शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच म्यूचुअल फंड को लेकर निवेशकों का भरोसा मजबूत बना हुआ है। अगस्त 2026 में इक्विटी आधारित म्यूचुअल फंड योजनाओं में निवेश एक बार फिर बढ़ा है। जुलाई में आई गिरावट के बाद अगस्त में इन स्कीम्स में करीब 19 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इसके साथ ही सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान यानी SIP के जरिए होने वाला मासिक निवेश भी नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया।
इक्विटी फंड्स में 29,328 करोड़ रुपये का निवेश
अगस्त में इक्विटी ओरिएंटेड म्यूचुअल फंड स्कीम्स में कुल ₹29,328.62 करोड़ का नेट इनफ्लो दर्ज किया गया। जुलाई में यह आंकड़ा ₹24,697.39 करोड़ था। इस तरह एक महीने में इक्विटी फंड्स में निवेश करीब 19 फीसदी बढ़ गया। जून में इन योजनाओं में ₹28,973 करोड़ का नेट इनफ्लो हुआ था। आंकड़ों से संकेत मिलता है कि बाजार की हलचल के बावजूद निवेशक इक्विटी म्यूचुअल फंड्स में लंबी अवधि के नजरिए से पैसा लगा रहे हैं।
SIP निवेश ने बनाया नया रिकॉर्ड
नियमित निवेश के मामले में भी अगस्त काफी अहम रहा। महीने के दौरान SIP के जरिए ₹32,297 करोड़ का निवेश हुआ, जो अब तक का नया रिकॉर्ड स्तर है। जुलाई में SIP योगदान ₹31,961 करोड़ और जून में ₹31,781 करोड़ था। जुलाई की तुलना में अगस्त में SIP निवेश करीब ₹336 करोड़ बढ़ा।
SIP के बढ़ते आंकड़े बताते हैं कि निवेशक एकमुश्त निवेश के बजाय नियमित तौर पर छोटी या तय रकम बाजार से जुड़े साधनों में लगाने को प्राथमिकता दे रहे हैं। इससे बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद व्यवस्थित निवेश का रुझान मजबूत नजर आ रहा है।
स्मॉल और मिडकैप बने निवेशकों की पसंद
अगस्त में स्मॉल-कैप फंड्स में सबसे ज्यादा निवेश आया। इस कैटेगरी में ₹7,973.33 करोड़ का नेट इनफ्लो दर्ज हुआ। जुलाई में यह आंकड़ा ₹7,767.50 करोड़ था। वहीं मिड-कैप फंड्स में ₹6,989.40 करोड़ का निवेश आया, जबकि जुलाई में इनमें ₹6,192.31 करोड़ आए थे।
स्मॉल-कैप और मिड-कैप फंड्स को मिलाकर अगस्त में ₹14,962.73 करोड़ का निवेश हुआ। यह कुल इक्विटी फंड इनफ्लो का करीब 51 फीसदी है। इसके अलावा फ्लेक्सी-कैप फंड्स में ₹5,059.42 करोड़ और मल्टी-कैप फंड्स में ₹3,732.77 करोड़ का निवेश दर्ज किया गया।
लार्ज-कैप फंड्स से लगातार निकासी
दूसरी ओर, लार्ज-कैप फंड्स से लगातार दूसरे महीने पैसा बाहर निकला। अगस्त में इस कैटेगरी से ₹1,147.36 करोड़ की नेट निकासी हुई। हालांकि, जुलाई में हुई ₹1,321.69 करोड़ की निकासी के मुकाबले अगस्त में आउटफ्लो कम रहा। ELSS फंड्स से भी ₹1,078.32 करोड़ की निकासी दर्ज की गई। सेक्टोरल फंड्स में ₹53.19 करोड़ का आउटफ्लो रहा।
डेट फंड्स पर भी निवेशकों की नजर
इक्विटी के साथ डेट म्यूचुअल फंड्स में भी अगस्त के दौरान निवेशकों की गतिविधियां देखने को मिलीं। ब्याज दरों, बाजार की स्थिति और निवेश की अवधि जैसे कारकों के आधार पर डेट योजनाओं में निवेश का रुझान बदलता रहता है। कुल मिलाकर अगस्त के आंकड़े बताते हैं कि निवेशक बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद म्यूचुअल फंड्स के जरिए नियमित और विविध निवेश को लेकर उत्साहित बने हुए हैं।

