9 Sep 2026, Wed

“काम के घंटों के दौरान दफ्तर से गायब न रहें”, कर्मचारियों को लेकर पंजाब सरकार की सख्त चेतावनी

पंजाब में सरकारी कर्मचारियों की कार्यप्रणाली और कार्यालय में उपस्थिति को लेकर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि हाजिरी दर्ज करने के बाद काम के समय बिना अनुमति कार्यालय से अनुपस्थित रहना भारी पड़ सकता है। ऐसे मामलों में कर्मचारियों पर ‘काम नहीं तो वेतन नहीं’ यानी No Work, No Pay का नियम लागू किया जाएगा। इसके साथ ही नियमों का उल्लंघन करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जा सकती है।

हाजिरी लगाने के बाद गायब रहना पड़ेगा महंगा

सरकार की ओर से जारी निर्देशों में कहा गया है कि सिर्फ कार्यालय में अपनी उपस्थिति दर्ज कराना पर्याप्त नहीं है। कर्मचारी को निर्धारित कार्य समय के दौरान अपने कार्यालय में मौजूद रहकर जिम्मेदारियों का निर्वहन करना होगा।

अगर कोई कर्मचारी हाजिरी लगाने के बाद बिना किसी अनुमति के कार्यालय से चला जाता है और ड्यूटी के समय अनुपस्थित पाया जाता है, तो उसकी उस अवधि को काम से अनुपस्थिति माना जा सकता है। ऐसे मामलों में संबंधित कर्मचारी के वेतन पर कार्रवाई की जाएगी।

‘नो वर्क, नो पे’ नियम होगा लागू

सरकारी कर्मचारियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि बिना अनुमति ड्यूटी से गायब रहने की स्थिति में ‘नो वर्क, नो पे’ के सिद्धांत के तहत वेतन रोका जा सकता है। इसका सीधा मतलब है कि जिस अवधि में कर्मचारी ने अपनी निर्धारित ड्यूटी नहीं की, उसके लिए वेतन का भुगतान नहीं किया जाएगा।

सरकार का यह कदम कार्यालयों में कर्मचारियों की मौजूदगी सुनिश्चित करने और सरकारी कामकाज को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में देखा जा रहा है।

विभागों को निगरानी और पालन के निर्देश

सभी प्रशासनिक विभागों को इन निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है। विभागीय अधिकारियों की जिम्मेदारी होगी कि कर्मचारी निर्धारित समय में कार्यालय में मौजूद रहें और अपने काम को समय पर पूरा करें।

बिना अनुमति अनुपस्थित रहने वाले कर्मचारियों के खिलाफ केवल वेतन संबंधी कार्रवाई ही नहीं, बल्कि आवश्यक होने पर विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जा सकती है।

बिहार में भी लागू हो चुकी है उपस्थिति की सख्त व्यवस्था

सरकारी कर्मचारियों की उपस्थिति और जवाबदेही को लेकर बिहार में भी कुछ समय पहले इसी तरह की व्यवस्था लागू की गई थी। वहां सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए बायोमेट्रिक हाजिरी को अनिवार्य किया गया है। यह व्यवस्था पंचायत से लेकर प्रखंड, अनुमंडल और जिला स्तर तक के सरकारी कार्यालयों में लागू की गई।

बायोमेट्रिक प्रणाली के जरिए कर्मचारियों की उपस्थिति का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाता है। इससे कार्यालय आने और जाने के समय का रिकॉर्ड रखने में आसानी होती है और मानवीय हस्तक्षेप की गुंजाइश भी कम होती है।

देर से आने और लापरवाही पर भी नजर

सरकारी कार्यालयों में समय पर पहुंचना और निर्धारित अवधि तक ड्यूटी करना अब कर्मचारियों के लिए पहले से ज्यादा महत्वपूर्ण हो गया है। सरकार का जोर ऐसी कार्यसंस्कृति विकसित करने पर है, जिसमें कर्मचारी अपनी जिम्मेदारियों के प्रति जवाबदेह रहें।

पंजाब में जारी नए निर्देशों से साफ है कि केवल हाजिरी दर्ज कर कार्यालय से गायब रहने की व्यवस्था अब स्वीकार नहीं की जाएगी। सरकारी कर्मचारियों को निर्धारित समय में कार्यालय में मौजूद रहकर अपने दायित्व पूरे करने होंगे, वरना वेतन कटौती के साथ विभागीय कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *