भारत में नेटफ्लिक्स के 10 साल पूरे होने के मौके पर कंपनी ने अपने अब तक के सबसे बड़े भारतीय प्रोडक्शन ‘ऑपरेशन सफेद सागर’ को लेकर एक बड़ी जानकारी साझा की है। नेटफ्लिक्स के को-CEO टेड सारांडोस ने बताया कि इस प्रोजेक्ट ने भारतीय अर्थव्यवस्था में 24 मिलियन अमेरिकी डॉलर (करीब 215 करोड़ रुपये) का योगदान दिया है। उन्होंने इसे ‘द नेटफ्लिक्स इफेक्ट’ का उदाहरण बताया, जिसके तहत फिल्म और वेब सीरीज जैसे प्रोडक्शन केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि रोजगार, स्थानीय उद्योग, तकनीक और क्रिएटिव सेक्टर को भी मजबूती देते हैं।
नई दिल्ली में आयोजित ‘ऑपरेशन सफेद सागर’ के वर्ल्ड प्रीमियर के दौरान टेड सारांडोस ने कहा कि नेटफ्लिक्स का हर प्रोडक्शन एक स्थानीय प्रोडक्शन भी होता है। उन्होंने कहा कि किसी भी वेब सीरीज या फिल्म के पीछे हजारों लोगों की मेहनत, तकनीकी दक्षता और रचनात्मक प्रतिभा होती है, जो उसे सफल बनाती है।
भारत में विश्वस्तरीय कंटेंट बनाने की क्षमता
सारांडोस ने कहा कि ‘ऑपरेशन सफेद सागर’ का पैमाना यह साबित करता है कि भारत के पास विश्वस्तरीय कंटेंट बनाने के लिए आवश्यक टैलेंट, तकनीकी विशेषज्ञता और प्रोडक्शन क्षमता मौजूद है। उनके मुताबिक भारतीय क्रिएटिव इंडस्ट्री अब वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने की स्थिति में पहुंच चुकी है।
उन्होंने कहा कि इस तरह के बड़े प्रोडक्शन न केवल भारतीय कलाकारों और तकनीशियनों को अवसर देते हैं, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था में भी व्यापक निवेश लेकर आते हैं।
850 से ज्यादा स्थानीय व्यवसायों को मिला लाभ
नेटफ्लिक्स के अनुसार, इस प्रोजेक्ट में 850 से अधिक स्थानीय व्यवसायों ने भागीदारी की। इसके अलावा 200 से ज्यादा कलाकारों और क्रू सदस्यों को सीधे तौर पर रोजगार मिला। सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि 4,000 से अधिक दिहाड़ी मजदूरों को 115 दिनों तक चली शूटिंग के दौरान लगातार काम मिला।
इस प्रोडक्शन से सेट निर्माण, प्रॉपर्टी डिजाइन, हॉस्पिटैलिटी, कैटरिंग, ट्रांसपोर्ट, लॉजिस्टिक्स, उपकरण किराया, लाइटिंग, वीएफएक्स, पोस्ट-प्रोडक्शन और अन्य पेशेवर सेवाओं से जुड़े कई छोटे और मध्यम व्यवसायों को आर्थिक लाभ पहुंचा।
11 शहरों में हुई 115 दिनों की शूटिंग
‘ऑपरेशन सफेद सागर’ की शूटिंग 115 दिनों तक 11 भारतीय शहरों में की गई। इनमें पटियाला, पटौदी, नोएडा, नई दिल्ली, मुंबई, मनाली, केलांग, ग्वालियर, गुरुग्राम, चंडीगढ़ और बीकानेर शामिल हैं।
इतने बड़े स्तर पर हुई शूटिंग से स्थानीय होटल, परिवहन सेवाएं, खानपान उद्योग, निर्माण सामग्री सप्लायर और तकनीकी सेवा प्रदाताओं को भी व्यापक कारोबार मिला। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के अंतरराष्ट्रीय प्रोडक्शन क्षेत्रीय अर्थव्यवस्थाओं के लिए महत्वपूर्ण अवसर पैदा करते हैं।
मनोरंजन के साथ आर्थिक विकास का मॉडल
नेटफ्लिक्स का कहना है कि ‘ऑपरेशन सफेद सागर’ केवल एक वेब सीरीज नहीं, बल्कि एक ऐसा प्रोडक्शन मॉडल है जो रोजगार सृजन, स्थानीय उद्योगों के विकास और भारतीय क्रिएटिव इकोसिस्टम में निवेश को बढ़ावा देता है।
भारत में अपने 10 साल पूरे करने के साथ नेटफ्लिक्स ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि बड़े पैमाने पर होने वाले मनोरंजन प्रोडक्शन देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। ‘ऑपरेशन सफेद सागर’ का 215 करोड़ रुपये से अधिक का आर्थिक प्रभाव इस बात का संकेत है कि भारतीय कंटेंट इंडस्ट्री अब वैश्विक निवेश और प्रोडक्शन का प्रमुख केंद्र बनती जा रही है।

