एडमॉन्टन। कनाडा के एडमॉन्टन स्थित नानकसर गुरुद्वारे में शुक्रवार तड़के एक युवक के चाकू से हमला करने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि एक शख्स अचानक गुरुद्वारे में दाखिल हुआ और प्रार्थना स्थल की ओर जाने की कोशिश करने लगा। वहां मौजूद कर्मचारियों और श्रद्धालुओं ने उसे रोकने की कोशिश की, जिसके बाद विवाद बढ़ गया। आरोप है कि युवक ने चाकू निकालकर दो श्रद्धालुओं पर हमला कर दिया। घटना में 75 वर्षीय और 51 वर्षीय दो पुरुष घायल हुए हैं। दोनों की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।
प्रार्थना स्थल की ओर जाने की कर रहा था कोशिश
एडमॉन्टन पुलिस के मुताबिक, घटना शुक्रवार सुबह करीब 5 बजे हुई। आरोपी युवक अचानक गुरुद्वारे के अंदर पहुंचा और प्रार्थना स्थल की ओर जाने लगा। वहां मौजूद लोगों ने उसे रोकने की कोशिश की। इसी दौरान स्थिति बिगड़ गई और आरोपी ने कथित तौर पर चाकू से हमला कर दिया।
हमले के बाद गुरुद्वारे में मौजूद लोगों ने तुरंत आरोपी को पकड़ लिया और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने 27 वर्षीय आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। घायल दोनों श्रद्धालुओं को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी हालत स्थिर बताई गई है।
आरोपी का पहले से आपराधिक रिकॉर्ड
पुलिस के अनुसार, आरोपी पहले से कानून की नजर में था। उसका साल 2015 से हिंसक हमलों का इतिहास रहा है। बताया गया है कि वह घटना से ठीक एक दिन पहले ही अल्बर्टा की संघीय जेल से रिहा हुआ था।
रिहाई के बाद आरोपी को एडमॉन्टन में एक निर्धारित हाफवे हाउस में रिपोर्ट करना था, लेकिन वह वहां नहीं पहुंचा। इसके बाद गुरुद्वारे में उसके पहुंचने और हमले की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
क्या सिख विरोधी नफरत से जुड़ा है मामला?
फिलहाल पुलिस आरोपी के हमले के पीछे के मकसद की जांच कर रही है। जांच का एक अहम पहलू यह भी है कि कहीं यह घटना किसी नफरत या सिख विरोधी विचारधारा से प्रेरित तो नहीं थी।
वर्ल्ड सिख ऑर्गेनाइजेशन ने घटना पर गंभीर चिंता जताई है। संगठन की ओर से दावा किया गया कि हमले के दौरान गुरुद्वारे के भीतर मौजूद सिख धर्मग्रंथ की भी बेअदबी की गई। हालांकि, पुलिस ने कहा है कि इस पहलू की भी जांच की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने की घटना की निंदा
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने गुरुद्वारे में हुई इस घटना की निंदा की है। उन्होंने इसे भयावह घटना बताते हुए घायल लोगों और प्रभावित सिख समुदाय के प्रति संवेदना जताई।
घटना के बाद सुरक्षा कारणों से गुरुद्वारे को अस्थायी रूप से आम लोगों के लिए बंद कर दिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपी से पूछताछ के जरिए हमले के कारणों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।
फिलहाल पुलिस की जांच इस बात पर केंद्रित है कि आरोपी गुरुद्वारे में क्यों पहुंचा, उसने हमला क्यों किया और क्या घटना के पीछे कोई धार्मिक या नफरत से जुड़ा मकसद था। जांच पूरी होने के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर सामने आने की उम्मीद है।

