केरल के कोझिकोड से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां पुलिस ने एक ऐसे युवक को गिरफ्तार किया है, जो खुद को सब-इंस्पेक्टर बताकर नशे के कारोबार से जुड़े लोगों के ठिकानों पर छापेमारी करता था। आरोप है कि वह तस्करों से अवैध नशीले पदार्थ, खासतौर पर MDMA, जब्त करने के बाद उसे पुलिस के हवाले करने के बजाय आगे सप्लायर्स को ही बेच देता था। इस तरह आरोपी कथित तौर पर नशे के कारोबार से अवैध तरीके से कमाई कर रहा था।
मामला सामने आने के बाद पुलिस भी हैरान है। आरोपी की पहचान रोजित के रूप में बताई गई है, जो फेरोक के पास चुंगम कल्लीथोड का रहने वाला है। उसके खिलाफ अलग-अलग इलाकों से शिकायतें मिलने के बाद जांच शुरू की गई थी।
खुद को सब-इंस्पेक्टर बताकर करता था वसूली
पुलिस के मुताबिक, आरोपी खुद को सब-इंस्पेक्टर बताकर युवाओं और नशे के कारोबार से जुड़े लोगों पर दबाव बनाता था। उसके खिलाफ ऐसी शिकायतें मिली थीं कि वह पुलिस अधिकारी होने का दावा करते हुए लोगों से पैसे की मांग करता था।
लगातार मिल रही शिकायतों के बाद अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लिया और आरोपी की गतिविधियों पर नजर रखनी शुरू की। जांच के दौरान उसके बारे में कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आईं। इसके बाद उसे पकड़ने के लिए विशेष टीम ने कार्रवाई की।
छापेमारी के नाम पर जब्त करता था नशा
आरोप है कि रोजित खुद को नशा विरोधी अभियान से जुड़ा अधिकारी बताकर अलग-अलग स्थानों पर पहुंचता था। वहां वह तलाशी और छापेमारी के नाम पर अवैध नशीले पदार्थों को अपने कब्जे में ले लेता था।
आमतौर पर जब्त किए गए नशीले पदार्थों को पुलिस के कब्जे में लेकर कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जाती है, लेकिन इस मामले में आरोपी पर कथित तौर पर अलग ही खेल खेलने का आरोप है। पुलिस के अनुसार, वह जब्त किए गए MDMA को अपने पास रख लेता था और बाद में इसे खरीदारों या सप्लायर्स को बेच देता था।
इस तरीके से वह एक तरफ खुद को पुलिस अधिकारी बताकर लोगों पर प्रभाव जमाता था, वहीं दूसरी तरफ जब्त किए गए नशीले पदार्थों की बिक्री से कथित तौर पर मोटा मुनाफा कमाता था।
संयुक्त कार्रवाई में गिरफ्तारी
जांच के दौरान मिली जानकारी के आधार पर विशेष नशा विरोधी टीम ने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर कार्रवाई की। संयुक्त अभियान के तहत गुरुवार रात रमनट्टुकारा के वैद्यरंगडी इलाके में आरोपी को पकड़ लिया गया।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रही है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आरोपी कितने समय से नकली पुलिस अधिकारी बनकर इस तरह की गतिविधियों को अंजाम दे रहा था और उसके संपर्क में कितने लोग थे।
नेटवर्क की भी हो सकती है जांच
पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि आरोपी अकेले इस पूरे काम को अंजाम दे रहा था या उसके साथ कोई और व्यक्ति या गिरोह भी जुड़ा हुआ था। साथ ही यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि जब्त किए गए MDMA की सप्लाई किन लोगों तक की जाती थी।
इस मामले ने पुलिस की पहचान का गलत इस्तेमाल कर नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार को अंजाम देने की गंभीरता को सामने ला दिया है। फिलहाल आरोपी पुलिस हिरासत में है और जांच आगे बढ़ने के साथ इस पूरे नेटवर्क से जुड़े और भी तथ्य सामने आने की उम्मीद है।

