उत्तर प्रदेश सरकार ने 59,019.54 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पेश करते हुए राज्य के इंफ्रास्ट्रक्चर नेटवर्क को मजबूत करने की दिशा में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना द्वारा विधानसभा में पेश किए गए इस बजट में नए एक्सप्रेसवे, मौजूदा एक्सप्रेसवे के विस्तार और प्रमुख कनेक्टिविटी परियोजनाओं को विशेष प्राथमिकता दी गई है।
सरकार की योजना सड़क और परिवहन नेटवर्क को इस तरह विकसित करने की है कि प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों के बीच संपर्क बेहतर हो, औद्योगिक निवेश को बढ़ावा मिले और यात्रा का समय कम हो। बजट में विंध्य-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे, बुलंदशहर लिंक एक्सप्रेसवे, गंगा एक्सप्रेसवे का हरिद्वार तक विस्तार और चिल्ला एलिवेटेड रोड जैसी परियोजनाएं प्रमुख रूप से शामिल हैं।
विंध्य-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा बड़ा नेटवर्क
सरकार ने प्रयागराज से सोनभद्र तक प्रस्तावित विंध्य एक्सप्रेसवे को चंदौली और गाजीपुर के रास्ते पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ने की घोषणा की है।
इस परियोजना के पूरा होने के बाद गंगा एक्सप्रेसवे, विंध्य एक्सप्रेसवे और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे आपस में जुड़ जाएंगे। इससे पूर्वी उत्तर प्रदेश और विंध्य क्षेत्र के बीच आवागमन आसान होगा और माल परिवहन को भी गति मिलने की उम्मीद है।
नोएडा एयरपोर्ट को मिलेगा सीधा एक्सप्रेसवे कनेक्शन
अनुपूरक बजट में बुलंदशहर ग्रीनफील्ड लिंक एक्सप्रेसवे की भी घोषणा की गई है। इसका उद्देश्य जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को गंगा एक्सप्रेसवे से सीधे जोड़ना है।
यह एक्सप्रेसवे 74.467 किलोमीटर लंबा और 6 लेन का ग्रीनफील्ड कॉरिडोर होगा, जिसे भविष्य में जरूरत के अनुसार 8 लेन तक विस्तारित किया जा सकेगा।
इस परियोजना से नोएडा एयरपोर्ट, बुलंदशहर और गंगा एक्सप्रेसवे के बीच तेज और निर्बाध कनेक्टिविटी उपलब्ध होगी।
गंगा एक्सप्रेसवे अब हरिद्वार तक
सरकार ने मेरठ से प्रयागराज तक बने गंगा एक्सप्रेसवे को हरिद्वार तक बढ़ाने का भी ऐलान किया है।
विस्तार के बाद यह एक्सप्रेसवे प्रयागराज से शुरू होकर मेरठ, मुजफ्फरनगर और रुड़की के रास्ते हरिद्वार तक पहुंचेगा।
फिलहाल 594 किलोमीटर लंबा गंगा एक्सप्रेसवे प्रयागराज और मेरठ के बीच विकसित किया गया है। हरिद्वार तक विस्तार होने से उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बीच सड़क संपर्क और बेहतर होगा, साथ ही धार्मिक पर्यटन और व्यापारिक गतिविधियों को भी लाभ मिलने की संभावना है।
चिल्ला एलिवेटेड रोड से जाम से राहत
बजट में चिल्ला एलिवेटेड रोड परियोजना की भी घोषणा की गई है।
यह एलिवेटेड रोड दिल्ली के मयूर विहार स्थित चिल्ला रेगुलेटर से नोएडा के महामाया फ्लाईओवर तक बनाई जाएगी।
प्रस्तावित मार्ग नोएडा सेक्टर 14A से शुरू होकर शाहदरा ड्रेन के समानांतर MP-3 रोड तक जाएगा।
इसके बनने से नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे, यमुना एक्सप्रेसवे और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की ओर जाने वाले यात्रियों को ट्रैफिक जाम से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
अनुपूरक बजट का उद्देश्य
अनुपूरक बजट तब पेश किया जाता है जब किसी वित्त वर्ष के दौरान पहले से स्वीकृत बजट राशि पर्याप्त नहीं होती या नई और जरूरी परियोजनाओं के लिए अतिरिक्त धन की आवश्यकता होती है।
यूपी सरकार का कहना है कि इन परियोजनाओं के माध्यम से प्रदेश में लॉजिस्टिक्स, औद्योगिक विकास, निवेश और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा मिलेगा।
इंफ्रास्ट्रक्चर विशेषज्ञों का मानना है कि यदि घोषित परियोजनाएं तय समय पर पूरी होती हैं, तो उत्तर प्रदेश का एक्सप्रेसवे नेटवर्क देश के सबसे बड़े और आपस में जुड़े सड़क नेटवर्क में शामिल हो सकता है, जिससे प्रदेश की आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।

