नई दिल्ली: क्या आपको बार-बार चॉकलेट, मिठाई, चिप्स या पेस्ट्री खाने की इच्छा होती है? अगर हां, तो यह केवल स्वाद की चाह नहीं हो सकती। विशेषज्ञों का मानना है कि कई बार खाने की क्रेविंग शरीर में किसी खास पोषक तत्व की कमी का संकेत भी हो सकती है। इसलिए हर बार जंक फूड खाने के बजाय यह समझना जरूरी है कि शरीर वास्तव में क्या मांग रहा है।
न्यूट्रिशन विशेषज्ञों के अनुसार, क्रेविंग्स को पूरी तरह नजरअंदाज करना भी सही नहीं है और बिना समझे उन्हें पूरा करना भी ठीक नहीं। सही तरीका यह है कि उस इच्छा के पीछे छिपी पोषण संबंधी जरूरत को पहचाना जाए और उसी के अनुसार स्वस्थ विकल्प चुने जाएं।
चॉकलेट खाने की इच्छा क्यों होती है?
अगर आपको बार-बार चॉकलेट खाने का मन करता है, तो यह मैग्नीशियम की कमी का संकेत हो सकता है। मैग्नीशियम मांसपेशियों, नसों और ऊर्जा उत्पादन के लिए जरूरी खनिज है।
इसकी पूर्ति के लिए आप:
- कद्दू के बीज
- काजू
- पालक
- बीन्स
- बादाम
जैसे खाद्य पदार्थों का सेवन कर सकते हैं। हालांकि डार्क चॉकलेट में कुछ मात्रा में मैग्नीशियम होता है, लेकिन अधिकांश चॉकलेट में शक्कर और वसा भी अधिक होती है।
मिठाई की क्रेविंग क्या बताती है?
बार-बार मिठाई खाने की इच्छा कई बार प्रोटीन की कमी या भोजन में संतुलन की कमी का संकेत हो सकती है।
ऐसे में बेहतर विकल्प हैं:
- दही
- भुना हुआ चना
- अंडा
- पनीर
- प्रोटीन युक्त स्नैक्स
प्रोटीन का पर्याप्त सेवन लंबे समय तक पेट भरा रखने में मदद करता है और मीठा खाने की इच्छा को कम कर सकता है।
चिप्स और नमकीन खाने का मन क्यों करता है?
अगर आपको बार-बार चिप्स, नमकीन या अन्य सॉल्टी फूड्स खाने की इच्छा होती है, तो शरीर को इलेक्ट्रोलाइट्स की जरूरत हो सकती है।
इलेक्ट्रोलाइट्स की पूर्ति के लिए:
- नारियल पानी
- छाछ
- नींबू पानी
- भुना हुआ मखाना
जैसे विकल्प बेहतर माने जाते हैं। खासकर गर्मी या अधिक पसीना आने की स्थिति में इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बिगड़ सकता है।
पेस्ट्री, ब्रेड और रिफाइंड कार्ब्स की क्रेविंग
अगर आपका मन बार-बार ब्रेड, पेस्ट्री, बिस्कुट या अन्य रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट खाने का करता है, तो संभव है कि शरीर को ऊर्जा की जरूरत हो।
ऐसे समय में बेहतर विकल्प हैं:
- फल
- शकरकंद
- ओट्स
- ब्राउन राइस
- साबुत अनाज
ये खाद्य पदार्थ धीरे-धीरे ऊर्जा देते हैं और रक्त शर्करा के स्तर को अधिक स्थिर रखने में मदद करते हैं।
क्रेविंग्स को समझना क्यों जरूरी है?
विशेषज्ञों का कहना है कि क्रेविंग्स शरीर का एक संकेत हो सकती हैं, लेकिन हर क्रेविंग सीधे किसी पोषक तत्व की कमी का प्रमाण नहीं होती। तनाव, नींद की कमी, हार्मोनल बदलाव और खान-पान की आदतें भी इसके पीछे कारण हो सकती हैं।
अगर आपको लंबे समय तक किसी एक चीज की अत्यधिक क्रेविंग होती है, तो संतुलित आहार अपनाना और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर या न्यूट्रिशनिस्ट से सलाह लेना बेहतर होता है।
याद रखें, शरीर की बात सुनना जरूरी है, लेकिन उसे सही पोषण देना उससे भी ज्यादा जरूरी है। अगली बार जब मीठा, चॉकलेट या चिप्स खाने का मन करे, तो पहले यह सोचें कि शायद आपका शरीर किसी जरूरी पोषक तत्व की मांग कर रहा है।

