नई दिल्ली: अमेरिका में रहने वाली भारतीय कंटेंट क्रिएटर सोनल चौधरी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में उन्होंने अपनी दो साल की बेटी के लिए अमेरिका के एक निजी प्रीस्कूल (प्राइवेट प्रीस्कूल) का दौरा करने का अनुभव साझा किया है। सबसे ज्यादा चर्चा वहां की फीस को लेकर हो रही है, जिसे सुनकर खुद सोनल भी हैरान रह गईं। उन्होंने बताया कि प्रीस्कूल की वार्षिक फीस करीब 4,000 डॉलर से 9,000 डॉलर तक है, जो भारतीय रुपये में लगभग 3.8 लाख से 8.5 लाख रुपये के बराबर बैठती है।
सोनल ने वीडियो में बताया कि वह अपनी बेटी बानी के लिए उपयुक्त प्रीस्कूल की तलाश कर रही थीं। इसी दौरान उन्होंने एक निजी प्रीस्कूल का दौरा किया, जहां स्टाफ ने उन्हें पूरे परिसर की जानकारी दी और अलग-अलग कार्यक्रमों (प्रोग्राम्स) के बारे में विस्तार से बताया।
उनके अनुसार, प्रीस्कूल में बच्चों के लिए छोटा बैच रखा जाता है। आठ बच्चों पर दो शिक्षक नियुक्त हैं, यानी हर चार बच्चों पर एक शिक्षक उपलब्ध है। इस व्यवस्था का उद्देश्य प्रत्येक बच्चे पर व्यक्तिगत ध्यान देना और बेहतर सीखने का माहौल तैयार करना है। स्कूल में गायन, योग, रचनात्मक गतिविधियां, खेल और शुरुआती शिक्षा से जुड़ी कई गतिविधियां कराई जाती हैं।
वीडियो में सोनल ने फीस का पूरा विवरण भी साझा किया। उन्होंने बताया कि सप्ताह में दो दिन वाले प्रोग्राम की सालाना फीस करीब 4,000 डॉलर (लगभग 3.8 लाख रुपये) है। वहीं सप्ताह में पांच दिन चलने वाले फुल प्रोग्राम की फीस लगभग 9,000 डॉलर (करीब 8.5 लाख रुपये) है। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि यह रकम भारत में नई मारुति ब्रेजा कार की कीमत के बराबर है।
सोनल ने बताया कि यह प्रीस्कूल सत्र सितंबर से जून तक चलता है और कक्षाएं सुबह 8:45 बजे से 11:45 बजे तक होती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका के कई प्रीस्कूल में फीस के साथ अधिकांश सुविधाएं शामिल होती हैं, इसलिए अलग से बहुत कम शुल्क देना पड़ता है।
अपने अनुभव को साझा करते हुए सोनल ने लिखा कि शुरुआत में यह फीस उन्हें बेहद ज्यादा लगी। लेकिन जब उन्होंने शिक्षक-छात्र अनुपात, सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था, सीखने के माहौल और अमेरिका की औसत घरेलू आय को ध्यान में रखा, तो उन्हें यह लागत कुछ हद तक उचित लगी।
यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है। कई भारतीय यूजर्स ने अमेरिका में शिक्षा की बढ़ती लागत पर हैरानी जताई, जबकि कुछ लोगों ने कहा कि छोटे बच्चों की शिक्षा में व्यक्तिगत देखभाल और कम छात्र-शिक्षक अनुपात जैसी सुविधाएं महंगी होना स्वाभाविक है।
कई यूजर्स ने भारत और अमेरिका की शिक्षा व्यवस्था की तुलना भी की। कुछ लोगों ने लिखा कि भारत में इतनी फीस आमतौर पर बड़े प्राइवेट स्कूलों में देखने को मिलती है, जबकि अमेरिका में प्रीस्कूल स्तर पर भी शिक्षा काफी महंगी हो सकती है। वहीं कुछ लोगों ने यह भी कहा कि अमेरिका में कामकाजी माता-पिता के लिए प्रीस्कूल केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि बच्चों की देखभाल और प्रारंभिक विकास का महत्वपूर्ण माध्यम भी होता है।
फिलहाल यह वीडियो अमेरिका में शुरुआती शिक्षा की लागत और उसकी गुणवत्ता को लेकर सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चा का विषय बना हुआ है।

