21 Aug 2026, Fri

मानसून में बुखार हो तो कैसे पहचानें डेंगू, मलेरिया या वायरल फीवर? डॉक्टर से जानें कब जांच कराना चाहिए

नई दिल्ली। मानसून का मौसम आते ही सर्दी-जुकाम, खांसी और बुखार जैसी समस्याएं बढ़ने लगती हैं। बारिश और जगह-जगह जमा पानी के कारण मच्छरों से होने वाली बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। खासतौर पर डेंगू और मलेरिया के मामले इस मौसम में सामने आते हैं। परेशानी की बात यह है कि इन बीमारियों के शुरुआती लक्षण सामान्य वायरल फीवर से काफी मिलते-जुलते हो सकते हैं। ऐसे में केवल लक्षण देखकर बीमारी का पता लगाना मुश्किल होता है और जरूरत पड़ने पर चिकित्सकीय जांच कराना जरूरी हो सकता है।

डेंगू में दिख सकते हैं ये लक्षण

डेंगू की शुरुआत अक्सर अचानक तेज बुखार से हो सकती है। इसके साथ तेज सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, शरीर और जोड़ों में दर्द तथा काफी ज्यादा कमजोरी महसूस हो सकती है। कुछ लोगों को मतली, उल्टी या त्वचा पर लाल चकत्ते की समस्या भी हो सकती है।

अगर बुखार के साथ पेट में तेज दर्द, लगातार उल्टी, नाक या मसूड़ों से खून आना, असामान्य सुस्ती या सांस लेने में परेशानी जैसे संकेत दिखाई दें, तो इसे गंभीरता से लेना चाहिए। ऐसी स्थिति में बिना देरी किए चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।

मलेरिया में ठंड के साथ आ सकता है बुखार

मलेरिया में बुखार के साथ ठंड लगना और कंपकंपी होना आम लक्षणों में शामिल है। इसके बाद शरीर का तापमान बढ़ सकता है और पसीना भी आ सकता है। इसके अलावा सिरदर्द, बदन दर्द, कमजोरी और कभी-कभी उल्टी जैसी परेशानी हो सकती है।

हालांकि, हर व्यक्ति में मलेरिया के लक्षण एक जैसे नहीं होते। इसलिए केवल बुखार आने के तरीके के आधार पर मलेरिया की पुष्टि नहीं की जा सकती। संदिग्ध स्थिति में डॉक्टर जांच की सलाह दे सकते हैं।

वायरल फीवर में सर्दी-जुकाम के लक्षण ज्यादा

सामान्य वायरल संक्रमण में बुखार के साथ गले में खराश, खांसी, नाक बहना, शरीर में दर्द और थकान जैसी समस्याएं अधिक देखने को मिल सकती हैं। कई मामलों में आराम और पर्याप्त तरल पदार्थ लेने से स्थिति में सुधार हो जाता है।

फिर भी डेंगू, मलेरिया और वायरल संक्रमण के लक्षणों में काफी समानता हो सकती है। इसलिए खुद से बीमारी का अनुमान लगाकर दवा लेना सही तरीका नहीं है।

कब करानी चाहिए जांच?

अगर तेज बुखार लगातार बना हुआ है, कमजोरी बहुत ज्यादा महसूस हो रही है, सिरदर्द या कंपकंपी तेज है या व्यक्ति ऐसे क्षेत्र में रहता है जहां डेंगू और मलेरिया का खतरा अधिक है, तो डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

स्थिति के अनुसार डॉक्टर CBC, डेंगू टेस्ट, मलेरिया एंटीजन या ब्लड स्मियर जैसी जांच की सलाह दे सकते हैं। किस समय कौन-सी जांच करनी है, यह बीमारी और इस्तेमाल किए जाने वाले टेस्ट पर निर्भर करता है।

बुखार में सावधानी सबसे जरूरी

मानसून के दौरान बुखार आने पर इसे सामान्य समझकर लंबे समय तक नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। पर्याप्त पानी और तरल पदार्थ लेते रहें, आराम करें और डॉक्टर की सलाह के बिना दवाओं का सेवन न करें। खासकर अगर बुखार के साथ खून आना, लगातार उल्टी, सांस लेने में परेशानी, तेज पेट दर्द या अत्यधिक कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत चिकित्सकीय मदद लेना जरूरी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *