कीव: रूस के साथ जारी युद्ध और गंभीर आर्थिक चुनौतियों के बीच यूक्रेन में बड़ा राजनीतिक बदलाव हुआ है। यूक्रेनी संसद ने देश की सरकारी ऊर्जा कंपनी नेफ्तोगाज के पूर्व प्रमुख सेरही कोरेत्स्की को नया प्रधानमंत्री नियुक्त किया है। संसद में उनके समर्थन में 289 सांसदों ने मतदान किया, जबकि केवल एक सांसद ने नियुक्ति का विरोध किया। कोरेत्स्की ने यूलिया स्विरीडेंको की जगह ली है, जिन्होंने जुलाई 2025 से जुलाई 2026 तक प्रधानमंत्री पद संभाला था।
राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने सरकार में व्यापक फेरबदल के तहत कोरेत्स्की का नाम प्रधानमंत्री पद के लिए आगे बढ़ाया था। जेलेंस्की का कहना है कि आने वाली सर्दियों की तैयारियां, ऊर्जा आपूर्ति की सुरक्षा और युद्ध के कारण प्रभावित अर्थव्यवस्था को स्थिर करना सरकार की प्रमुख प्राथमिकताएं हैं।
कौन हैं सेरही कोरेत्स्की?
48 वर्षीय सेरही कोरेत्स्की का जन्म यूक्रेन के उत्तर-पश्चिमी शहर लुत्स्क में हुआ था। उन्होंने मैकेनिकल इंजीनियरिंग और बिजनेस इकोनॉमिक्स की पढ़ाई की है। इसके अलावा, उन्होंने कीव-मोहिला बिजनेस स्कूल से एक्जीक्यूटिव एमबीए कार्यक्रम भी पूरा किया।
कोरेत्स्की का अधिकांश करियर ऊर्जा और कारोबारी क्षेत्र में रहा है। प्रधानमंत्री बनने से पहले वह यूक्रेन की सबसे बड़ी सरकारी तेल और गैस कंपनी नेफ्तोगाज के मुख्य कार्यकारी अधिकारी थे। उन्हें मई 2025 में नेफ्तोगाज का प्रमुख नियुक्त किया गया था। इससे पहले वह यूक्रेन की प्रमुख तेल उत्पादक कंपनी उक्रनाफ्ता और ईंधन कंपनी WOG से भी जुड़े रहे।
कोरेत्स्की की नियुक्ति इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि इससे पहले उनके पास किसी राजनीतिक दल, संसद या सरकारी मंत्रालय में काम करने का अनुभव नहीं था। वह सीधे कारोबारी और ऊर्जा क्षेत्र से प्रधानमंत्री पद तक पहुंचे हैं। उन्हें मुश्किल परिस्थितियों में कंपनियों को संभालने और घाटे में चल रहे सरकारी उपक्रमों की वित्तीय स्थिति सुधारने वाले प्रबंधक के रूप में जाना जाता है।
सामने होंगी कई बड़ी चुनौतियां
सेरही कोरेत्स्की के सामने सबसे बड़ी चुनौती रूस के लगातार हमलों से यूक्रेन के ऊर्जा ढांचे को सुरक्षित रखने की होगी। पिछले कुछ वर्षों में रूस ने यूक्रेन के बिजली संयंत्रों, गैस सुविधाओं और अन्य महत्वपूर्ण ऊर्जा प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया है। ऐसे में आने वाली सर्दियों के दौरान घरों तक बिजली, गैस और गर्मी पहुंचाना नई सरकार की बड़ी परीक्षा होगी।
इसके अलावा, यूक्रेन धन की कमी, रक्षा उत्पादन बढ़ाने, अंतरराष्ट्रीय आर्थिक एवं सैन्य सहायता बनाए रखने और युद्ध से प्रभावित बुनियादी ढांचे के पुनर्निर्माण जैसी समस्याओं से जूझ रहा है। प्रधानमंत्री के रूप में कोरेत्स्की को अपने प्रबंधन अनुभव के साथ राजनीतिक कौशल और कूटनीतिक क्षमता भी दिखानी होगी।
फरवरी 2022 में रूस के व्यापक हमले के बाद कोरेत्स्की यूक्रेन के तीसरे युद्धकालीन प्रधानमंत्री बने हैं। राष्ट्रपति जेलेंस्की को उम्मीद है कि ऊर्जा क्षेत्र में उनका लंबा अनुभव देश को कठिन सर्दी और युद्ध से पैदा हुए आर्थिक संकट से निकालने में मदद करेगा। हालांकि, उनकी सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि वह संसद, सेना, अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों और सरकारी संस्थाओं के बीच कितना बेहतर तालमेल स्थापित कर पाते हैं।

