12 Sep 2026, Sat

भारत की धरती से पुतिन ने यूरोप को दी चेतावनी, कहा- ‘…तो फिर रूस के साथ जंग होगी’

यूक्रेन के साथ जारी युद्ध के बीच रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूरोपीय देशों को कड़ी चेतावनी दी है। भारत में आयोजित ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान पुतिन ने कहा कि अगर यूरोपीय देश यूक्रेन में अपने सैनिक भेजते हैं तो रूस इसे सीधे अपने खिलाफ युद्ध की शुरुआत के तौर पर देखेगा। उनके इस बयान से यूक्रेन युद्ध को लेकर रूस और यूरोपीय देशों के बीच तनाव बढ़ने की आशंका एक बार फिर सामने आई है।

यूक्रेन में सैनिक भेजने पर युद्ध की चेतावनी

पुतिन ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यूरोपीय देशों की ओर से यूक्रेन में सैन्य बल भेजने का फैसला बेहद गंभीर परिणाम वाला हो सकता है। रूस इसे सामान्य सैन्य सहायता या किसी अलग तरह की कार्रवाई के रूप में नहीं देखेगा, बल्कि सीधे रूस के साथ युद्ध के तौर पर मानेगा।

रूसी राष्ट्रपति ने साथ ही यह भी कहा कि रूस का यूरोपीय देशों को धमकाने का कोई इरादा नहीं है। उन्होंने दावा किया कि यूरोपीय देशों को रूस से किसी खतरे की चिंता करने की जरूरत नहीं है और रूस के पास यूरोप के साथ किसी नए संघर्ष की कोई वजह नहीं है।

यूरोप को रूस से खतरा नहीं: पुतिन

पुतिन ने कहा कि रूस ने कभी यूरोपीय देशों को धमकी देने की कोशिश नहीं की और न ही ऐसा करने की उसकी कोई योजना है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर रूस यूरोप को धमकी क्यों देगा। उनके मुताबिक, दोनों पक्षों के बीच संघर्ष का कोई आधार मौजूद नहीं है।

हालांकि, यूक्रेन युद्ध को लेकर पश्चिमी देशों और रूस के बीच पहले से ही गंभीर मतभेद हैं। यूरोपीय देशों की ओर से यूक्रेन को सैन्य और अन्य सहायता दिए जाने के बीच रूस लगातार पश्चिमी देशों को अपनी सीमाओं और सुरक्षा हितों से जुड़े मुद्दों पर चेतावनी देता रहा है।

दूसरे विश्व युद्ध के बाद हुए समझौतों का दिया हवाला

रूसी राष्ट्रपति ने अपने बयान में दूसरे विश्व युद्ध के बाद बनी अंतरराष्ट्रीय व्यवस्थाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उस दौर के बाद कई महत्वपूर्ण मुद्दों को सुलझाया गया था। इसके अलावा सोवियत संघ के विघटन के बाद जो व्यवस्थाएं अस्तित्व में आईं, वे भी रूस की सहमति से बनी थीं।

पुतिन ने कहा कि इन व्यवस्थाओं के खिलाफ जाने वाला कोई भी कदम रूस के हितों के विरुद्ध होगा। उन्होंने ऐसे कदमों को अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के मूल सिद्धांतों के अनुरूप नहीं बताया।

भारत में हुई अहम मुलाकात

ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान पुतिन की भारत यात्रा भी चर्चा में रही। इस दौरान उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मुलाकात हुई। दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय संबंधों, व्यापार और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को लेकर बातचीत हुई।

ऐसे समय में जब यूक्रेन युद्ध को लेकर वैश्विक स्तर पर कूटनीतिक गतिविधियां तेज हैं, भारत की धरती से पुतिन का यह बयान काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यूरोपीय देशों की संभावित सैन्य भूमिका को लेकर रूस की स्पष्ट चेतावनी ने संघर्ष के अंतरराष्ट्रीय प्रभावों पर एक बार फिर ध्यान केंद्रित कर दिया है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि यूरोपीय देश पुतिन की इस चेतावनी पर किस तरह प्रतिक्रिया देते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *