कोलंबो: भारत और श्रीलंका के बीच दो टेस्ट मैचों की सीरीज का दूसरा और आखिरी मुकाबला कोलंबो में खेला जा रहा है। मैच के पांचवें दिन भारतीय टीम को उस समय निराशा हाथ लगी, जब पहले सेशन में दो घंटे से ज्यादा का खेल होने के बावजूद टीम इंडिया श्रीलंका का एक भी विकेट नहीं निकाल सकी। लगातार गेंदबाजी के बावजूद विकेट नहीं मिलने से भारतीय खिलाड़ी थके और निराश नजर आए। इसी दौरान विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत ने अपने साथियों का हौसला बढ़ाने की कोशिश की। उनका एक वीडियो अब सोशल मीडिया पर सामने आया है।
पहले सेशन में भारत को नहीं मिली सफलता
श्रीलंका की पहली पारी जल्दी सिमट गई थी और इसके बाद भारतीय टीम को उम्मीद थी कि मेजबान टीम की दूसरी पारी भी ज्यादा लंबी नहीं चलेगी। चौथे दिन का खेल समाप्त होने तक श्रीलंका के छह विकेट गिर चुके थे। ऐसे में माना जा रहा था कि पांचवें दिन भारतीय गेंदबाज शुरुआती एक-दो घंटे में बाकी चार विकेट हासिल कर मैच पर पकड़ मजबूत कर लेंगे।
हालांकि, मैदान पर कहानी इसके बिल्कुल उलट रही। पांचवें दिन के पहले सेशन में भारतीय गेंदबाजों ने लगातार प्रयास किया, लेकिन श्रीलंकाई बल्लेबाजों ने विकेट नहीं गिरने दिया। कप्तान शुभमन गिल ने कई गेंदबाजों को आजमाया, लेकिन टीम को सफलता नहीं मिली।
पंत ने कहा- ‘बॉडी लैंग्वेज उठानी पड़ेगी’
विकेट नहीं मिलने के साथ भारतीय खिलाड़ियों की बॉडी लैंग्वेज भी धीरे-धीरे कमजोर होती नजर आई। इसी को ऋषभ पंत ने महसूस किया और मैदान पर अपने साथियों में ऊर्जा भरने की कोशिश की।
वायरल वीडियो में पंत को खिलाड़ियों से कहते सुना जा सकता है कि “बॉडी लैंग्वेज उठानी पड़ेगी भाइयों, बाहर से कोई नहीं आएगा, दम लगाओ थोड़ी देर यार।”
इसके बाद पंत ने टीम के खिलाड़ियों का ध्यान उनकी बॉडी लैंग्वेज की ओर दिलाते हुए कहा कि “शोल्डर बहुत ड्रॉप हो गया है, थोड़ा माहौल बनाना पड़ेगा।” इसके बाद उन्होंने जोश बढ़ाते हुए ‘Come on’ और ‘Let’s go’ कहा।
पंत की कोशिश थी कि लगातार विकेट नहीं मिलने और थकान के बीच खिलाड़ी अपना आत्मविश्वास बनाए रखें और श्रीलंकाई बल्लेबाजों पर दबाव जारी रखें।
क्या फॉलोऑन का फैसला पड़ा भारी?
मैच में अब यह सवाल भी उठने लगा है कि क्या शुभमन गिल का श्रीलंका को फॉलोऑन देने का फैसला टीम इंडिया के लिए मुश्किल साबित हुआ। भारतीय गेंदबाजों ने श्रीलंका की पहली पारी में करीब 90 ओवर गेंदबाजी की थी। इसके तुरंत बाद फॉलोऑन के कारण उन्हें एक बार फिर लंबे समय तक गेंदबाजी करनी पड़ी।
श्रीलंका की दूसरी पारी में भी 100 से ज्यादा ओवर खेले जा चुके हैं। ऐसे में गेंदबाजों का थकना स्वाभाविक है। लगातार गेंदबाजी के बावजूद विकेट नहीं मिलने से मानसिक दबाव भी बढ़ता है और इसका असर खिलाड़ियों की बॉडी लैंग्वेज पर दिखाई दे सकता है।
बारिश भी डाल सकती है मैच में खलल
कोलंबो टेस्ट के आखिरी दिन अभी दो सेशन का खेल बाकी है। भारतीय टीम के पास मैच में वापसी करने और श्रीलंका के बाकी विकेट हासिल करने का मौका मौजूद है। हालांकि, मौसम भी मैच के नतीजे में अहम भूमिका निभा सकता है।
कोलंबो में बारिश की संभावना जताई जा रही है, ऐसे में अगर मुकाबले के दौरान बारिश आती है तो भारतीय टीम के लिए समय और भी कम हो सकता है। अब देखने वाली बात होगी कि पंत की अपील के बाद भारतीय खिलाड़ी अपनी ऊर्जा वापस हासिल कर पाते हैं या नहीं और श्रीलंका के बाकी विकेट लेकर टीम इंडिया मैच पर निर्णायक पकड़ बना पाती है।

