अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच बुशहर न्यूक्लियर पावर प्लांट को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। ईरानी मीडिया में बुशहर प्रांत के पास धमाकों की आवाज सुनाई देने की रिपोर्ट के बाद यह दावा किया गया कि अमेरिकी हमलों के दौरान मिसाइलों के टुकड़े न्यूक्लियर फैसिलिटी के आसपास गिरे। हालांकि ईरान ने इन खबरों को खारिज करते हुए कहा है कि बुशहर न्यूक्लियर पावर प्लांट को किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचा है।
अमेरिका ने हालिया कार्रवाई को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में शिपिंग सुरक्षा से जोड़ते हुए ईरान के खिलाफ ताजा हमले किए। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक, इन हमलों का मकसद ईरान की उन क्षमताओं को कमजोर करना था, जिनसे वह अंतरराष्ट्रीय समुद्री आवाजाही को प्रभावित कर सकता है। रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी हमलों में ईरान के तटीय और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया।
बुशहर प्रांत में धमाकों की खबरों के बाद यह आशंका बढ़ गई थी कि क्या ईरान के न्यूक्लियर पावर प्लांट को निशाना बनाया गया है। लेकिन ईरानी अधिकारियों ने साफ किया कि प्लांट सुरक्षित है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान की मेहर न्यूज एजेंसी ने बुशहर प्रांत में हमलों की पुष्टि की, लेकिन कहा कि बुशहर न्यूक्लियर पावर प्लांट को कोई नुकसान नहीं हुआ।
बुशहर के गवर्नर मोहम्मद मुज़फ़्फ़री ने भी उन रिपोर्ट्स को गलत बताया, जिनमें दावा किया गया था कि न्यूक्लियर फैसिलिटी पर हमला हुआ। उन्होंने खारग द्वीप पर हमले की खबरों से भी इनकार किया। खारग द्वीप ईरान के लिए बेहद अहम माना जाता है, क्योंकि यहां से देश के कच्चे तेल निर्यात का बड़ा हिस्सा प्रोसेस होता है। ईरानी प्रशासन का कहना है कि इन दोनों जगहों पर कोई बड़ी घटना नहीं हुई है।
बुशहर न्यूक्लियर पावर प्लांट ईरान की सबसे अहम परमाणु परियोजनाओं में शामिल है। यह रूसी तकनीक और सहयोग से तैयार किया गया था। हालिया संघर्षों में नतांज, फोर्डो और इस्फहान जैसी न्यूक्लियर फैसिलिटीज पहले चर्चा में रही हैं, लेकिन बुशहर को लेकर किसी बड़े नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है। Reuters के अनुसार, बुशहर प्रांत में धमाकों की आवाज जरूर सुनी गई, लेकिन प्लांट को लेकर नुकसान की पुष्टि नहीं हुई।
इस बीच, ईरानी मीडिया ने दावा किया है कि अमेरिकी हमलों में उत्तरी गोलेस्तान प्रांत का ‘अक ताक़ेह खान’ रेलवे पुल भी क्षतिग्रस्त हुआ है। यह पुल ईरान को तुर्कमेनिस्तान और कज़ाकिस्तान के रास्ते चीन से जोड़ने वाले अहम व्यापारिक रूट का हिस्सा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस रूट का इस्तेमाल रूस से माल ढुलाई के लिए भी किया जाता था और पुल की मरम्मत जल्द पूरी होने की बात कही गई है।
ईरान ने अमेरिकी हमलों की कड़ी निंदा करते हुए इन्हें आक्रामक कार्रवाई और गंभीर युद्ध अपराध बताया है। तेहरान ने वॉशिंगटन पर युद्ध समाप्ति से जुड़े अंतरिम समझौते का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। फिलहाल क्षेत्र में तनाव बना हुआ है और बुशहर प्लांट को लेकर ईरान का आधिकारिक रुख यही है कि न्यूक्लियर फैसिलिटी सुरक्षित है।

