मुंबई: इमरान हाशमी की चर्चित फिल्म ‘आवारापन’ का सीक्वल ‘आवारापन 2’ रिलीज से पहले लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। फिल्म के साथ-साथ इसके संगीत को लेकर भी दर्शकों में खास उत्साह है। खासकर फिल्म के दो सुपरहिट गाने ‘तो फिर आओ’ और ‘तेरा मेरा रिश्ता’ को नए अंदाज में पेश किए जाने की चर्चा तेज है। इन दोनों गानों के मूल गीतकार सईद कादरी ने हाल ही में बताया कि इन्हें दोबारा लिखना और रीक्रिएट करना उनके लिए आसान नहीं था, बल्कि यह एक बड़ी जिम्मेदारी और चुनौती थी।
सईद कादरी ने एक बातचीत में कहा कि ‘आवारापन’ के गाने आज भी लोगों की यादों का हिस्सा हैं। ऐसे में जब उन्हें इन्हीं गानों को नए रूप में पेश करने की जिम्मेदारी मिली, तो उनके ऊपर स्वाभाविक रूप से काफी दबाव था। उन्होंने कहा कि जब किसी कलाकार का काम लोगों के दिलों में जगह बना लेता है, तो उसी स्तर की उम्मीदें दोबारा पूरी करना बेहद कठिन हो जाता है।
गीतकार ने बताया कि अगर नए गाने पुराने गानों की भावनाओं और आत्मा को बरकरार नहीं रख पाते, तो उन्हें खुद शर्मिंदगी महसूस होती। उन्होंने कहा कि उन्होंने पूरी ईमानदारी के साथ इन गीतों पर काम किया ताकि मूल गानों की संवेदनशीलता और गहराई बनी रहे। उनके अनुसार, यह केवल पुराने गानों को दोहराने का प्रयास नहीं था, बल्कि उन्हें नए दौर के संगीत और प्रस्तुति के अनुरूप ढालने की कोशिश थी।
इस बार ‘आवारापन 2’ के संगीत की जिम्मेदारी संगीतकार मिथुन ने संभाली है। मिथुन और सईद कादरी पहले भी कई यादगार गानों पर साथ काम कर चुके हैं। कादरी का मानना है कि दर्शक सिर्फ धुन ही नहीं, बल्कि गीतों की भावनात्मक ताकत से भी जुड़ते हैं। इसलिए रीक्रिएशन के दौरान सबसे ज्यादा ध्यान इस बात पर दिया गया कि गानों का मूल भाव कमजोर न पड़े।
फिल्म में इमरान हाशमी एक बार फिर अपने लोकप्रिय किरदार शिवम पंडित के रूप में नजर आएंगे। ‘आवारापन’ (2007) को उसके भावनात्मक कथानक और शानदार संगीत के लिए आज भी याद किया जाता है। ‘तो फिर आओ’ और ‘तेरा मेरा रिश्ता’ जैसे गाने उस दौर के सबसे लोकप्रिय रोमांटिक ट्रैक में शामिल रहे हैं।
‘आवारापन 2’ इसी महीने सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। फिल्म की घोषणा के बाद से ही इसके ट्रेलर, संगीत और इमरान हाशमी की वापसी को लेकर दर्शकों में उत्सुकता बनी हुई है। अब देखना दिलचस्प होगा कि इन कालजयी गानों का नया संस्करण दर्शकों की उम्मीदों पर कितना खरा उतरता है।
फिल्म से जुड़े लोगों का मानना है कि ‘आवारापन 2’ सिर्फ एक सीक्वल नहीं, बल्कि उन भावनाओं और यादों को फिर से जीवंत करने की कोशिश है, जिन्होंने ‘आवारापन’ को एक कल्ट क्लासिक का दर्जा दिलाया था।

