Stock Market Today 13 July 2026: पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच दोबारा बढ़े सैन्य तनाव का असर सोमवार को भारतीय शेयर बाजार पर साफ दिखाई दिया। कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल और कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच घरेलू बाजार ने सप्ताह के पहले कारोबारी दिन बड़ी गिरावट के साथ शुरुआत की।
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला प्रमुख सूचकांक बीएसई सेंसेक्स 606.04 अंक यानी 0.78 प्रतिशत गिरकर 76,963.35 के स्तर पर खुला। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 इंडेक्स 167.50 अंक या 0.69 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24,039.40 के स्तर पर खुला। शुरुआती कारोबार के दौरान बाजार में बिकवाली और बढ़ी तथा सेंसेक्स 700 अंक से ज्यादा टूट गया, जबकि निफ्टी ने 24,000 के स्तर को छुआ।
सेंसेक्स की सिर्फ दो कंपनियों में तेजी
सोमवार को बाजार की शुरुआत में निवेशकों का रुझान काफी कमजोर दिखाई दिया। सेंसेक्स में शामिल 30 कंपनियों में से सिर्फ दो कंपनियों के शेयर बढ़त के साथ खुले। 26 कंपनियों के शेयर लाल निशान में रहे, जबकि टीसीएस और पावर ग्रिड के शेयरों ने बिना किसी बड़े बदलाव के कारोबार की शुरुआत की।
एनटीपीसी का शेयर करीब 0.28 प्रतिशत की बढ़त के साथ सेंसेक्स का सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला शेयर रहा। इसके अलावा एचसीएल टेक के शेयर में लगभग 0.15 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। दूसरी तरफ, देश की प्रमुख एयरलाइन कंपनी इंडिगो का शेयर करीब 1.94 प्रतिशत की गिरावट के साथ खुला।
निफ्टी 50 में भी बाजार का दायरा बेहद कमजोर रहा। इंडेक्स में शामिल 50 कंपनियों में से केवल छह कंपनियों के शेयर हरे निशान में खुले, जबकि बाकी 44 कंपनियों में गिरावट देखने को मिली।
टेक महिंद्रा और अल्ट्राटेक सीमेंट में बड़ी गिरावट
सेंसेक्स के गिरने वाले प्रमुख शेयरों में टेक महिंद्रा करीब 1.86 प्रतिशत और अल्ट्राटेक सीमेंट लगभग 1.76 प्रतिशत नीचे खुले। एटरनल में 1.55 प्रतिशत, मारुति सुजुकी में 1.44 प्रतिशत, भारतीय स्टेट बैंक में 1.41 प्रतिशत और एशियन पेंट्स में करीब 1.32 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
इसके अलावा एलएंडटी, महिंद्रा एंड महिंद्रा, इन्फोसिस, एचडीएफसी बैंक, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, रिलायंस इंडस्ट्रीज, आईसीआईसीआई बैंक, अडाणी पोर्ट्स, भारती एयरटेल और टाटा स्टील के शेयर भी लाल निशान में कारोबार करते दिखाई दिए। बैंकिंग, ऑटो, आईटी, मेटल और फाइनेंशियल सर्विसेज सहित सभी प्रमुख सेक्टोरल इंडेक्स दबाव में रहे।
कच्चे तेल की कीमतों ने बढ़ाई चिंता
भारतीय बाजार में गिरावट की सबसे बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव तथा कच्चे तेल की कीमतों में आया उछाल माना जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड करीब चार प्रतिशत बढ़कर 79 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें भारत के लिए महंगाई, रुपये की कमजोरी और आयात खर्च बढ़ने की चिंता पैदा करती हैं।
इससे पहले पिछले सप्ताह सेंसेक्स 194.52 अंक यानी 0.25 प्रतिशत और निफ्टी 63.95 अंक यानी करीब 0.26 प्रतिशत गिरकर बंद हुआ था। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, भू-राजनीतिक तनाव, कच्चे तेल की चाल, रुपये की स्थिति और कंपनियों के तिमाही नतीजे आने वाले कारोबारी सत्रों में बाजार की दिशा तय करेंगे। निवेशकों को फिलहाल बाजार में तेज उतार-चढ़ाव के लिए तैयार रहना पड़ सकता है।

