अगर आप वरिष्ठ नागरिक हैं और अपनी बचत को सुरक्षित जगह पर निवेश करके अच्छा रिटर्न कमाना चाहते हैं, तो फिक्स्ड डिपॉजिट यानी FD आपके लिए एक विकल्प हो सकता है। खास बात यह है कि वरिष्ठ नागरिकों को आम ग्राहकों की तुलना में FD पर अतिरिक्त ब्याज दिया जाता है। कई स्मॉल फाइनेंस बैंक इस समय वरिष्ठ नागरिकों को आकर्षक ब्याज दरों की पेशकश कर रहे हैं, जो कुछ मामलों में 8.50 प्रतिशत तक पहुंच रही है।
वरिष्ठ नागरिकों के लिए FD को पसंद किए जाने की एक बड़ी वजह इसमें मिलने वाला निश्चित रिटर्न है। बाजार से जुड़े निवेश विकल्पों की तुलना में FD में ब्याज दर पहले से तय होती है, जिससे निवेशक को मैच्योरिटी पर मिलने वाली रकम का अनुमान लगाने में आसानी होती है। हालांकि, FD खोलने से पहले ब्याज दर के साथ-साथ बैंक की शर्तों और जमा राशि की सीमा को समझना भी जरूरी है।
5 साल की FD पर 8.50% तक ब्याज
वरिष्ठ नागरिकों को सबसे आकर्षक ब्याज दर 5 साल की अवधि वाली कुछ FD योजनाओं पर मिल रही है। एक स्मॉल फाइनेंस बैंक वरिष्ठ नागरिकों को 5 साल की FD पर अधिकतम 8.50 प्रतिशत सालाना ब्याज दे रहा है। यह दर उन निवेशकों के लिए आकर्षक हो सकती है, जो लंबे समय तक अपनी रकम को सुरक्षित रखकर नियमित और निश्चित रिटर्न हासिल करना चाहते हैं।
इसके अलावा, कुछ अन्य स्मॉल फाइनेंस बैंक भी वरिष्ठ नागरिकों को 5 साल की FD पर 8 प्रतिशत तक ब्याज दे रहे हैं। वहीं, कुछ बैंकों में यह ब्याज दर 7.70 प्रतिशत, 7.50 प्रतिशत और इसके आसपास है। इस तरह वरिष्ठ नागरिकों के पास अलग-अलग बैंक और अवधि के हिसाब से FD चुनने के कई विकल्प मौजूद हैं।
3 करोड़ रुपये से कम जमा पर लागू दरें
इन आकर्षक ब्याज दरों को समझते समय जमा राशि की सीमा पर ध्यान देना बेहद जरूरी है। बताई जा रही ब्याज दरें 3 करोड़ रुपये से कम राशि वाली FD के लिए लागू हैं। बड़ी रकम जमा करने पर बैंक की ब्याज दर और नियम अलग हो सकते हैं। इसलिए निवेश करने से पहले संबंधित बैंक की मौजूदा ब्याज दर और नियमों की जांच करना जरूरी है।
वरिष्ठ नागरिकों को मिलता है अतिरिक्त ब्याज
आमतौर पर वरिष्ठ नागरिकों को सामान्य ग्राहकों की तुलना में FD पर अतिरिक्त ब्याज मिलता है। कई बैंक यह अतिरिक्त लाभ करीब 0.50 प्रतिशत तक देते हैं। हालांकि, अलग-अलग बैंकों में अतिरिक्त ब्याज और उसकी पात्रता की शर्तें अलग हो सकती हैं।
FD चुनते समय केवल सबसे ज्यादा ब्याज दर को ही आधार नहीं बनाना चाहिए। निवेशक को बैंक की विश्वसनीयता, FD की अवधि, समय से पहले पैसा निकालने पर लगने वाला शुल्क, ब्याज भुगतान का विकल्प और टैक्स से जुड़े नियमों को भी ध्यान में रखना चाहिए।
FD के ब्याज पर TDS का नियम
वरिष्ठ नागरिकों को FD से मिलने वाले ब्याज पर टैक्स नियम भी लागू होते हैं। यदि एक वित्त वर्ष में बैंक FD से मिलने वाला ब्याज 1 लाख रुपये से अधिक हो जाता है, तो निर्धारित नियमों के तहत ब्याज पर 10 प्रतिशत TDS काटा जा सकता है। अगर बैंक के पास पैन की जानकारी उपलब्ध नहीं है, तो TDS की दर अधिक हो सकती है।
हालांकि, TDS कटने का मतलब यह नहीं है कि टैक्स की अंतिम देनदारी इतनी ही होगी। आयकर रिटर्न दाखिल करते समय पहले से काटे गए TDS को कुल टैक्स देनदारी के साथ समायोजित किया जा सकता है। अगर व्यक्ति की वास्तविक टैक्स देनदारी कम बनती है, तो नियमों के अनुसार अतिरिक्त TDS का रिफंड भी प्राप्त किया जा सकता है।
इसलिए FD में निवेश करने से पहले ब्याज दर के साथ टैक्स, अवधि और बैंक की सभी शर्तों को अच्छी तरह समझना जरूरी है। ब्याज दरें समय के साथ बदल सकती हैं, इसलिए निवेश से पहले बैंक की ताजा दरों की पुष्टि जरूर करें।

