नई दिल्ली: मानसून का मौसम जहां गर्मी से राहत देता है, वहीं ऑयली स्किन वाले लोगों के लिए कई नई समस्याएं भी लेकर आता है। इस मौसम में हवा में नमी बढ़ने के कारण त्वचा अधिक तैलीय हो जाती है। अतिरिक्त तेल, धूल और पसीना मिलकर रोमछिद्रों (पोर्स) को बंद कर देते हैं, जिससे मुंहासे, ब्लैकहेड्स और स्किन इंफेक्शन जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं।
त्वचा विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून में ऑयली स्किन की सही देखभाल न की जाए तो एक्ने की समस्या गंभीर रूप ले सकती है। ऐसे में सही स्किनकेयर रूटीन अपनाना बेहद जरूरी है। डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. आंचल पंथ के अनुसार, इस मौसम में हल्के, नॉन-कॉमेडोजेनिक और ऑयल-कंट्रोल प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करना चाहिए।
सही क्लींजर चुनना है सबसे जरूरी
ऑयली स्किन वालों को दिन में दो बार चेहरे की सफाई करनी चाहिए। इसके लिए जेल-बेस्ड या फोमिंग क्लींजर बेहतर विकल्प माना जाता है। ऐसे क्लींजर त्वचा से अतिरिक्त तेल, धूल और गंदगी को हटाकर पोर्स को साफ रखने में मदद करते हैं।
बार-बार चेहरा धोने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे त्वचा की प्राकृतिक नमी कम हो सकती है और ऑयल प्रोडक्शन और बढ़ सकता है।
सैलिसिलिक एसिड वाला सीरम हो सकता है फायदेमंद
चेहरा साफ करने के बाद हल्का सीरम इस्तेमाल किया जा सकता है। ऑयली और एक्ने-प्रोन स्किन के लिए सैलिसिलिक एसिड युक्त सीरम काफी प्रभावी माना जाता है। यह त्वचा के अंदर जाकर पोर्स की सफाई करने, अतिरिक्त तेल नियंत्रित करने और मुंहासों को कम करने में मदद करता है।
हालांकि, संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को किसी भी एक्टिव इंग्रीडिएंट वाले प्रोडक्ट का इस्तेमाल शुरू करने से पहले त्वचा विशेषज्ञ की सलाह लेनी चाहिए।
मॉइस्चराइजर छोड़ना नहीं चाहिए
कई लोग सोचते हैं कि ऑयली स्किन को मॉइस्चराइजर की जरूरत नहीं होती, लेकिन यह धारणा गलत है। ऑयली स्किन को भी हाइड्रेशन की आवश्यकता होती है। इसलिए हल्का, ऑयल-फ्री और नॉन-कॉमेडोजेनिक मॉइस्चराइजर चुनना चाहिए।
इससे त्वचा का बैरियर मजबूत रहता है और अतिरिक्त ऑयल बनने की संभावना कम हो सकती है।
सनस्क्रीन लगाना न भूलें
मानसून में धूप कम दिखने के बावजूद यूवी किरणें त्वचा को नुकसान पहुंचा सकती हैं। इसलिए बाहर निकलने से पहले ब्रॉड-स्पेक्ट्रम, जेल-बेस्ड सनस्क्रीन लगाना जरूरी है। इससे टैनिंग, पिग्मेंटेशन और पोस्ट-एक्ने मार्क्स से बचाव में मदद मिलती है।
इन बातों का भी रखें ध्यान
- चेहरे को बार-बार हाथ न लगाएं।
- तौलिए और तकिए के कवर नियमित रूप से बदलें।
- भारी और ऑयली मेकअप प्रोडक्ट्स से बचें।
- पर्याप्त पानी पिएं और संतुलित आहार लें।
- मुंहासों को न दबाएं और न ही बार-बार छेड़ें।
अगर लगातार मुंहासे, लालिमा, दर्द या सूजन बनी रहती है, तो घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर होता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून में ऑयली स्किन की देखभाल का मूल मंत्र है — सफाई, हल्का हाइड्रेशन, सन प्रोटेक्शन और सही एक्टिव इंग्रीडिएंट्स का सीमित उपयोग। सही स्किनकेयर रूटीन अपनाकर इस मौसम में भी त्वचा को साफ, संतुलित और स्वस्थ रखा जा सकता है।

