मेलबर्न: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज के बीच गुरुवार को मेलबर्न में हुई उच्चस्तरीय वार्ता के बाद भारत-ऑस्ट्रेलिया रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए कई अहम समझौतों की घोषणा की गई। दोनों नेताओं ने रक्षा, ऊर्जा, व्यापार, निवेश, साइबर सुरक्षा, महत्वपूर्ण तकनीक, सप्लाई चेन और इंडो-पैसिफिक सुरक्षा जैसे मुद्दों पर मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता जताई। इस मुलाकात को दोनों देशों के रिश्तों में एक नए अध्याय के रूप में देखा जा रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने मेलबर्न में अपने और भारतीय प्रतिनिधिमंडल के भव्य स्वागत के लिए ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज का आभार जताया। उन्होंने कहा कि अल्बानीज के व्यक्तिगत प्रयासों और प्रतिबद्धता ने भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों को नई ऊंचाई दी है। पीएम मोदी ने कहा कि आज भारत और ऑस्ट्रेलिया स्वाभाविक और भरोसेमंद साझेदार के रूप में आगे बढ़ रहे हैं, खासकर ऐसे समय में जब दुनिया सप्लाई चेन, ऊर्जा सुरक्षा और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं जैसी चुनौतियों का सामना कर रही है।
वार्ता का सबसे बड़ा फैसला ऊर्जा सहयोग से जुड़ा रहा। ऑस्ट्रेलिया ने भारत को शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए यूरेनियम निर्यात का रास्ता साफ कर दिया है। दोनों देशों ने 2014 के नागरिक परमाणु सहयोग समझौते को आगे बढ़ाने वाली व्यवस्था पर सहमति जताई है। इस समझौते के तहत ऑस्ट्रेलियाई यूरेनियम भारत के न्यूक्लियर एनर्जी सेक्टर में इस्तेमाल किया जा सकेगा। भारत 2047 तक 100 गीगावॉट न्यूक्लियर एनर्जी क्षमता हासिल करने के लक्ष्य पर काम कर रहा है, ऐसे में यह समझौता ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है।
ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज ने कहा कि यह समझौता दोनों देशों के बीच बढ़ते भरोसे और साझा भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि भारत और ऑस्ट्रेलिया क्लीन एनर्जी, रिन्यूएबल एनर्जी, ग्रीन हाइड्रोजन और क्रिटिकल मिनरल्स जैसे क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ाएंगे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों पक्ष लो-कार्बन एल्युमिनियम प्रोजेक्ट्स और महत्वपूर्ण खनिजों की सुरक्षित सप्लाई चेन पर भी मिलकर काम करेंगे।
दोनों नेताओं ने रक्षा और सुरक्षा सहयोग को भी और मजबूत करने पर जोर दिया। भारत और ऑस्ट्रेलिया ने इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समुद्री सुरक्षा को लेकर साझा प्रतिबद्धता दोहराई। इसके अलावा आतंकवादी गतिविधियों से जुड़ी सूचनाओं के आदान-प्रदान को बढ़ाने और साइबर सुरक्षा में सहयोग मजबूत करने पर भी सहमति बनी।
व्यापार और निवेश के मोर्चे पर भी यह मुलाकात अहम रही। पीएम मोदी और अल्बानीज ने भारत-ऑस्ट्रेलिया CEO फोरम और इकोनॉमिक रोडमैप बिजनेस रिसेप्शन में हिस्सा लिया। इस दौरान पीएम मोदी ने ऑस्ट्रेलियाई कंपनियों को भारत में इंफ्रास्ट्रक्चर, क्लीन एनर्जी, डिजिटल टेक्नोलॉजी और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में निवेश के लिए आमंत्रित किया। रिपोर्ट्स के अनुसार, ऑस्ट्रेलियन सुपर भारत के नेशनल इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर फंड में अतिरिक्त निवेश करेगा।
पीएम मोदी का यह ऑस्ट्रेलिया दौरा उनके तीन देशों के दौरे का दूसरा चरण है। ऑस्ट्रेलिया के बाद वह न्यूजीलैंड के लिए रवाना होंगे, जहां द्विपक्षीय सहयोग और भारतीय समुदाय से जुड़े कार्यक्रमों में हिस्सा लेने की उम्मीद है।

