नई दिल्ली। केंद्र सरकार इसी महीने संसद का विशेष सत्र बुलाने की तैयारी में है, जिसमें परिसीमन (Delimitation) और महिला आरक्षण से जुड़े विधेयकों को आगे बढ़ाया जा सकता है। सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को एनडीए सांसदों के साथ हुई बैठक में संकेत दिए कि सरकार के पास परिसीमन बिल को पारित कराने के लिए पर्याप्त समर्थन मौजूद है। माना जा रहा है कि यदि राजनीतिक परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो विशेष सत्र में इन दोनों अहम विधेयकों को पारित कराने की कोशिश की जाएगी।
सूत्रों के अनुसार, सरकार ने परिसीमन बिल के समर्थन में करीब 366 सांसदों का आंकड़ा जुटा लिया है। बैठक में सांसदों को भरोसा दिलाया गया कि परिसीमन की प्रक्रिया में उनके संसदीय क्षेत्रों के हितों का पूरा ध्यान रखा जाएगा। इस संभावित कदम को देश की राजनीति में बड़ा बदलाव लाने वाला माना जा रहा है, क्योंकि परिसीमन के बाद कई राज्यों और संसदीय क्षेत्रों की राजनीतिक तस्वीर बदल सकती है।
युवाओं के बीच सक्रिय रहने का संदेश
प्रधानमंत्री मोदी ने बैठक में एनडीए सांसदों से कहा कि वे Gen-Z और युवाओं के बीच लगातार सक्रिय रहें। उन्होंने सांसदों से सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों को प्रभावी ढंग से जनता तक पहुंचाने का आग्रह किया। साथ ही यह भी कहा कि युवाओं में यदि सरकार को लेकर कोई असंतोष या भ्रम है, तो उसे संवाद के माध्यम से दूर करने का प्रयास किया जाए।
प्रधानमंत्री ने सांसदों को सोशल मीडिया और जनसंपर्क के माध्यम से युवाओं से जुड़ने और स्थानीय स्तर पर संवाद बढ़ाने पर भी जोर दिया।
शिवसेना (शिंदे) सांसदों को दिया भरोसा
बैठक में शिवसेना (शिंदे गुट) के सांसदों से प्रधानमंत्री ने कहा कि पार्टी से जुड़े सभी फैसले संविधान के दायरे में लिए गए हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सुप्रीम कोर्ट में मामला लंबित होने के बावजूद उनकी सदस्यता पर कोई खतरा नहीं है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि यदि किसी विकास परियोजना या केंद्र सरकार से जुड़े काम में कोई समस्या आती है, तो सांसद सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) या उनसे संपर्क कर सकते हैं। बैठक में शिवसेना (शिंदे गुट) के 7 सांसद, एनसीपीआई और एनसीपी (अजित पवार गुट) के सांसदों सहित करीब 45 सांसद मौजूद थे।
विकास और जनसंपर्क पर विशेष जोर
पीएम मोदी ने सांसदों से अपने संसदीय क्षेत्रों में विकास कार्यों को प्राथमिकता देने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि गरीबों, किसानों, मजदूरों और आम नागरिकों से लगातार संपर्क बनाए रखें और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए सक्रिय भूमिका निभाएं।
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने कई सांसदों से व्यक्तिगत बातचीत भी की। उन्होंने सांसदों को योग, व्यायाम और स्वास्थ्य का ध्यान रखने की सलाह देते हुए कहा कि स्वस्थ जनप्रतिनिधि ही देश की बेहतर सेवा कर सकते हैं।
पूर्वोत्तर और गठबंधन की मजबूती पर चर्चा
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के साथ-साथ पूर्वोत्तर राज्यों का विकास सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने एनडीए के सभी सहयोगी दलों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि गठबंधन में किसी दल का महत्व उसके सांसदों की संख्या से नहीं, बल्कि उसके योगदान से तय होता है।
सूत्रों के अनुसार, सरकार परिसीमन और महिला आरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विधेयकों पर व्यापक राजनीतिक सहमति बनाने की कोशिश कर रही है। यदि विशेष सत्र बुलाया जाता है और ये विधेयक आगे बढ़ते हैं, तो आने वाले समय में देश की राजनीतिक संरचना और चुनावी समीकरणों पर इसका गहरा असर पड़ सकता है।

