24 Aug 2026, Mon

सड़कों की बदहाली पर जेन अल्फा का आक्रोश, BSA ने गोद में उठाया निकल गए गांव की ओर

महोबा: उत्तर प्रदेश के महोबा में बच्चों ने अपनी बुनियादी सुविधाओं और खराब सड़क की समस्या को लेकर प्रशासन के सामने आवाज उठाई। सोमवार को सैकड़ों बच्चे ग्रामीणों और महिलाओं के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे और जिलाधिकारी को शिकायती पत्र सौंपा। बच्चों ने गांव तक पक्की सड़क बनवाने की मांग की। बच्चों की शिकायत सुनने के बाद जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) राहुल मिश्रा ने मामले को गंभीरता से लिया और खुद गांव की स्थिति देखने के लिए बच्चों के साथ मौके की ओर निकल पड़े।

इस दौरान बीएसए का बच्चों को गोद में उठाकर गांव की ओर जाते हुए वीडियो और तस्वीरें सामने आईं, जिसने लोगों का ध्यान खींचा। अधिकारियों के इस कदम की स्थानीय स्तर पर चर्चा हो रही है।

गांव तक पहुंचने के लिए नहीं है पक्की सड़क

बच्चों और ग्रामीणों ने बताया कि इलाहीपुरा ग्योड़ी गांव खन्ना मुख्य मार्ग से करीब 500 मीटर अंदर स्थित है। गांव को मुख्य सड़क से जोड़ने के लिए पक्की सड़क नहीं है। लोगों को आज भी कच्ची पगडंडी के सहारे गांव तक पहुंचना पड़ता है।

बारिश के मौसम में यह रास्ता और भी ज्यादा खराब हो जाता है। जगह-जगह पानी भरने के साथ कीचड़ और दलदल की स्थिति बन जाती है। ऐसे में स्कूल जाने वाले बच्चों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। बच्चों ने प्रशासन को बताया कि उन्हें इसी खराब रास्ते से होकर रोज स्कूल जाना पड़ता है।

कीचड़ में फिसलकर गिरते हैं बच्चे

ग्रामीणों के मुताबिक बारिश के दौरान रास्ते की स्थिति इतनी खराब हो जाती है कि बच्चों का पैदल निकलना मुश्किल हो जाता है। कई बार बच्चे रास्ते में फिसलकर गिर जाते हैं। इससे उनके कपड़े, जूते और स्कूल बैग खराब हो जाते हैं। कुछ बच्चों के चोटिल होने की बात भी सामने आई है।

ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की खराब स्थिति का असर बच्चों की पढ़ाई पर भी पड़ रहा है। कई अभिभावक खराब मौसम में बच्चों को स्कूल भेजने से भी बचते हैं।

एंबुलेंस पहुंचने में भी होती है परेशानी

ग्रामीणों ने प्रशासन के सामने यह भी शिकायत रखी कि खराब रास्ते की वजह से आपात स्थिति में एंबुलेंस और दूसरे वाहन गांव तक आसानी से नहीं पहुंच पाते। खासकर गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और गंभीर रूप से बीमार मरीजों को परेशानी उठानी पड़ती है।

कई बार मरीजों को चारपाई पर रखकर कच्चे और दलदली रास्ते से मुख्य मार्ग तक ले जाना पड़ता है। ग्रामीणों ने जल्द से जल्द सड़क निर्माण कराने की मांग की है।

दूसरे मार्ग की हालत भी खराब

ग्राम दिसरापुर बिलवई में हजरत इब्राहिम शहीद दरगाह से रेलवे पटरी तक जाने वाले रास्ते की स्थिति भी खराब बताई गई है। ग्रामीणों के अनुसार यहां भी पक्की सड़क या खड़ंजा नहीं है। बारिश के बाद रास्ता कीचड़ और दलदल में बदल जाता है।

बच्चों के साथ गांव पहुंचे बीएसए

कलेक्ट्रेट में बच्चों की शिकायत सुनने के बाद बीएसए राहुल मिश्रा ने मामले की वास्तविक स्थिति खुद देखने का फैसला किया। वह बच्चों के साथ गांव की ओर निकल गए और रास्ते की स्थिति का जायजा लिया। बीएसए का बच्चों को गोद में उठाकर जाते हुए दृश्य इस पूरे मामले में खास चर्चा का विषय बन गया।

अब बच्चों और ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासन मौके की स्थिति देखने के बाद सड़क निर्माण की दिशा में जल्द आवश्यक कदम उठाएगा। बच्चों का कहना है कि उन्हें किसी विशेष सुविधा की नहीं, बल्कि स्कूल और गांव तक पहुंचने के लिए एक सुरक्षित और पक्की सड़क की जरूरत है।

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