरिका और चीन के बीच AI की रेस
अमेरिकी राष्ट्रपति ने AI के क्षेत्र में चीन के साथ जारी प्रतिस्पर्धा को भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि अमेरिका फिलहाल AI के विकास में चीन से आगे है और वह इस बढ़त को बनाए रखना चाहते हैं। ट्रंप के अनुसार, AI की दौड़ जीतने वाला देश भविष्य में वैश्विक स्तर पर सबसे प्रभावशाली स्थिति में रहेगा।
उन्होंने संकेत दिया कि AI केवल एक नई तकनीक नहीं है, बल्कि इसका संबंध आर्थिक विकास, राष्ट्रीय सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय प्रभाव से भी है। यही वजह है कि अमेरिका इस क्षेत्र में अपनी स्थिति मजबूत बनाए रखना चाहता है।
रोबोट के इंसानों पर कब्जे की आशंका खारिज
ट्रंप ने AI के दुनिया पर कब्जा करने की चर्चाओं को पूरी तरह खारिज किया। उन्होंने कहा कि यह दावा कि AI दुनिया को अपने नियंत्रण में ले लेगा और रोबोट शहरों में पहुंचकर लोगों को नुकसान पहुंचाएंगे, वास्तविकता से काफी दूर है।
उन्होंने AI को लेकर फैली ऐसी आशंकाओं की तुलना उन दूसरे मुद्दों से की, जिन्हें वह पहले भी गलत या अतिरंजित बताते रहे हैं। ट्रंप का कहना है कि AI के संभावित खतरों को लेकर डर पैदा करने के बजाय इसके विकास और उपयोग की संभावनाओं पर ध्यान दिया जाना चाहिए।
मजबूत नेतृत्व को बताया जरूरी
ट्रंप ने AI से जुड़े सुरक्षा नियमों को लेकर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि AI के लिए एक समझदार और मजबूत नेतृत्व जरूरी है। उनके मुताबिक, तकनीक पर जरूरत से ज्यादा प्रतिबंध लगाने के बजाय प्रभावी नेतृत्व और जिम्मेदार इस्तेमाल के जरिए इसके जोखिमों को नियंत्रित किया जा सकता है।
ट्रंप के बयान से साफ है कि अमेरिका AI के विकास की रफ्तार को कम करने के पक्ष में नहीं है। चीन के साथ बढ़ती तकनीकी प्रतिस्पर्धा के बीच उनका जोर अमेरिका की मौजूदा बढ़त को बनाए रखने और AI को भविष्य की वैश्विक ताकत के प्रमुख आधार के रूप में आगे बढ़ाने पर है।

