गुजरात के मुंद्रा पोर्ट और स्पेशल इकोनॉमिक जोन में कंटेनर लॉजिस्टिक्स को बेहतर बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। यहां डेडिकेटेड एम्प्टी कंटेनर यार्ड (ECY) शुरू किया जाएगा। इस सुविधा का मुख्य उद्देश्य खाली कंटेनरों के स्टोरेज, रखरखाव, जांच और आवाजाही की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और तेज बनाना है। इससे एक्सपोर्टर्स, इंपोर्टर्स, शिपिंग कंपनियों और लॉजिस्टिक्स सेक्टर से जुड़े कारोबारियों को फायदा मिलने की उम्मीद है।
खाली कंटेनरों के प्रबंधन में आएगी तेजी
मुंद्रा पोर्ट देश के प्रमुख कंटेनर हैंडलिंग केंद्रों में शामिल है। यहां बड़ी संख्या में कंटेनरों की आवाजाही होती है, ऐसे में खाली कंटेनरों के प्रबंधन को सुचारु रखना बेहद जरूरी है। नए यार्ड के शुरू होने के बाद खाली कंटेनरों को एक निर्धारित स्थान पर व्यवस्थित तरीके से रखा जा सकेगा।
इस सुविधा में कंटेनरों की स्टोरेज के साथ उनकी मेंटेनेंस और इंस्पेक्शन जैसी सेवाएं भी उपलब्ध होंगी। इससे खाली कंटेनरों को अलग-अलग स्थानों पर ले जाने की जरूरत कम हो सकती है और पूरी प्रक्रिया में लगने वाला समय भी घट सकता है।
लॉजिस्टिक्स लागत कम करने में मिलेगी मदद
नए यार्ड का सबसे बड़ा फायदा लॉजिस्टिक्स से जुड़े कारोबारियों को मिलने की उम्मीद है। वर्तमान में खाली कंटेनरों की आवाजाही और उन्हें अलग-अलग स्थानों पर रखने में अतिरिक्त समय और खर्च होता है। एक समर्पित यार्ड उपलब्ध होने से इन गतिविधियों को एक ही स्थान से बेहतर तरीके से संचालित किया जा सकेगा।
इसके अलावा, एक्सपोर्टर्स और कंटेनर फ्रेट स्टेशनों तक खाली कंटेनरों की आवाजाही को भी अधिक प्रभावी तरीके से मैनेज किया जा सकेगा। इससे सप्लाई चेन में अनावश्यक मूवमेंट कम करने में मदद मिल सकती है।
मुंद्रा पोर्ट की कंटेनर हिस्सेदारी काफी बड़ी
कंपनी के आंकड़ों के मुताबिक वित्त वर्ष 2025-26 में उसके पास भारत के कंटेनर बाजार की करीब 45.5 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। वहीं, अकेला मुंद्रा पोर्ट देश के कुल कंटेनर कारोबार का लगभग 35 प्रतिशत संभालता है। इस वजह से यहां खाली कंटेनरों के लिए अलग और व्यवस्थित सुविधा की जरूरत काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
मुंद्रा में हर साल करीब 16 लाख TEUs खाली कंटेनरों को संभालने का अनुमान है। ऐसे में नया यार्ड बढ़ते कंटेनर कारोबार के बीच संचालन को अधिक व्यवस्थित करने में अहम भूमिका निभा सकता है।
अगले पांच साल में क्षमता बढ़ाने की तैयारी
यह परियोजना कंपनी के दीर्घकालिक विस्तार रोडमैप का हिस्सा है। कंपनी अगले पांच वर्षों में अपने नेटवर्क की कंटेनर हैंडलिंग क्षमता में 60 लाख TEUs से अधिक की बढ़ोतरी करने की योजना पर काम कर रही है।
नए यार्ड के जरिए कस्टम्स, शिपिंग लाइंस, टर्मिनल ऑपरेटर्स और ट्रांसपोर्टर्स के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की कोशिश की जाएगी। इससे कंटेनर प्रबंधन की पूरी प्रक्रिया अधिक कुशल हो सकती है।
कुल मिलाकर, मुंद्रा पोर्ट पर डेडिकेटेड एम्प्टी कंटेनर यार्ड की शुरुआत भारत के बढ़ते समुद्री व्यापार और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क के लिए महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है। इससे न केवल कंटेनरों की आवाजाही आसान होने की उम्मीद है, बल्कि समय और परिचालन लागत को नियंत्रित करने में भी मदद मिल सकती है।

