29 Aug 2026, Sat

राहुल चाहर ने इंग्लैंड में बरपाया कहर, काउंटी मैच में अकेले आधी टीम को दिखाया पवेलियन का रास्ता

भारतीय लेग स्पिनर राहुल चाहर ने इंग्लैंड की काउंटी चैंपियनशिप में अपनी शानदार गेंदबाजी से एक बार फिर प्रभावित किया है। सरे की ओर से खेल रहे राहुल चाहर ने एसेक्स के खिलाफ मुकाबले में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए पहली पारी में अकेले छह बल्लेबाजों को पवेलियन की राह दिखाई। उनकी घातक गेंदबाजी के कारण मुकाबले में सरे की वापसी की उम्मीद जगी, हालांकि एसेक्स ने पहली पारी में मजबूत बढ़त हासिल कर ली।

मैच में सरे की टीम पहले बल्लेबाजी करने उतरी, लेकिन उसका प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। पूरी टीम पहली पारी में महज 183 रन बनाकर ऑलआउट हो गई। इसके बाद एसेक्स ने बल्लेबाजी शुरू की और सरे के गेंदबाजों के सामने अच्छी साझेदारियां करते हुए स्कोर को काफी आगे पहुंचा दिया।

एसेक्स की पहली पारी 279 रन पर समाप्त हुई। इस दौरान टीम के अनुभवी बल्लेबाज डीन एल्गर ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 113 रन की शतकीय पारी खेली। उनकी पारी की बदौलत एसेक्स ने सरे के खिलाफ पहली पारी में 96 रन की महत्वपूर्ण बढ़त हासिल कर ली।

हालांकि, एसेक्स के बल्लेबाजों पर सबसे ज्यादा दबाव राहुल चाहर ने बनाया। लेग स्पिनर ने 22 ओवर गेंदबाजी की और 80 रन देकर छह विकेट अपने नाम किए। उन्होंने एसेक्स की आधी से ज्यादा बल्लेबाजी लाइनअप को अकेले ही परेशान कर दिया। राहुल की फिरकी के सामने बल्लेबाजों को रन बनाने में काफी परेशानी हुई और लगातार विकेट गिरने से एसेक्स की पारी ज्यादा आगे नहीं बढ़ सकी।

राहुल चाहर के लिए यह प्रदर्शन उनके फर्स्ट क्लास करियर की खास उपलब्धियों में शामिल हो गया है। यह उनके करियर का नौवां पांच विकेट हॉल है। साथ ही छह विकेट का यह प्रदर्शन उनके फर्स्ट क्लास करियर का दूसरा सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन बताया जा रहा है। इंग्लैंड की परिस्थितियों में इस तरह की गेंदबाजी राहुल के लिए काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

एसेक्स से 96 रन की बढ़त मिलने के बाद सरे की दूसरी पारी की शुरुआत भी अच्छी नहीं रही। दिन का खेल समाप्त होने तक सरे ने सिर्फ 51 रन के स्कोर पर अपने चार विकेट गंवा दिए थे। ऐसे में टीम पर हार का खतरा मंडरा रहा है और उसे मुकाबले में बने रहने के लिए आगे बड़ी साझेदारियों की जरूरत होगी।

राहुल चाहर लंबे समय से भारतीय टीम से बाहर चल रहे हैं। उन्होंने भारत के लिए अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला नवंबर 2021 में खेला था। उन्होंने भारत की ओर से एक वनडे और छह टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं। छह टी20 मैचों में उनके नाम सात विकेट हैं, जबकि एक वनडे मुकाबले में उन्होंने तीन विकेट हासिल किए हैं।

राहुल के लिए काउंटी क्रिकेट में यह प्रदर्शन खुद को साबित करने का एक बड़ा मौका है। लगातार घरेलू और विदेशी परिस्थितियों में अच्छा प्रदर्शन करने से वह चयनकर्ताओं का ध्यान दोबारा अपनी ओर खींच सकते हैं। सरे के लिए जारी मुकाबले में उनकी गेंदबाजी अब तक सबसे बड़ी सकारात्मक बात रही है।

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