घरेलू शेयर बाजार ने बुधवार को कमजोर वैश्विक संकेतों और चुनिंदा सेक्टरों में बिकवाली के बीच गिरावट के साथ कारोबार की शुरुआत की। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी 50 दोनों लाल निशान में खुले। हालांकि गिरावट बहुत अधिक नहीं रही, लेकिन बैंकिंग, आईटी और फार्मा शेयरों में दबाव के चलते बाजार का शुरुआती रुख कमजोर दिखाई दिया।
कारोबार की शुरुआत में बीएसई सेंसेक्स 85.16 अंक यानी 0.11 फीसदी की गिरावट के साथ 77,384.95 अंक पर खुला। वहीं निफ्टी 50 इंडेक्स 37.25 अंक यानी 0.15 फीसदी फिसलकर 24,150.45 अंक पर कारोबार शुरू करने में सफल रहा। लगातार दूसरे दिन बाजार में कमजोरी का माहौल देखने को मिला, जिससे निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया।
बाजार की चौड़ाई भी कमजोर रही। सेंसेक्स में शामिल 30 कंपनियों में से केवल 5 शेयर बढ़त के साथ खुले, जबकि 25 कंपनियों के शेयर गिरावट के साथ कारोबार करते नजर आए। वहीं निफ्टी 50 में भी सिर्फ 13 कंपनियों के शेयर हरे निशान में रहे, जबकि 37 शेयर लाल निशान में खुले। इससे साफ संकेत मिलता है कि शुरुआती कारोबार में बिकवाली का दबाव अधिकांश सेक्टरों में देखने को मिला।
आज के कारोबार में मारुति सुजुकी सेंसेक्स की सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाली कंपनी रही। कंपनी का शेयर करीब 0.71 फीसदी की बढ़त के साथ खुला। इसके अलावा महिंद्रा एंड महिंद्रा, एटरनल, ट्रेंट और एचसीएल टेक के शेयरों में भी हल्की तेजी दर्ज की गई। इन कंपनियों के शेयरों ने बाजार की कमजोरी के बावजूद सकारात्मक शुरुआत की।
दूसरी ओर, कई दिग्गज कंपनियों के शेयरों में शुरुआती कारोबार के दौरान गिरावट देखने को मिली। सबसे ज्यादा कमजोरी इंडिगो के शेयरों में रही, जो करीब 2.31 फीसदी टूटकर खुले। इसके अलावा सन फार्मा, इन्फोसिस, टेक महिंद्रा, एसबीआई, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, पावर ग्रिड, एनटीपीसी, एलएंडटी, अडाणी पोर्ट्स, बजाज फाइनेंस, टाटा स्टील, रिलायंस इंडस्ट्रीज, आईटीसी, टीसीएस, कोटक महिंद्रा बैंक, भारती एयरटेल, टाइटन, हिंदुस्तान यूनिलीवर और एशियन पेंट्स सहित कई बड़ी कंपनियों के शेयर लाल निशान में कारोबार करते दिखाई दिए।
विशेष रूप से बैंकिंग और आईटी सेक्टर के शेयरों में बिकवाली ने बाजार पर दबाव बनाया। निवेशकों की नजर अब कंपनियों के तिमाही नतीजों, वैश्विक बाजारों की चाल और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर बनी हुई है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले कारोबारी सत्रों में इन कारकों का असर घरेलू बाजार की दिशा तय करेगा।
विश्लेषकों के अनुसार, बाजार फिलहाल सीमित दायरे में कारोबार कर सकता है। यदि वैश्विक संकेत मजबूत होते हैं और कॉर्पोरेट नतीजे उम्मीद के अनुरूप आते हैं, तो बाजार में रिकवरी देखने को मिल सकती है। वहीं कमजोर अंतरराष्ट्रीय संकेत या विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी रहने पर बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।
फिलहाल शुरुआती कारोबार में निवेशकों ने सतर्क रणनीति अपनाई है। ऐसे में बाजार की आगे की दिशा दिनभर की ट्रेडिंग, वैश्विक संकेतों और सेक्टोरल प्रदर्शन पर निर्भर करेगी। निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे किसी भी निवेश निर्णय से पहले बाजार की चाल और कंपनियों से जुड़े ताजा अपडेट पर नजर बनाए रखें।

