मुंबई: अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी के पति और कारोबारी राज कुंद्रा ने वर्ष 2021 के पोर्नोग्राफी मामले को लेकर एक बार फिर अपनी चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने दावा किया कि गिरफ्तारी और आर्थर रोड जेल में बिताए 63 दिनों के कारण उनके परिवार, प्रतिष्ठा और कारोबार पर गहरा असर पड़ा। राज कुंद्रा का कहना है कि लगभग पांच वर्ष बीत जाने के बाद भी वह इस मामले में अंतिम न्यायिक फैसले का इंतजार कर रहे हैं और चाहते हैं कि दोषी होने पर उन्हें सजा दी जाए या निर्दोष होने पर सम्मानपूर्वक क्लीन चिट मिले।
राज कुंद्रा को जुलाई 2021 में मोबाइल ऐप के माध्यम से कथित रूप से अश्लील वीडियो बनाने और वितरित करने से जुड़े मामले में मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार किया था। करीब दो महीने न्यायिक हिरासत में रहने के बाद सितंबर 2021 में उन्हें जमानत मिली थी। कुंद्रा लगातार इन आरोपों से इनकार करते रहे हैं और उनका कहना है कि उनका अश्लील सामग्री के निर्माण या बिक्री से कोई संबंध नहीं था। आरोपों पर अंतिम फैसला अदालत को करना है।
गिरफ्तारी के बाद बंद करने पड़े कारोबार
राज कुंद्रा ने अपने हालिया बयान में दावा किया कि विवाद के बाद उन्होंने और शिल्पा शेट्टी ने अपने कई कारोबार बंद करने का फैसला किया। उनके अनुसार, उनके निवेश राजस्थान रॉयल्स, मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स, होम शॉपिंग और बेटे वियान के नाम पर स्थापित टेक्नोलॉजी कंपनी वियान इंडस्ट्रीज जैसे क्षेत्रों में थे।
कुंद्रा ने कहा कि इन व्यावसायिक गतिविधियों से लगभग चार हजार लोगों की आजीविका जुड़ी हुई थी। गिरफ्तारी के बाद पैदा हुए कानूनी विवाद और बदनामी के कारण उन्हें इन गतिविधियों को रोकना पड़ा। उन्होंने दावा किया कि पुलिस ने उन्हें शुरुआत में केवल बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया था, लेकिन बाद में वहीं से गिरफ्तार कर लिया गया।
‘दोषी हूं तो सजा मिले, निर्दोष हूं तो क्लीन चिट’
मामले की लंबी कानूनी प्रक्रिया पर निराशा व्यक्त करते हुए राज कुंद्रा ने कहा कि वह किसी तरह की विशेष राहत नहीं मांग रहे हैं। उनका कहना है कि सबूतों के आधार पर मामले का जल्द फैसला होना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर अदालत उन्हें दोषी पाती है तो वह परिणाम और सजा का सामना करने के लिए तैयार हैं, लेकिन निर्दोष साबित होने पर उन्हें क्लीन चिट मिलनी चाहिए।
अपने बयान के दौरान कुंद्रा ने भावनात्मक रूप से यहां तक कहा कि दोषी पाए जाने पर वह अपनी जान देने के लिए भी तैयार हैं। हालांकि, उनका मुख्य जोर मामले के निष्पक्ष और अंतिम निपटारे पर था। इससे पहले भी उन्होंने कहा था कि न्याय में देरी उनके लिए लगातार मीडिया ट्रायल, अटकलों और सार्वजनिक आलोचना का कारण बनी है।
जेल के 63 दिनों ने बदला जीवन
आर्थर रोड जेल में बिताए समय को याद करते हुए राज कुंद्रा ने इसे अपने जीवन का सबसे डरावना दौर बताया। उनके मुताबिक, जेल में कई रातें ऐसी थीं जब उन्हें यह भरोसा नहीं होता था कि वह अगली सुबह देख पाएंगे। इसके बावजूद उन्होंने कहा कि वह अपने जीवन से उस अध्याय को हटाना नहीं चाहेंगे।
कुंद्रा का मानना है कि जेल के अनुभव ने उन्हें मुश्किल परिस्थितियों का सामना करना सिखाया और यह समझने में मदद की कि संकट के समय कौन उनके साथ खड़ा रहा। उन्होंने कहा कि उन 63 दिनों के बिना वह आज के राज कुंद्रा नहीं बन पाते।
राज कुंद्रा से जुड़ा मामला अभी न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है। उनके हालिया बयान उनके निजी दावे और पक्ष को प्रस्तुत करते हैं। मामले में दोष या निर्दोषता का अंतिम निर्धारण अदालत द्वारा उपलब्ध साक्ष्यों और कानूनी कार्यवाही के आधार पर किया जाएगा।

