8 Aug 2026, Sat

यशस्वी जायसवाल का नहीं खुला खाता, टेस्ट सीरीज से पहले खराब फॉर्म ने बढ़ाई टीम इंडिया की टेंशन

कोलंबो। भारत और श्रीलंका के बीच 15 अगस्त से शुरू होने वाली टेस्ट सीरीज से पहले टीम इंडिया की चिंता बढ़ गई है। युवा सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल का खराब फॉर्म जारी है। श्रीलंका क्रिकेट इलेवन के खिलाफ खेले जा रहे तीन दिवसीय अभ्यास मैच की पहली पारी में जायसवाल बिना खाता खोले ही पवेलियन लौट गए। वह केवल दो गेंदों का सामना कर सके और शून्य पर आउट हो गए।

जायसवाल का इस तरह जल्दी आउट होना भारतीय टीम के लिए चिंता का विषय माना जा रहा है, क्योंकि टेस्ट सीरीज में उनसे केएल राहुल के साथ मिलकर मजबूत शुरुआत देने की उम्मीद की जा रही है। खास बात यह है कि वह एक बार फिर बाएं हाथ के गेंदबाज के खिलाफ अपना विकेट गंवा बैठे, जो हाल के समय में उनकी सबसे बड़ी कमजोरी बनकर सामने आई है।

रेड बॉल क्रिकेट में लगातार संघर्ष

यशस्वी जायसवाल के हालिया रेड बॉल प्रदर्शन पर नजर डालें तो उनके आंकड़े उम्मीद के अनुरूप नहीं रहे हैं। पिछली छह पारियों में वह दो बार शून्य पर आउट हुए हैं और केवल एक बार अर्धशतक लगा पाए हैं।

इन छह पारियों में उनके स्कोर क्रमशः 0, 12, 13, 58, 24 और अब श्रीलंका क्रिकेट इलेवन के खिलाफ 0 रन रहे हैं। इससे साफ है कि वह लगातार बड़ी पारी खेलने में संघर्ष कर रहे हैं।

दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ चार टेस्ट पारियों में उन्होंने 0, 12, 13 और 58 रन बनाए थे। इसके बाद अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट में भी वह सिर्फ 24 रन ही बना सके। अब श्रीलंका दौरे के अभ्यास मैच में भी वह डक पर आउट हो गए।

बाएं हाथ के गेंदबाजों के खिलाफ बढ़ी परेशानी

क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि बाएं हाथ के गेंदबाजों के खिलाफ जायसवाल की तकनीकी कमजोरी बार-बार उजागर हो रही है। विपक्षी टीमें अब उनकी इस कमजोरी का फायदा उठाने की कोशिश कर रही हैं।

श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में भी यदि वह शुरुआती ओवरों में बाएं हाथ के गेंदबाजों के सामने संघर्ष करते हैं, तो भारतीय टीम की बल्लेबाजी पर दबाव बढ़ सकता है।

श्रीलंका सीरीज में होगी बड़ी जिम्मेदारी

भारत की टेस्ट टीम में यशस्वी जायसवाल को भविष्य का प्रमुख सलामी बल्लेबाज माना जाता है। ऐसे में श्रीलंका के खिलाफ आगामी सीरीज उनके लिए बेहद अहम होगी।

हालांकि हालिया फॉर्म निराशाजनक रहा है, लेकिन 2025 में उन्होंने शानदार बल्लेबाजी की थी। उस वर्ष उन्होंने 10 टेस्ट मैचों की 19 पारियों में 745 रन बनाए थे, जिसमें तीन शतक और तीन अर्धशतक शामिल थे।

यही वजह है कि टीम प्रबंधन और प्रशंसकों को उम्मीद है कि वह जल्द ही अपनी लय हासिल करेंगे।

अभ्यास मैच से सबक लेने का मौका

वॉर्म-अप मैच को टेस्ट सीरीज की तैयारी के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। भारतीय टीम चाहेगी कि जायसवाल अपनी तकनीकी कमियों पर काम करें और पहले टेस्ट से पहले आत्मविश्वास हासिल करें।

15 अगस्त से शुरू होने वाली टेस्ट सीरीज में भारत को मजबूत शुरुआत की जरूरत होगी और ऐसे में यशस्वी जायसवाल का फॉर्म टीम की सफलता में अहम भूमिका निभा सकता है। अब सभी की नजरें इस बात पर होंगी कि क्या युवा सलामी बल्लेबाज अगले मैचों में वापसी कर पाते हैं या नहीं।

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