फाजिल्का। भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पाकिस्तान की ओर से ड्रोन के जरिए हथियार भेजने की एक और कोशिश का मामला सामने आया है। पंजाब के फाजिल्का जिले के टाहलीवाला गांव के पास भारतीय क्षेत्र में घुसा एक ड्रोन धान के खेत में गिरा मिला। बीएसएफ और पंजाब पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में ड्रोन के साथ चीन निर्मित पिस्टल, दो मैगजीन और चार जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं।
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार यह ड्रोन पाकिस्तान की ओर से भारतीय सीमा में भेजा गया था और अंतरराष्ट्रीय तारबंदी पार करने के बाद करीब एक किलोमीटर अंदर तक पहुंच गया था। घटना के बाद पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया गया और बरामद हथियारों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी गई है।
धान के खेत में मिला ड्रोन
जानकारी के मुताबिक बीएसएफ को सीमा क्षेत्र में संदिग्ध ड्रोन गतिविधि की सूचना मिली थी। इसके बाद स्थानीय पुलिस को भी अलर्ट किया गया। पुलिस चौकी घुबाया के प्रभारी अभिषेक शर्मा अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और पूरे इलाके को घेरकर तलाशी अभियान शुरू किया गया।
कई घंटों तक चले सर्च ऑपरेशन के दौरान धान के खेत से ड्रोन बरामद किया गया। ड्रोन के साथ हथियारों की खेप भी मिली, जिसे तुरंत सुरक्षा एजेंसियों ने अपने कब्जे में ले लिया।
चीन निर्मित पिस्टल और कारतूस बरामद
तलाशी के दौरान ड्रोन के साथ एक चीन निर्मित पिस्टल, दो मैगजीन और चार जिंदा कारतूस बरामद हुए। अधिकारियों का मानना है कि इन हथियारों को सीमा पार से किसी नेटवर्क तक पहुंचाने की योजना थी।
पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि यह खेप किसके लिए भेजी गई थी और इसके पीछे कौन-सा तस्करी या आतंकी नेटवर्क सक्रिय है।
सीमा क्षेत्र में बढ़ी चौकसी
हाल के वर्षों में पंजाब सीमा पर ड्रोन के जरिए हथियार, गोला-बारूद और नशीले पदार्थ भेजने की घटनाएं लगातार सामने आती रही हैं। सुरक्षा एजेंसियां मानती हैं कि सीमा पार से संचालित तस्कर और आतंकी नेटवर्क ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल कर भारतीय क्षेत्र में अवैध सामग्री पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं।
ताजा घटना के बाद बीएसएफ और पंजाब पुलिस ने सीमा क्षेत्र में निगरानी और सर्च अभियान को और तेज कर दिया है। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त चौकसी बरती जा रही है और ड्रोन गतिविधियों पर नजर रखने के लिए तकनीकी संसाधनों का भी उपयोग किया जा रहा है।
जांच में जुटीं सुरक्षा एजेंसियां
बरामद ड्रोन और हथियारों की फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी। सुरक्षा एजेंसियां ड्रोन के तकनीकी विवरण, उड़ान मार्ग और संभावित संपर्क बिंदुओं की जांच कर रही हैं। साथ ही सीमा क्षेत्र में सक्रिय संदिग्ध तस्करी नेटवर्क और स्थानीय संपर्कों की भी जांच की जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि ड्रोन के जरिए हथियार भेजने की कोशिशें राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती हैं। इस मामले में सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है और दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
फाजिल्का बॉर्डर पर हुई इस बरामदगी ने एक बार फिर सीमा सुरक्षा और ड्रोन आधारित तस्करी के खतरे को उजागर कर दिया है।

