अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की रकम में कथित चोरी के आरोपों को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) का संसद परिसर में चल रहा विरोध प्रदर्शन मानसून सत्र के अंतिम चरण में और तेज हो गया। सपा सांसदों ने करीब दो सप्ताह तक संसद परिसर में दानपात्र रखकर चंदा जुटाया और पार्टी का दावा है कि इस दौरान 1.57 लाख रुपये एकत्र किए गए। बुधवार को सपा सांसद इस पूरी रकम को बोरी में भरकर संसद परिसर पहुंचे, जिससे यह प्रदर्शन राजनीतिक चर्चा का केंद्र बन गया।
सपा सांसदों ने आरोप लगाया कि यदि यह रकम राम मंदिर भेजी गई तो वहां भी इसके चोरी होने का खतरा हो सकता है। पार्टी ने घोषणा की है कि संसद का मानसून सत्र समाप्त होने के बाद यह पूरी राशि दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित हनुमान मंदिर में दान की जाएगी।
दो हफ्ते तक संसद परिसर में रखा दानपात्र
समाजवादी पार्टी के सांसदों ने राम मंदिर चढ़ावा विवाद को लेकर संसद परिसर में लगातार प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने प्रतीकात्मक रूप से दानपात्र रखकर सांसदों और अन्य लोगों से चंदा एकत्र किया। पार्टी का कहना है कि इस अभियान के जरिए वह राम मंदिर में चढ़ावे की कथित सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाना चाहती थी।
बुधवार को सपा सांसद जब बोरी में भरकर यह रकम लेकर संसद पहुंचे तो उन्होंने मीडिया के सामने सरकार और मंदिर प्रशासन पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े धन की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।
अवधेश प्रसाद ने उठाए सवाल
अयोध्या से समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने दावा किया कि चढ़ावे की रकम में कथित अनियमितताओं की खबरों के बाद मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या पर भी असर पड़ा है।
उन्होंने कहा कि पहले मंदिर में प्रतिदिन करोड़ों रुपये का चढ़ावा आने की चर्चा होती थी, लेकिन अब यह राशि काफी कम हो गई है। हालांकि इस दावे के समर्थन में कोई आधिकारिक आंकड़ा सार्वजनिक नहीं किया गया।
प्रियंका गांधी ने भी सरकार को घेरा
राम मंदिर चढ़ावा विवाद को लेकर कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने भगवान राम के नाम का राजनीतिक लाभ उठाया और अब जब विपक्ष चढ़ावे की रकम से जुड़े मुद्दे पर चर्चा की मांग कर रहा है तो सरकार इस विषय से बच रही है।
विपक्षी दल इस मुद्दे को पारदर्शिता और जवाबदेही से जोड़कर उठा रहे हैं, जबकि भाजपा इस मामले में विपक्ष के आरोपों को राजनीति से प्रेरित बता रही है।
राम मंदिर ट्रस्ट में बदलाव की तैयारी
इस विवाद के बीच राम मंदिर की व्यवस्थाओं में बदलाव की प्रक्रिया भी चल रही है। जानकारी के अनुसार, मंदिर ट्रस्ट की ओर से प्रोफेशनल CEO की नियुक्ति के लिए इंटरव्यू किए जा रहे हैं। इससे संकेत मिलता है कि प्रशासनिक और वित्तीय प्रबंधन को और अधिक व्यवस्थित बनाने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं।
चुनावी मुद्दा बनने की कोशिश
उत्तर प्रदेश में आगामी चुनावों को देखते हुए राम मंदिर और चढ़ावे का मुद्दा राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। समाजवादी पार्टी इस मामले को जनता के बीच बड़ा मुद्दा बनाने की कोशिश कर रही है, जबकि भाजपा और राज्य सरकार अपने स्तर पर आरोपों का जवाब दे रही हैं।
फिलहाल सपा का संसद परिसर में दानपात्र रखकर चंदा जुटाने और फिर उसे बोरी में भरकर लाने का प्रदर्शन राजनीतिक प्रतीकवाद का बड़ा उदाहरण बन गया है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा संसद से लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति तक चर्चा का विषय बना रह सकता है।

