7 Sep 2026, Mon

एंटीलिया में चांदी के पालने में झूले लड्डू गोपाल, गरबा-दांडिया से अंबानी लेडीज ने बांधा समा, पृथ्वी-वेदा ने फोड़ी मटकी

मुंबई स्थित एंटीलिया में इस बार जन्माष्टमी का त्योहार बेहद खास अंदाज में मनाया गया। अंबानी परिवार ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को पारंपरिक रीति-रिवाजों और भव्य सजावट के साथ मनाया। समारोह से सामने आई तस्वीरों और वीडियो में परिवार के सदस्य पूजा-अर्चना के साथ उत्सव की अलग-अलग रस्मों में शामिल होते नजर आए। बाल गोपाल की पूजा से लेकर गरबा-दांडिया और मटकी फोड़ने तक, पूरे आयोजन में धार्मिक आस्था के साथ उत्सव का रंग देखने को मिला।

चांदी के पालने में विराजे बाल गोपाल

जन्माष्टमी समारोह का सबसे खास आकर्षण बाल गोपाल का चांदी का पालना रहा। भगवान श्रीकृष्ण की बाल स्वरूप प्रतिमा को खूबसूरती से सजाए गए चांदी के पालने में विराजमान कराया गया। पालने पर बारीक नक्काशी के साथ फूलों से सजावट की गई थी। आसपास का पूरा स्थान भी पारंपरिक तरीके से सजाया गया, जिससे जन्मोत्सव का माहौल और भव्य नजर आया।

पालने के समीप भगवान श्रीनाथजी की प्रतिमा भी स्थापित की गई थी। इसे चांदी के आभूषणों से सजाया गया था। पूजा के दौरान परिवार के सदस्यों ने विधि-विधान के साथ भगवान श्रीकृष्ण की आराधना की और जन्माष्टमी की परंपराओं को निभाया।

छप्पन भोग से सजा प्रसाद

जन्माष्टमी के मौके पर भगवान श्रीकृष्ण को विशेष भोग अर्पित किया गया। पूजा के लिए छप्पन भोग की व्यवस्था की गई थी। अलग-अलग तरह के पकवान और मिठाइयों से सजी भोग की थाली को पारंपरिक चांदी के बर्तनों में सजाया गया। जन्माष्टमी में छप्पन भोग का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है और इसी परंपरा के तहत बाल गोपाल को तरह-तरह के व्यंजन अर्पित किए गए।

गरबा और दांडिया में दिखा उत्साह

पूजा-पाठ के साथ समारोह में मनोरंजन और पारंपरिक नृत्य का रंग भी देखने को मिला। परिवार की महिलाओं ने गरबा और दांडिया में हिस्सा लिया। पारंपरिक अंदाज में नृत्य करते हुए सभी ने उत्सव का आनंद लिया। गरबा-दांडिया की झलक ने जन्माष्टमी समारोह में गुजराती संस्कृति की खूबसूरत छाप भी दिखाई।

पूरे आयोजन में परिवार के सदस्यों का उत्साह देखते ही बन रहा था। धार्मिक कार्यक्रम के साथ सांस्कृतिक गतिविधियों ने समारोह को और खास बना दिया।

मटकी फोड़ने की रस्म ने बढ़ाई रौनक

जन्माष्टमी समारोह में मटकी फोड़ने की परंपरा भी निभाई गई। नन्हे मेहमानों ने इस रस्म में हिस्सा लेकर उत्सव का आनंद बढ़ाया। मटकी फोड़ने की झलक सामने आने के बाद लोगों का ध्यान खास तौर पर इस ओर गया।

गौसेवा से जुड़ी आस्था भी दिखी

समारोह में धार्मिक परंपराओं के साथ गौसेवा की झलक भी देखने को मिली। जन्माष्टमी के अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण से जुड़ी आस्था और परंपराओं को ध्यान में रखते हुए गौसेवा को भी आयोजन का हिस्सा बनाया गया। इस तरह पूजा, भोग, सांस्कृतिक कार्यक्रम और सेवा भाव ने मिलकर जन्माष्टमी समारोह को खास बना दिया।

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