बीजेपी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा का नाम दिल्ली की मतदाता सूची में शामिल होने के बाद राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। दिल्ली में चल रही स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया के दौरान उनका नाम दिल्ली की वोटर लिस्ट में जोड़ा गया है। इसी बीच पंजाब की मतदाता सूची से उनका नाम हटने की जानकारी सामने आई है। इस पूरे मामले को लेकर आम आदमी पार्टी ने चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए स्पष्टीकरण की मांग की है।
राजिंदर नगर की सूची में दर्ज हुआ नाम
जानकारी के मुताबिक, राघव चड्ढा का नाम दिल्ली के राजिंदर नगर क्षेत्र की मतदाता सूची में दर्ज किया गया है। बताया गया है कि 31 अगस्त को जारी ड्राफ्ट मतदाता सूची में संबंधित मतदान केंद्र के तहत 746 मतदाता दर्ज थे। इसके बाद सूची में राघव चड्ढा का नाम 747वें क्रमांक पर दिखाई दिया।
सूची में उनके नाम के साथ पिता का नाम सुनील चड्ढा और उम्र 37 वर्ष दर्ज होने की बात कही गई है। नाम जुड़ने के तरीके को लेकर अब राजनीतिक सवाल उठाए जा रहे हैं।
AAP ने चुनाव आयोग से मांगा जवाब
आम आदमी पार्टी की दिल्ली इकाई की ओर से इस मामले पर सवाल उठाए गए हैं। पार्टी नेताओं ने पूछा है कि जब ड्राफ्ट सूची में 746 मतदाता दर्ज थे, तो उसके बाद 747वें मतदाता के रूप में राघव चड्ढा का नाम किस प्रक्रिया के तहत जोड़ा गया।
इस पूरे घटनाक्रम पर चुनाव आयोग से प्रक्रिया स्पष्ट करने की मांग की गई है। सवाल यह भी उठाया गया है कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए कौन से दस्तावेज और प्रक्रिया अपनाई गई तथा यह बदलाव किस स्तर पर किया गया।
पार्टी का कहना है कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए, ताकि किसी भी मतदाता को अपने अधिकारों को लेकर परेशानी का सामना न करना पड़े।
पंजाब की मतदाता सूची से नाम हटने का भी मुद्दा
राघव चड्ढा का नाम पहले पंजाब की ड्राफ्ट मतदाता सूची में नहीं होने को लेकर भी चर्चा में रहा था। इसके बाद उन्होंने पंजाब में दोबारा मतदाता के रूप में पंजीकरण कराने की बात कही थी।
अब दिल्ली की सूची में उनका नाम दर्ज होने के बाद यह मामला एक बार फिर राजनीतिक बहस का विषय बन गया है। SIR प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में मतदाता सूचियों की जांच और संशोधन किया जा रहा है, जिसके चलते नाम जुड़ने और हटने को लेकर कई सवाल सामने आ रहे हैं।
राघव चड्ढा ने आरोपों को बताया बेबुनियाद
वहीं, राघव चड्ढा ने अपने खिलाफ उठाए जा रहे सवालों को खारिज किया है। उनका कहना है कि उन्होंने मतदाता पंजीकरण से संबंधित सभी लागू दिशा-निर्देशों और निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया है।
उन्होंने राजनीतिक विरोधियों पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके खिलाफ लगाए जा रहे आरोप निराधार हैं। चड्ढा का कहना है कि उनके राजनीतिक कदमों के बाद से उन्हें लगातार निशाना बनाया जा रहा है।
फिलहाल दिल्ली की मतदाता सूची में उनका नाम जुड़ने को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। अब चुनाव आयोग की ओर से इस प्रक्रिया को लेकर कोई विस्तृत स्पष्टीकरण सामने आता है या नहीं, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।

